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कानपुर अग्निकांड : माँ बेटी की जिंदा जलकर मौत, सरकार पर लगा ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप

कानपुर अग्निकांड : माँ बेटी की जिंदा जलकर मौत, सरकार पर लगा ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप
कानपुर अग्निकांड

कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में सोमवार को हुई अग्निकांड की घटना से सियासत तेज़ हो गई है. विपक्षी दल सरकार पर हमलावर है, सपा ने भाजपा सरकार को ब्राह्मण विरोधी कहा है.

Kanpur News : कानपुर देहात में सोमवार को हुए अग्निकांड के बाद प्रदेश में सियासत तेज़ हो गई है. विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं. समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताया है. 

समाजवादी पार्टी के नेता मनोज पांडे ने बीजेपी सरकार पर ब्राह्मणों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाया है. मीडिया  से बातचीत पर मनोज पांडे ने कहा कि ‘बिना किसी नोटिस के उस ब्राह्मण परिवार को सताया गया, जो बकरी पालकर अपना जीवन चलाता था. ये शर्म की बात है कि एक मां और बेटी को धूं-धूं कर जलना पड़ा. मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है, जिसके लिए यह सरकार जिम्मेदार है.’

क्या है पूरा मामला..

कानपुर देहात जिले के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में पुलिस-प्रशासन सोमवार को सरकारी जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने गया था. इसी दौरान एक महिला चिल्लाते हुए दौड़कर झोपड़ी में चली गई और उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद मौके पर उपस्थित पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया और इसी दौरान झोपड़ी में आग गई. महिला और उसकी बेटी अंदर थीं. पुलिस फोर्स और अफसरों के सामने दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई. वहीं, दोनों को बचाने में पति कृष्ण गोपाल बुरी तरह झुलस गए.

मृतका के बेटे शिवम द्वारा एफआईआर में दी गई जानकारी के मुताबिक, 12 फरवरी, सोमवार को दोपहर 3 बजे वह अपने माता-पिता और बहन के साथ झोपड़ी में आराम कर रहे थे. झोपड़ी के अंदर 22 बकरियां भी थीं. इस दौरान एसडीएम मैथा जानेश्वर प्रसाद, कानूनगो मैथा, ग्राम मडौली के लेखपाल अशोक सिंह, थाना रुरा के एसएचओ दिनेश कुमार गौतम अपने 12 से 15 पुरुष-महिला सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे. इनके साथ दीपक नामक जेसीबी ड्राइवर भी मौजूद था.

शिवम का आरोप है कि उनके माता-पिता और बहन को बिना सचेत किए ही झोपड़ी को गिरा दिया गया. शिवम का दावा है कि लेखपाल अशोक सिंह द्वारा आग लगवा दी गई और एसडीएम मैथा द्वारा कहा गया कि ‘आग लगा दो झोपड़ी में, कोई बचने न पाए.’ शिवम के अनुसार, किसी तरह से वह आग से बाहर निकले तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीटा और फिर से आग के हवाले करने की कोशिश की. इस हादसे में शिवम की मां और बहन की मौत हो गई जबकि उनके पिता बुरी तरह से झुलस गए.शिवम ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

14 Feb 2023 By Shubham Mishra

कानपुर अग्निकांड : माँ बेटी की जिंदा जलकर मौत, सरकार पर लगा ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप

Kanpur News : कानपुर देहात में सोमवार को हुए अग्निकांड के बाद प्रदेश में सियासत तेज़ हो गई है. विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं. समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताया है. 

समाजवादी पार्टी के नेता मनोज पांडे ने बीजेपी सरकार पर ब्राह्मणों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाया है. मीडिया  से बातचीत पर मनोज पांडे ने कहा कि ‘बिना किसी नोटिस के उस ब्राह्मण परिवार को सताया गया, जो बकरी पालकर अपना जीवन चलाता था. ये शर्म की बात है कि एक मां और बेटी को धूं-धूं कर जलना पड़ा. मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है, जिसके लिए यह सरकार जिम्मेदार है.’

क्या है पूरा मामला..

कानपुर देहात जिले के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में पुलिस-प्रशासन सोमवार को सरकारी जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने गया था. इसी दौरान एक महिला चिल्लाते हुए दौड़कर झोपड़ी में चली गई और उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद मौके पर उपस्थित पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया और इसी दौरान झोपड़ी में आग गई. महिला और उसकी बेटी अंदर थीं. पुलिस फोर्स और अफसरों के सामने दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई. वहीं, दोनों को बचाने में पति कृष्ण गोपाल बुरी तरह झुलस गए.

मृतका के बेटे शिवम द्वारा एफआईआर में दी गई जानकारी के मुताबिक, 12 फरवरी, सोमवार को दोपहर 3 बजे वह अपने माता-पिता और बहन के साथ झोपड़ी में आराम कर रहे थे. झोपड़ी के अंदर 22 बकरियां भी थीं. इस दौरान एसडीएम मैथा जानेश्वर प्रसाद, कानूनगो मैथा, ग्राम मडौली के लेखपाल अशोक सिंह, थाना रुरा के एसएचओ दिनेश कुमार गौतम अपने 12 से 15 पुरुष-महिला सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे. इनके साथ दीपक नामक जेसीबी ड्राइवर भी मौजूद था.

शिवम का आरोप है कि उनके माता-पिता और बहन को बिना सचेत किए ही झोपड़ी को गिरा दिया गया. शिवम का दावा है कि लेखपाल अशोक सिंह द्वारा आग लगवा दी गई और एसडीएम मैथा द्वारा कहा गया कि ‘आग लगा दो झोपड़ी में, कोई बचने न पाए.’ शिवम के अनुसार, किसी तरह से वह आग से बाहर निकले तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीटा और फिर से आग के हवाले करने की कोशिश की. इस हादसे में शिवम की मां और बहन की मौत हो गई जबकि उनके पिता बुरी तरह से झुलस गए.शिवम ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

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