अजय देवगन के पिता वीरू देवगन का निधन-कभी मुंबई में टैक्सी साफ़ करते थे वीरू फिर बने बॉलीवुड के एक्शन मैन
बॉलीवुड में कभी हीरो बनने की चाह लेकर आए वीरू देवगन हीरो तो न बन सके लेकिन एक्शन हीरो के तौर पर उन्होंने जो नाम कमाया जो वाकई में काबिलेतारीफ है..पढ़े वीरू देवगन पर युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट..
युगान्तर प्रवाह डेस्क: बॉलीवुड में एक्शन मैन के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले मशहूर एक्शन कोरियोग्राफर और अजयदेवगन के पिता वीरू देवगन का सोमवार को निधन हो गया वो 76 वर्ष के थे।

आख़िर कौन हैं वीरू देवगन और कैसे आए मुंबई...
बॉलीवुड के स्टार अजय देवगन के पिता वीरू देवगन का शुरुआती जीवन काफ़ी संघर्ष मय रहा बताया जा रहा है कि वो 14 साल की उम्र में अमृतसर से मुंबई आए थे। इस दौरान उनके कुछ दोस्त भी उनके साथ थे। लेकिन वह इस शहर में सरवाइव नहीं कर पाए। लेकिन वीरू ने हार नहीं मानी। इस बीच उन्होंने टैक्सियां साफ कीं। कारपेंटर का काम किया। साथ ही फिल्म स्टूडियोज के चक्कर लगाए।
एक्टर बनने की चाहत रखने वाले वीरू ये समझ गए थे कि उनके पास चॉकलेट हीरो वाली इमेज नहीं है।शादी के बाद उन्होंने अपने बेटे अजय को लेकर ये सपना देखा कि उनका बेटा हीरो बने।इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को एक्शन का सुपरस्टार बनाया। इस बीच उन्होंने अजय पर खूब काम किया। उन्होंने अजय देवगन को छोटी सी उम्र में ही बॉलीवुड में एक्शन की दुनिया से जोड़ा। वीरू उस वक्त अपने बेटे को अपने साथ फिल्म के सेट पर भी लेकर जाते थे और एक्शन के बारे में ज्ञान देते थे।
बॉलीवुड के थे एक्शन मैन...
सिने जगत में एक्शन मैन के नाम से विख्यात वीरू देवगन ने कई फिल्मों में अपना योगदान दिया।आपको बतादें कि, इंडियन स्टंट और एक्शन कोरियोग्राफर फिल्म डायरेक्टर वीरू देवगन ने अब तक 80 फिल्मों में अपने एक्शन के जरिए स्क्रीन पर जादू बिखेरा। साल 1999 में उन्होंने हिंदुस्तान की कसम भी बनाई थी। देश भक्ति से सराबोर ये फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आई थी।
