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फतेहपुर:चौक अतिक्रमण:भाजपा सरकार के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा कहा-

फतेहपुर:चौक अतिक्रमण:भाजपा सरकार के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा कहा-
अतिक्रमण के विरोध में चौक व्यापारी

अतिक्रमण अभियान का विरोध कर रहे चौक के व्यापारियों ने रविवार को भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और चौक नहीं तो वोट नहीं की बात कहते हुए अपनी आवाज़ बुलंद की।ऐसे में क्या माना जाए कि आने वाले लोकसभा चुनाव में ये भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है।पढ़े युगान्तर प्रवाह कि एक रिपोर्ट..

फ़तेहपुर: भाजपा का परंपरागत वोट बैंक व्यापारी वर्ग वैसे भी जीएसटी औऱ नोटबन्दी के बाद से प्रभावित था औऱ भाजपा से विरक्त होता जा रहा था। किसी तरह नोटबन्दी के बाद से जैसे तैसे अपने व्यापार को फिर से स्थापित कर रहा था। लेकिन फतेहपुर में एक बार फ़िर व्यापारियों को अपने व्यापार के चौपट होने की शंका सता रही है जिसका कारण है चौक पहुंचा अतिक्रमण अभियान।


अतिक्रमण अभियान के विरोध में पिछले तीन दिनों से अनशन में बैठे चौक के व्यापारियों ने रविवार को भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।साथ ही स्थानीय विधायक और सांसद की ओर से भी व्यापारी हितों में मदद न होता देख आज "चौक नहीं तो वोट नहीं" का नारा बुलंद किया।
युगान्तर प्रवाह से बातचीत के दौरान  व्यापारी नेता रवि प्रकाश दुबे ने  कहा कि,जिला प्रशासन पिछले कई महीनों से तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाए हुए है जिसके चलते लगभग का अस्सी प्रतिशत व्यापारी रोड पर आ गया है पहले प्रशासन उनके व्यापार को स्थापित करने की व्यवस्था करे।वहीं व्यापारी पप्पन रस्तोगी का कहना है कि, हम लोग नाले के ऊपर का तो अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार हैं लेकिन नाले के बाहर अतिक्रमण के नाम पर एक भी इंच जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं।यदि हमारा व्यापार ही खत्म हो गया तो हम लोग सड़क पर आ जाएंगे औऱ हमारे बच्चे भूखे मरने को मजबूर हो जाएंगे इसलिए हम लोगों की मांग है यदि "चौक नहीं तो वोट नहीं"।
लेक़िन लोगों के ज़ेहन में अब भी वही सवाल बाक़ी है आखिर कब तक,चौक के व्यापारी धरना देंगे? और क्या चौक के व्यापारियों की मांग जिलाधिकारी मानेंगे?

16 Dec 2018 By Vishwa Deepak Awasthi

फतेहपुर:चौक अतिक्रमण:भाजपा सरकार के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा कहा-

फ़तेहपुर: भाजपा का परंपरागत वोट बैंक व्यापारी वर्ग वैसे भी जीएसटी औऱ नोटबन्दी के बाद से प्रभावित था औऱ भाजपा से विरक्त होता जा रहा था। किसी तरह नोटबन्दी के बाद से जैसे तैसे अपने व्यापार को फिर से स्थापित कर रहा था। लेकिन फतेहपुर में एक बार फ़िर व्यापारियों को अपने व्यापार के चौपट होने की शंका सता रही है जिसका कारण है चौक पहुंचा अतिक्रमण अभियान।


अतिक्रमण अभियान के विरोध में पिछले तीन दिनों से अनशन में बैठे चौक के व्यापारियों ने रविवार को भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।साथ ही स्थानीय विधायक और सांसद की ओर से भी व्यापारी हितों में मदद न होता देख आज "चौक नहीं तो वोट नहीं" का नारा बुलंद किया।
युगान्तर प्रवाह से बातचीत के दौरान  व्यापारी नेता रवि प्रकाश दुबे ने  कहा कि,जिला प्रशासन पिछले कई महीनों से तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाए हुए है जिसके चलते लगभग का अस्सी प्रतिशत व्यापारी रोड पर आ गया है पहले प्रशासन उनके व्यापार को स्थापित करने की व्यवस्था करे।वहीं व्यापारी पप्पन रस्तोगी का कहना है कि, हम लोग नाले के ऊपर का तो अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार हैं लेकिन नाले के बाहर अतिक्रमण के नाम पर एक भी इंच जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं।यदि हमारा व्यापार ही खत्म हो गया तो हम लोग सड़क पर आ जाएंगे औऱ हमारे बच्चे भूखे मरने को मजबूर हो जाएंगे इसलिए हम लोगों की मांग है यदि "चौक नहीं तो वोट नहीं"।
लेक़िन लोगों के ज़ेहन में अब भी वही सवाल बाक़ी है आखिर कब तक,चौक के व्यापारी धरना देंगे? और क्या चौक के व्यापारियों की मांग जिलाधिकारी मानेंगे?

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