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Hartalika teej Ki Katha:कब है हरतालिका तीज औऱ क्या है इसकी कथा जानें

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भाद्र मास की तृतीया तिथि को महिलाएं औऱ लड़कियां तीज का व्रत रखती हैं।आइए जानतें हैं इस साल यह किस तारीख़ को है औऱ क्या है इसकी कथा.Hartalika Teej Ki Katha Hartalika teej 2021

Hartalika teej 2021:कुंआरी लड़कियां सुयोग्य औऱ सुंदर वर पाने के लिए औऱ विवाहित स्त्रियां पति की लंबी आयु के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं।यूपी बिहार सहित देश के कई हिस्सों में मनाए जाने वाला यह प्रमुख व्रत एवं त्योहार है।भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यह मनाया जाता है।2021 में यह व्रत 9 सितम्बर को है।Hartalika Teej 2021 Kab Hai

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Hartalika Teej Ki Katha हरतालिका तीज व्रत कथा..

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां पार्वती कई जन्मों से शिव जी को पति के रूप में पाना चाहती थी।इसके लिए मां पार्वती ने बाल अवस्था से ही तपस्या करने लगी थीं।मां पार्वती इस तपस्या के दौरान अन्न और जल ग्रहण नहीं करती थी।इस दौरान वह सिर्फ सूखे पत्ते चबाकर ही पूरा तप किया करती थीं। माता को इस अवस्था में देखकर उनके परिजन बहुत दुखी थे। Teeja Ki Katha

एक दिन नारद मुनि विष्णु जी की ओर से पार्वती माता के विवाह का प्रस्ताव लेकर उनके पिता के पास गए।उनके पिता तुंरत मान गए लेकिन जब मां पार्वती को यह ज्ञात हुआ तो उनका मन काफी दुखी हुआ और वे रोने लगीं।मां पार्वती को इस पीड़ा से गुजरता देख एक सखी ने उनकी माता से कारण पूछा।देवी पार्वती की माता ने बताया कि पार्वती शिव जी को पाने के लिए तप कर रही है लेकिन उनके पिता विवाह विष्णु जी से करना चाहते हैं।पूरी बात जानने के बाद सखी ने मां पार्वती को एक वन में जाने की सलाह दी। Har talika teej vrat katha in hindi

मां पार्वती ने सखी की सलाह मानते हुए वन में जाकर शिव जी तपस्या में लीन हो गईं।भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की तृतीया (Hartalika Teej) को माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग बनाया और शिव स्तुति करने लगी।मां पार्वती ने रात भर शिव जी का जागरण किया। काफी कठोर तपस्या के बाद शिव जी ने मां पार्वती को दर्शन देकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। Hartalika teej ki katha

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