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Eknath Shinde Biography In Hindi:महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कैसा रहा है सियासी सफ़र जानें उनके बारे में सबकुछ

Eknath Shinde Biography In Hindi:महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कैसा रहा है सियासी सफ़र जानें उनके बारे में सबकुछ
Eknath Shinde Biography In Hindi

महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में एकनाथ शिंदे ने बुधवार देर शाम शपथ ली.महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल लाने वाले एकनाथ शिंदे कौन हैं.आइए जानते हैं. Ekanath Shinde Biography In Hindi Ekanath Shinde Ke bare Me

Eknanth Shinde Biography In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल लाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज़ हुए एकनाथ शिंदे का नाम इस वक्त पूरे देश में चर्चा में है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो राजनीति में आने से पहले एकनाथ मुंबई में ऑटो भी चलाकर अपना गुज़र बसर कर चुके हैं.

9 फ़रवरी 1964 को एकनाथ शिंदे का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था. इनके पिता का नाम सम्भाजी नाडू शिंदे है.साधारण परिवार से आने वाले शिंदे ने मात्र दसवीं तक की पढ़ाई की है. जब ग्यारहवीं में थे तभी इन्होंने ऑटो चलाना शुरू कर दिया था.

इसी बीच शिंदे की मुलाक़ात शिवसेना के महानायक कहे जाने वाले आनंद दीगे से हो गए. दीगे शिंदे को राजनीति में लाए.1980 से साल 2000 तक शिंदे ने शिवसेना की खूब सेवा की, 1997 में ठाणे नगरनिगम के कॉर्पोरेटर बने.

शिंदे शिवसेना में चमकने लगे थे यह उनकी राजनीति का पीक पॉइंट था लेकिन एक वक़्त ऐसा आया जब शिंदे बुरी तरह से टूट गए थे. साल 2000 की 2 जून को शिंदे की जिंदगी में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. एकनाथ अपने 11 साल के बेटे दीपेश और 7 साल की बेटी के साथ सतारा में घूमने गए थे. Eknath Shinde Biography In Hindi

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बोटिंग करने के दौरान बोट नदी में पलट गई और उनकी आंखों के सामने उनके दोनों बच्चे डूब गए. इस हादसे  के बाद शिंदे बिखर गए थे और सब कुछ त्याग देने का फैसला कर लिया था. और राजनीति को अलविदा कह दिया था. 

Read More: Mahoba News: बीच सड़क जलशक्ति मंत्री और भाजपा विधायक में तीखा विवाद ! काफिला रोकने से मचा बवाल, अखिलेश ने ली चुटकी

अपने बच्चों की मौत देखने के बाद शिंदे गहरे डिप्रेशन में चले गए थे, वो किसी से मिलना नहीं चाहते थे, कहीं भी जाते नहीं थे, उस वक़्त वो अकेले पड़ गए थे. तब उनके राजनितिक गुरु आनंद दीगे ने उन्हें वापस शिवसेना में बुलाया था.

Read More: UP Chunav 2027: क्या मायावती एक बार फिर लगाएंगी ब्राह्मणों पर दांव, 2007 दोहराने की है तैयारी, जानिए रणनीति

2004 में शिंदे पहली बार शिवसेना विधायक बने और 2009, 2014, 2019 और 2014 में लगातार विधायक बनते रहे. साल 2014 में बीजेपी की सरकार के दौरान शिंदे कांग्रेस के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष भी बने थे. Eknath Shinde Kaun Hai

तत्कालीन सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें PWD मंत्री बना दिया, 2019 में जब शिवसेना ने बीजेपी का साथ छोड़ कांग्रेस और NCP के सहारे सरकार बनाई तो शिंदे ने इसका विरोध किया। लेकिन शिवसेना में बड़ा कद रखने के चलते उन्हें महाराष्ट्र का परिवार कल्याण मंत्री, नगरविकास मंत्री और विधायक दल का नेता चुनना पड़ा. क्योंकि शिवसेना में शिंदे उद्धव ठाकरे से ज़्यादा अनुभवी और काबिल नेता थे. Eknath Shinde Biography 

इसके बाद 2022 की शुरुआत से शिंदे की बगावत उद्धव सरकार से तेज़ हो गई. इस बीच जून में एकनाथ शिंदे शिवसेना के 37 विधायकों को लेकर असम गुवाहाटी निकल गए. इतने सारे विधायकों के बागी हो जाने से कांग्रेस औऱ एनसीपी गठबंधन से चल रही उद्धव सरकार डांवाडोल हो गई. औऱ फ्लोर टेस्ट से पहले ही उद्धव ठाकरे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. इसके बाद गुरुवार को बीजेपी के सहयोग से एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. Ekanath Shinde Poltical Journey In Hindi

30 Jun 2022 By Shubham Mishra

Eknath Shinde Biography In Hindi:महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कैसा रहा है सियासी सफ़र जानें उनके बारे में सबकुछ

Eknanth Shinde Biography In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल लाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज़ हुए एकनाथ शिंदे का नाम इस वक्त पूरे देश में चर्चा में है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो राजनीति में आने से पहले एकनाथ मुंबई में ऑटो भी चलाकर अपना गुज़र बसर कर चुके हैं.

9 फ़रवरी 1964 को एकनाथ शिंदे का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था. इनके पिता का नाम सम्भाजी नाडू शिंदे है.साधारण परिवार से आने वाले शिंदे ने मात्र दसवीं तक की पढ़ाई की है. जब ग्यारहवीं में थे तभी इन्होंने ऑटो चलाना शुरू कर दिया था.

इसी बीच शिंदे की मुलाक़ात शिवसेना के महानायक कहे जाने वाले आनंद दीगे से हो गए. दीगे शिंदे को राजनीति में लाए.1980 से साल 2000 तक शिंदे ने शिवसेना की खूब सेवा की, 1997 में ठाणे नगरनिगम के कॉर्पोरेटर बने.

शिंदे शिवसेना में चमकने लगे थे यह उनकी राजनीति का पीक पॉइंट था लेकिन एक वक़्त ऐसा आया जब शिंदे बुरी तरह से टूट गए थे. साल 2000 की 2 जून को शिंदे की जिंदगी में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. एकनाथ अपने 11 साल के बेटे दीपेश और 7 साल की बेटी के साथ सतारा में घूमने गए थे. Eknath Shinde Biography In Hindi

बोटिंग करने के दौरान बोट नदी में पलट गई और उनकी आंखों के सामने उनके दोनों बच्चे डूब गए. इस हादसे  के बाद शिंदे बिखर गए थे और सब कुछ त्याग देने का फैसला कर लिया था. और राजनीति को अलविदा कह दिया था. 

अपने बच्चों की मौत देखने के बाद शिंदे गहरे डिप्रेशन में चले गए थे, वो किसी से मिलना नहीं चाहते थे, कहीं भी जाते नहीं थे, उस वक़्त वो अकेले पड़ गए थे. तब उनके राजनितिक गुरु आनंद दीगे ने उन्हें वापस शिवसेना में बुलाया था.

2004 में शिंदे पहली बार शिवसेना विधायक बने और 2009, 2014, 2019 और 2014 में लगातार विधायक बनते रहे. साल 2014 में बीजेपी की सरकार के दौरान शिंदे कांग्रेस के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष भी बने थे. Eknath Shinde Kaun Hai

तत्कालीन सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें PWD मंत्री बना दिया, 2019 में जब शिवसेना ने बीजेपी का साथ छोड़ कांग्रेस और NCP के सहारे सरकार बनाई तो शिंदे ने इसका विरोध किया। लेकिन शिवसेना में बड़ा कद रखने के चलते उन्हें महाराष्ट्र का परिवार कल्याण मंत्री, नगरविकास मंत्री और विधायक दल का नेता चुनना पड़ा. क्योंकि शिवसेना में शिंदे उद्धव ठाकरे से ज़्यादा अनुभवी और काबिल नेता थे. Eknath Shinde Biography 

इसके बाद 2022 की शुरुआत से शिंदे की बगावत उद्धव सरकार से तेज़ हो गई. इस बीच जून में एकनाथ शिंदे शिवसेना के 37 विधायकों को लेकर असम गुवाहाटी निकल गए. इतने सारे विधायकों के बागी हो जाने से कांग्रेस औऱ एनसीपी गठबंधन से चल रही उद्धव सरकार डांवाडोल हो गई. औऱ फ्लोर टेस्ट से पहले ही उद्धव ठाकरे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. इसके बाद गुरुवार को बीजेपी के सहयोग से एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. Ekanath Shinde Poltical Journey In Hindi

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