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Emergency In Shree Lanka:श्री लंका में आपातकाल का ऐलान

Emergency In Shree Lanka:श्री लंका में आपातकाल का ऐलान
Emergency In Shree Lanka

भारत के पड़ोसी देश श्री लंका में आपातकाल (Emergency In Shree Lanka) का ऐलान कर दिया गया है. आज रात से वहां इमरजेंसी (आपातकाल) लागू हो जाएगी.इसकी पुष्टि श्रीलंका के राष्ट्रपति के मीडिया डिवीजन ने की है. Shree lanka me apatakal

Shree Lanka News:आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में इमरजेंसी (आपातकाल) लागू कर दिया गया है. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने इसकी घोषणा की है.अधिकारी ने कहा कि आपातकाल शुक्रवार मध्यरात्रि से प्रभावी होगा.

बता दें कि श्रीलंका में लोग लगातार सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.और इसी बीच अब राष्ट्रपति ने आपातकाल लागू करने का फैसला लिया है.

जानकारों का कहना है कि श्रीलंका में संकट कई सालों से पनप रहा था, जिसकी एक वजह सरकार का ग़लत प्रबंधन भी माना जाता है.

विशेषज्ञों के मुताबिक़, पिछले एक दशक के दौरान श्रीलंकाई सरकार ने सार्वजनिक सेवाओं के लिए विदेशों से बड़ी रकम कर्ज़ के रूप में ली.

बढ़ते कर्ज़ के अलावा कई दूसरी चीज़ों ने भी देश की अर्थव्यवस्था पर चोट की. जिनमें भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से लेकर मानव निर्मित तबाही तक शामिल है. इसमें रासायनिक उर्वरकों पर सरकार का प्रतिबंध शामिल है, जिसने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया.

सरकारी कर्ज़ का भुगतान करने के लिए श्रीलंका को अपने विदेशी मुद्रा भंडार का रुख करना पड़ा, जिसके चलते इस साल भंडार घटकर 2.2 बिलियन डॉलर हो गया, जो 2018 में 6.9 बिलियन डॉलर था. इससे ईंधन और अन्य ज़रूरी चीज़ों के आयात पर असर पड़ा और कीमतें बढ़ गईं.

आर्थिक तंगी के चलते आम लोगों की जिंदगी पहले से ख़राब थी, अब आपातकाल की घोषणा से श्रीलंका के हालात आने वाले दिनों में औऱ भी भयावह हो सकते हैं.

06 May 2022 By Shubham Mishra

Emergency In Shree Lanka:श्री लंका में आपातकाल का ऐलान

Shree Lanka News:आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में इमरजेंसी (आपातकाल) लागू कर दिया गया है. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने इसकी घोषणा की है.अधिकारी ने कहा कि आपातकाल शुक्रवार मध्यरात्रि से प्रभावी होगा.

बता दें कि श्रीलंका में लोग लगातार सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.और इसी बीच अब राष्ट्रपति ने आपातकाल लागू करने का फैसला लिया है.

जानकारों का कहना है कि श्रीलंका में संकट कई सालों से पनप रहा था, जिसकी एक वजह सरकार का ग़लत प्रबंधन भी माना जाता है.

विशेषज्ञों के मुताबिक़, पिछले एक दशक के दौरान श्रीलंकाई सरकार ने सार्वजनिक सेवाओं के लिए विदेशों से बड़ी रकम कर्ज़ के रूप में ली.

बढ़ते कर्ज़ के अलावा कई दूसरी चीज़ों ने भी देश की अर्थव्यवस्था पर चोट की. जिनमें भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से लेकर मानव निर्मित तबाही तक शामिल है. इसमें रासायनिक उर्वरकों पर सरकार का प्रतिबंध शामिल है, जिसने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया.

सरकारी कर्ज़ का भुगतान करने के लिए श्रीलंका को अपने विदेशी मुद्रा भंडार का रुख करना पड़ा, जिसके चलते इस साल भंडार घटकर 2.2 बिलियन डॉलर हो गया, जो 2018 में 6.9 बिलियन डॉलर था. इससे ईंधन और अन्य ज़रूरी चीज़ों के आयात पर असर पड़ा और कीमतें बढ़ गईं.

आर्थिक तंगी के चलते आम लोगों की जिंदगी पहले से ख़राब थी, अब आपातकाल की घोषणा से श्रीलंका के हालात आने वाले दिनों में औऱ भी भयावह हो सकते हैं.

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