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UP:ध्वस्त हो चुकी क़ानून व्यवस्था का परिणाम है पत्रकार विक्रम जोशी की मौत..!

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गाजियाबाद में बीते दिन बेख़ौफ़ बदमाशो की गोली का शिकार हुए पत्रकार विक्रम जोशी की बुधवार सुबह अस्पताल में मौत हो गई..पढ़ें पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर..

गाजियाबाद:यूपी में क़ानून व्यवस्था की धज्जियां पूरी तरह से उड़ चुकी हैं।अपराधी बेख़ौफ़ हो गए हैं।सुरक्षा को लेकर सरकार की तरफ़ से किए जा रहे तमाम दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।क़ानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने का जिम्मा जिन अधिकारियों के कंधे पर है वह काली कमाई करने में जुटे हुए हैं।हर रोज प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से आती बड़ी आपराधिक वारदातों से आम जनमानस में डर का माहौल व्याप्त हो गया है।

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गाजियाबाद में सोमवार की रात बेख़ौफ़ बदमाशों ने पत्रकार विक्रम जोशी को घेरकर गोली मार दी थी।उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।जहाँ बुधवार भोर पहर क़रीब चार बजे निधन हो गया।घटना के बाद से ही पत्रकारों में रोष व्याप्त है।

क्या था पूरा मामला..

पत्रकार विक्रम जोशी के भाई अनिकेत जोशी ने बताया कि तीन दिन पहले आरोपी युवकों ने उनकी भांजी पर अश्लील फब्तियां कसी थी, जिसको लेकर मारपीट भी हुई थी। भांजी के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना की बाबत रिपोर्ट विजय नगर थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद से आरोपी युवक लगातार धमकी दे रहे थे। मुकदमा होने के 3 दिन बाद तक उनके खिलाफ पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। इसी का नतीजा था कि उन्होंने विक्रम को घेरकर गोली मार दी।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात जब पत्रकार विक्रम जोशी पर हमला हुआ तब उनकी दो बेटियां भी बाइक पर सवार थीं। बड़ी बेटी के मुताबिक, पापा बाइक चला रहे थे। इसी दौरान जब बाइक सड़क पर आई तो कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और बाइक गिरा दी। जब पापा ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे लोग पापा को मारने लगे। इस दौरान कार के पास ले जाकर एक हमलावर ने उनको गोली मार दी। इसके बाद हमला करने वाले फरार हो गए। 

गाजियाबाद पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी सहित नौ लोगों को अब तक गिरफ़्तार कर चुकी है।लेकिन इस घटना के लिए पुलिस पर भी आरोप लग रहे हैं।क्योंकि विक्रम जोशी द्वारा आरोपियों पर दर्ज कराए गए मुकदमें को पुलिस गम्भीरता से लेती तो ऐसी दुःसाहसिक घटना को घटित होने से रोका जा सकता है।


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