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                <title>लखनऊ - Yugantar Pravah </title>
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                <description>लखनऊ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>UP PPS Transfer List: उत्तर प्रदेश में 35 पीपीएस अधिकारियों के तबादले, फतेहपुर के ASP महेंद्र पाल सिंह पहुंचे लखनऊ</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में गुरुवार को 35 पीपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया. इस फेरबदल में कई जिलों के अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है. फतेहपुर में बड़ा बदलाव करते हुए ASP महेंद्र पाल सिंह को लखनऊ भेजा गया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/upps-transfer-list-35-pps-officers-fatehpur-asp/article-8851"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/up-pps-transfer-list.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP PPS Transfer List: </strong>यूपी में लगातार हो रहे स्थानांतरण के बीच गुरुवार को प्रदेश 35 PPS अफसरों को तबादला कर दिया गया. शासन द्वारा जारी सूची में कई जिलों के अपर पुलिस अधीक्षक और समकक्ष अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है. इस फेरबदल में फतेहपुर जिले में तैनात ASP <span style="color:rgb(52,73,94);"><strong>महेंद्र पाल सिंह</strong></span> को लखनऊ भेज दिया गया है और उनकी जगह ज्ञान प्रकाश राय को जिले का नया अपर पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.</p>
<h3><strong>यूपी में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल</strong></h3>
<p>सूबे की कानून व्यवस्था और आगामी चुनाव को देखते हुए सरकार लगातार स्थानांतरण कर रही है. इस सूची में लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, गाजियाबाद, कानपुर, फतेहपुर, उन्नाव, बलिया, सीतापुर, आजमगढ़ समेत कई जिलों के अधिकारी शामिल हैं. कई अधिकारियों को मुख्यालय, पीएसी, एसएसएफ, प्रशिक्षण संस्थानों और विशेष इकाइयों में भेजा गया है.</p>
<h4><strong>फतेहपुर के ASP पहुंचे लखनऊ, गाजियाबाद के ज्ञान प्रकाश को मिली जिम्मेदारी</strong></h4>
<p>फतेहपुर जिले में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र पाल सिंह का तबादला कर उन्हें सीबी-सीआईडी मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है, जहां उन्हें अपर पुलिस अधीक्षक/सेक्टर ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं गाजियाबाद कमिश्नरेट में तैनात ज्ञान प्रकाश राय को फतेहपुर का नया अपर पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.</p>
<h5><strong>कई अहम जिलों में बड़े बदलाव</strong></h5>
<p>तबादला सूची में कई प्रमुख जिलों के अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. अशोक कुमार सिंह को बहराइच से एसडीआरएफ मुख्यालय लखनऊ, संजीव कुमार सिन्हा को रायबरेली से पुलिस मुख्यालय लखनऊ और आलोक सिंह-III को प्रयागराज से रायबरेली भेजा गया है. अजीत कुमार रजक को जौनपुर से गोंडा, डॉ तेजवीर सिंह को बुलंदशहर से अंबेडकरनगर और <span style="color:rgb(52,73,94);"><strong>श्याम देव को अंबेडकरनगर से 12वीं वाहिनी PAC फतेहपुर भेजा गया है.</strong></span> इसके अलावा मिर्जापुर, प्रतापगढ़, मेरठ, बदायूं, आगरा, चित्रकूट समेत कई जिलों में भी बदलाव किए गए हैं.</p>
<h6><strong>महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारी</strong></h6>
<p>इस सूची में महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं. जया शांडिल्य को लखनऊ से ATS मुरादाबाद, श्वेता कुमारी यादव को गाजियाबाद से मथुरा और स्नेहा तिवारी को चंदौली से बलिया भेजा गया है. इसके अलावा कई अधिकारियों को तकनीकी सेवाएं, प्रशिक्षण संस्थान और मुख्यालय में तैनात किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासन विभिन्न स्तरों पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है.</p>
<h6><strong>पूरी सूची: सभी 35 PPS अधिकारियों के तबादले</strong></h6>
<p>अशोक कुमार सिंह: बहराइच → एसडीआरएफ मुख्यालय लखनऊ</p>
<p>संजीव कुमार सिन्हा: रायबरेली → पुलिस मुख्यालय लखनऊ</p>
<p>आलोक सिंह-III: प्रयागराज → रायबरेली</p>
<p>अजीत कुमार रजक: जौनपुर → गोंडा</p>
<p>डॉ तेजवीर सिंह: बुलंदशहर → अंबेडकरनगर</p>
<p>श्याम देव: अंबेडकरनगर → 12वीं वाहिनी PAC फतेहपुर</p>
<p>मनीष कुमार मिश्रा: मिर्जापुर → अलीगढ़</p>
<p>शैलेंद्र लाल: प्रतापगढ़ → उन्नाव</p>
<p>जया शांडिल्य: लखनऊ → ATS मुरादाबाद</p>
<p>कृष्ण कांत सरोज: मेरठ → विशेष जांच, लखनऊ</p>
<p>प्रदीप कुमार वर्मा: जालौन → 2वीं वाहिनी PAC सीतापुर</p>
<p>राजेश कुमार पाण्डेय-II: कानपुर देहात → गाजियाबाद</p>
<p>अवनीश कुमार मिश्रा: मथुरा → पुलिस मुख्यालय लखनऊ</p>
<p>श्वेता कुमारी यादव: गाजियाबाद → मथुरा</p>
<p>कृपा शंकर: बलिया → डीजीपी मुख्यालय लखनऊ</p>
<p>स्नेहा तिवारी: चंदौली → बलिया</p>
<p>राघवेंद्र कुमार मिश्रा: मेरठ → SSF गोरखपुर</p>
<p>राजेश कुमार श्रीवास्तव: सीतापुर → मेरठ</p>
<p>विवेक त्रिपाठी: आजमगढ़ → सीतापुर</p>
<p>पंकज कुमार श्रीवास्तव: बरेली → आजमगढ़</p>
<p>विजेंद्र द्विवेदी: बदायूं → PAC प्रयागराज</p>
<p>अभिषेक कुमार सिंह: लखनऊ → बदायूं</p>
<p>शंकर प्रसाद: बुलंदशहर → पुलिस अकादमी मुरादाबाद</p>
<p>पीयूष कांत राय: आगरा → चित्रकूट</p>
<p>सत्यपाल सिंह: चित्रकूट → PTC मुरादाबाद</p>
<p>आलोक प्रसाद: सीतापुर → कानपुर देहात</p>
<p>अरुण कुमार सिंह-II: फतेहगढ़ → यातायात निदेशालय लखनऊ</p>
<p>गिरीश कुमार सिंह: आगरा → फतेहगढ़</p>
<p>राहुल मित्तल: मैनपुरी → तकनीकी सेवाएं लखनऊ</p>
<p>अभिषेक तिवारी: मेरठ → मैनपुरी</p>
<p>महेंद्र पाल सिंह: फतेहपुर → CB-CID लखनऊ</p>
<p>ज्ञान प्रकाश राय: गाजियाबाद → फतेहपुर</p>
<p>सतीश चंद्र शुक्ला: भदोही → चंदौली</p>
<p>प्रेमचंद: उन्नाव → राज्य मानवाधिकार आयोग लखनऊ</p>
<p>अभिषेक प्रताप अजय: कन्नौज → बुलंदशहर</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>फतेहपुर</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/upps-transfer-list-35-pps-officers-fatehpur-asp/article-8851</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 18:26:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Cabinet का मास्टरस्ट्रोक: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी, सरकार की लगी मोहर, मई से मिलेगा मानदेय</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. अब शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे. यह फैसला एक अप्रैल 2026 से लागू होगा और बढ़ा हुआ मानदेय मई से खातों में आएगा.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-cabinet-masterstroke-shikshamitra-anudeshak-mandey-hike/article-8839"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/up-shiksha-mitra-yogi-cabinet-mandey.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP Shiksha Mitra News: </strong>उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने लाखों <a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-shiksha-mitra-highcourt-order-regularization/article-8838">शिक्षामित्रों</a> और अंशकालिक अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का फैसला लागू कर दिया है. लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे इन शिक्षाकर्मियों के लिए कैबिनेट की मुहर के बाद अब यह निर्णय जमीन पर उतर चुका है. सरकार ने इसे एक अप्रैल 2026 से लागू करते हुए मई से भुगतान की तैयारी भी शुरू कर दी है.</p>
<h3><strong>कैबिनेट की मंजूरी के साथ खत्म हुआ लंबा इंतजार</strong></h3>
<p>प्रदेश के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है. सालों से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे इन कर्मचारियों को आखिरकार सरकार ने राहत दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस 2025 पर इस बढ़ोतरी की घोषणा की थी, लेकिन अब कैबिनेट की आधिकारिक मंजूरी के बाद यह पूरी तरह लागू हो गई है.</p>
<p>इस फैसले ने न केवल आर्थिक राहत दी है बल्कि सरकार की शिक्षा क्षेत्र के प्रति गंभीरता भी दर्शाई है. लंबे समय से कम मानदेय में काम कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह निर्णय उनके संघर्ष की एक बड़ी जीत माना जा रहा है.</p>
<h4><strong>अब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिलेगा इतना मानदेय</strong></h4>
<p>कैबिनेट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है. वहीं अंशकालिक अनुदेशकों को अब 17 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे. पहले शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपये मिलते थे, जो मौजूदा महंगाई के मुकाबले काफी कम था. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ा हुआ मानदेय एक अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसका भुगतान एक मई से सीधे बैंक खातों में किया जाएगा.</p>
<h5><strong>सरकार पर बढ़ेगा 1400 करोड़ से ज्यादा का भार</strong></h5>
<p>इस फैसले का सीधा असर राज्य के बजट पर भी पड़ेगा. बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अनुसार प्रदेश में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं. इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का भुगतान समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करते हैं.</p>
<p>अब बढ़े हुए मानदेय से इन पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. इसके अलावा 13,597 शिक्षामित्र ऐसे हैं जिनका पूरा मानदेय राज्य सरकार देती है, जिन पर 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा. कुल मिलाकर सरकार पर लगभग 1475 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.</p>
<h6><strong>अनुदेशकों को भी मिला बड़ा फायदा</strong></h6>
<p>इस फैसले का लाभ केवल शिक्षामित्रों तक सीमित नहीं है बल्कि अंशकालिक अनुदेशकों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा. प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 24,717 अनुदेशक अब बढ़े हुए मानदेय का लाभ उठाएंगे. इनके मानदेय में वृद्धि से राज्य सरकार पर 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा. लंबे समय से कम मानदेय में काम कर रहे इन अनुदेशकों के लिए यह फैसला आर्थिक मजबूती का आधार बनेगा.</p>
<h6><strong>शिक्षामित्रों का किस कार्यकाल में कितना बड़ा मानदेय</strong></h6>
<p>शिक्षामित्रों की यात्रा बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही है. 1999 में 11 महीने के अनुबंध पर शुरू हुई यह व्यवस्था 2001 में 1500 रुपये मानदेय से शुरू हुई थी. धीरे-धीरे यह 2002 में 2250, 2005 में 2400 और 2007 में 3000 रुपये तक पहुंचा.</p>
<p>2014-15 में उन्हें सहायक शिक्षक बनाया गया और उनका भुगतान 30-40 हजार तक पहुंच गया, लेकिन 2017 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह व्यवस्था खत्म हो गई और वे फिर कम मानदेय पर आ गए. उसी वर्ष योगी सरकार ने इसे 10 हजार किया और अब 2026 में इसे बढ़ाकर 18 हजार कर दिया गया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 15:58:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Shiksha Mitra News: इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, शिक्षामित्रों के वेतन और नियमितीकरण पर सरकार जल्द ले फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के नियमितीकरण और सहायक अध्यापक के बराबर वेतन के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने राज्य सरकार को तय समय सीमा में निर्णय लेने का निर्देश दिया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-shiksha-mitra-highcourt-order-regularization/article-8838"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/up-shiksha-mitra-allahabad-highcourt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP Shiksha Mitra News: </strong>उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप किया है. कोर्ट ने सरकार को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया है कि शिक्षामित्रों के नियमितीकरण और समान वेतन के मुद्दे पर जल्द निर्णय लिया जाए, जिससे हजारों परिवारों की उम्मीदें अब एक बार फिर जाग उठी हैं.</p>
<h3><strong>दो महीने की समय सीमा, सरकार को देना होगा जवाब</strong></h3>
<p>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार को दो महीने के भीतर सकारण आदेश पारित करना होगा. न्यायालय ने यह भी माना कि यह मुद्दा वर्षों से लंबित है और इससे प्रदेश के हजारों शिक्षामित्र प्रभावित हो रहे हैं.</p>
<p>कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह इस मामले में कोई भी निर्णय लेते समय सभी कानूनी पहलुओं और पूर्व के न्यायिक आदेशों को ध्यान में रखे. इस आदेश के बाद अब सरकार के पास देरी की कोई गुंजाइश नहीं बची है और तय समय में निर्णय लेना अनिवार्य हो गया है.</p>
<h4><strong>याची को तीन सप्ताह में प्रत्यावेदन दाखिल करने का निर्देश</strong></h4>
<p>कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह तीन सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना विस्तृत प्रत्यावेदन राज्य सरकार को सौंपे. इसके बाद राज्य सरकार को याची को सुनवाई का अवसर देना होगा.</p>
<p>न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना पक्षकार को सुने कोई भी निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए. इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि फैसला पारदर्शी और न्यायसंगत हो. यह निर्देश न केवल याची बल्कि अन्य शिक्षामित्रों के लिए भी एक मजबूत कानूनी आधार तैयार करता है.</p>
<h5><strong>सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और केंद्र के निर्देशों का पालन जरूरी</strong></h5>
<p>हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों को ध्यान में रखना होगा. इसमें जग्गो बनाम भारत संघ और श्रीपाल व अन्य मामलों का विशेष उल्लेख किया गया है.</p>
<p>इसके साथ ही 11 जून 2025 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि इन सभी कानूनी और प्रशासनिक दिशानिर्देशों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाए. इससे यह स्पष्ट है कि सरकार को अब एक संतुलित और कानूनसम्मत फैसला देना होगा.</p>
<h6><strong>तेज बहादुर मौर्य केस का हवाला, पहले भी मिल चुके हैं निर्देश</strong></h6>
<p>न्यायालय ने तेज बहादुर मौर्य और 114 अन्य के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पहले भी दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. कोर्ट ने कहा कि वर्तमान याचिका पर भी उसी फैसले के आलोक में विचार किया जाना चाहिए. इससे यह संकेत मिलता है कि न्यायपालिका इस विषय पर एक समान नीति लागू करने की ओर बढ़ रही है.</p>
<h6><strong>देवरिया की निघत फिरदौस की याचिका से मिला बड़ा आदेश</strong></h6>
<p>यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने देवरिया जिले की शिक्षामित्र निघत फिरदौस की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया. याची ने बताया कि वह लंबे समय से शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें न तो नियमित किया गया है और न ही सहायक अध्यापक के बराबर वेतन दिया गया है. उन्होंने कोर्ट से न्याय की मांग करते हुए समान वेतन और स्थायी दर्जा देने की अपील की थी. इस आदेश के बाद अब प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-shiksha-mitra-highcourt-order-regularization/article-8838</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPPCL News: स्मार्ट मीटर पर बड़ा यू-टर्न, अब प्रीपेड की अनिवार्यता पर नया आदेश ! क्या उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा बदलाव हो सकता है. अब प्रीपेड मोड की अनिवार्यता खत्म कर दी जाएगी और उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड चुनने का विकल्प मिलेगा. केंद्र की नई अधिसूचना के बाद पावर कॉरपोरेशन भी अपने पुराने आदेश में बदलाव कर सकता है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/uppcl-smart-meter-new-order-prepaid-not-mandatory/article-8837"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/uppcl-smart-meter-new-order.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UPPCL News:</strong> उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. लंबे समय से विवादों में घिरे स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर अब केंद्र ने बड़ा फैसला लिया है. नई अधिसूचना के अनुसार प्रीपेड मोड की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान प्रणाली चुनने का अधिकार मिलेगा.</p>
<h3><strong>स्मार्ट मीटर रहेगा, लेकिन प्रीपेड की बाध्यता खत्म</strong></h3>
<p>केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अपने पुराने नियमों में संशोधन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन उन्हें केवल प्रीपेड मोड में ही संचालित करना जरूरी नहीं होगा. पहले जारी दिशा-निर्देशों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही गई थी, जिसके चलते उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही थी.</p>
<p>अब इस संशोधन के बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि वे अपनी जरूरत के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड मोड चुन सकेंगे. यह बदलाव बिजली अधिनियम 2003 की मूल भावना के अनुरूप बताया जा रहा है.</p>
<h4><strong>1 अप्रैल से लागू हुई नई व्यवस्था</strong></h4>
<p>नई अधिसूचना 1 अप्रैल से लागू कर दी गई है. इसके तहत उन सभी क्षेत्रों में जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाएगी. हालांकि अब इन मीटरों को केवल प्रीपेड मोड में ही सीमित नहीं रखा जाएगा.</p>
<p>इसका मतलब यह है कि तकनीकी रूप से स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम जारी रहेगा, लेकिन भुगतान व्यवस्था अधिक लचीली होगी. इससे उपभोक्ताओं को राहत के साथ-साथ बिजली विभाग को भी पारदर्शिता और निगरानी में सुविधा मिलेगी.</p>
<h5><strong>यूपी पावर कॉरपोरेशन पर टिकी सबकी नजर</strong></h5>
<p>नई अधिसूचना जारी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड इस पर क्या कदम उठाता है. राज्य में पहले से लागू आदेश के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर को अनिवार्य किया गया था. लेकिन अब केंद्र के संशोधित नियमों के बाद यह माना जा रहा है कि पावर कॉरपोरेशन अपने पुराने आदेश को वापस ले सकता है या उसमें संशोधन कर सकता है. यदि ऐसा होता है तो यह लाखों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा.</p>
<h6><strong>उपभोक्ता परिषद की मांग ने बदली तस्वीर</strong></h6>
<p>उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रही थी. परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बार-बार यह मुद्दा उठाया कि उपभोक्ताओं को बिना सहमति प्रीपेड मीटर में बांधना कानून के खिलाफ है.</p>
<p>उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और ऊर्जा सचिव को भी इस संबंध में अवगत कराया था. अब जब संशोधित अधिसूचना जारी हो चुकी है, तो परिषद ने मांग की है कि पहले से लगाए गए प्रीपेड मीटर को भी पोस्टपेड विकल्प में बदला जाए, ताकि उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत मिल सके.</p>
<h6><strong>उपभोक्ताओं को मिलेगा विकल्प, खत्म होगी मजबूरी</strong></h6>
<p>नई व्यवस्था का सबसे अहम पहलू यह है कि अब उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान प्रणाली चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी. पहले जहां उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज कराना पड़ता था, वहीं अब वे पारंपरिक बिलिंग सिस्टम का भी विकल्प चुन सकेंगे. इससे खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो प्रीपेड सिस्टम को लेकर असहज महसूस कर रहे थे.</p>
<h6><strong>क्या जमीन पर दिखेगा इस फैसले का असर</strong></h6>
<p>हालांकि यह फैसला कागजों पर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा नजर आ रहा है, लेकिन असली चुनौती इसके प्रभावी क्रियान्वयन की होगी. अगर राज्य स्तर पर समय रहते आदेशों में बदलाव नहीं हुआ, तो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है. वहीं बिजली कंपनियों के लिए भी यह बदलाव नई चुनौतियां लेकर आएगा, क्योंकि उन्हें अब दो अलग-अलग भुगतान प्रणालियों को संभालना होगा. ऐसे में आने वाले दिनों में इस फैसले का वास्तविक असर साफ हो पाएगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 12:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Panchayat Chunav 2026: विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे पंचायत चुनाव ! प्रशासक बैठाने की तैयारी, राजभर बोले- कोई नहीं चाहता अभी चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तय समय पर होना मुश्किल नजर आ रहा है. पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले नई व्यवस्था बन पाना संभव नहीं दिख रहा. सरकार कार्यकाल बढ़ाने या प्रशासक नियुक्त करने पर विचार कर रही है. पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी बड़ा बयान दिया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-panchayat-chunav-2026-rajbhar-statement/article-8834"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/up-panchayat-election-2026.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP Panchayat Chunav 2026: </strong>उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति अब लगभग साफ होती दिख रही है. प्रशासनिक देरी, अधूरी आरक्षण प्रक्रिया और राजनीतिक प्राथमिकताओं के चलते पंचायत चुनाव टलने की पूरी संभावना बन गई है. इस बीच पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का बयान भी सामने आया है, जिसने इस मुद्दे को और स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल कोई भी दल पंचायत चुनाव नहीं चाहता.</p>
<h3><strong>समय सीमा खत्म, लेकिन नई पंचायतों का गठन संभव नहीं</strong></h3>
<p>प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई, क्षेत्र पंचायतों का 19 जुलाई और जिला पंचायतों का 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है. लेकिन उससे पहले नई पंचायतों का गठन कर पाना लगभग असंभव माना जा रहा है. वजह यह है कि चुनाव प्रक्रिया के जरूरी चरण अभी अधूरे हैं.</p>
<p>मतदाता सूची 15 अप्रैल को प्रकाशित होगी, जिसके बाद आरक्षण तय करना और चुनाव कराना बेहद कम समय में संभव नहीं दिखता. प्रशासनिक स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है. यही कारण है कि अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि निर्धारित समय पर चुनाव नहीं हो पाएंगे.</p>
<h4><strong>विधानसभा चुनाव पर टिका राजनीतिक फोकस</strong></h4>
<p>प्रदेश की राजनीति इस समय पूरी तरह 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर केंद्रित हो चुकी है. भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा सहित सभी प्रमुख दल अपने संसाधन और रणनीति उसी दिशा में लगा रहे हैं. ऐसे में कोई भी पार्टी पंचायत चुनाव जैसे बड़े स्थानीय चुनाव में उलझना नहीं चाहती.</p>
<p>यही वजह है कि विपक्ष की ओर से भी चुनाव जल्द कराने की मांग नहीं उठ रही है. राजनीतिक रूप से यह एक ऐसा मौन सहमति का माहौल बन गया है, जहां सभी दल पंचायत चुनाव को टालने के पक्ष में नजर आ रहे हैं. इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जाएंगे.</p>
<h5><strong>ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, साफ किया रुख</strong></h5>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस मुद्दे पर साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल कोई भी दल पंचायत चुनाव नहीं चाहता है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, किसी की भी प्राथमिकता अभी पंचायत चुनाव नहीं है. सपा और कांग्रेस की ओर से भी इस संबंध में कोई मांग नहीं उठाई गई है.</p>
<p>राजभर ने यह भी बताया कि मामला अब हाईकोर्ट में पहुंच चुका है और आगे का फैसला अदालत के निर्देशों के आधार पर ही होगा. उनका यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि पंचायत चुनाव टलने की संभावना अब लगभग तय है.</p>
<h6><strong>कार्यकाल बढ़ाने या प्रशासक नियुक्ति पर विचार</strong></h6>
<p>सरकार के सामने अब दो प्रमुख विकल्प हैं. पहला, मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए. दूसरा, अगर इसमें कोई कानूनी अड़चन आती है तो पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाएं. पहले भी ऐसी परिस्थितियों में प्रशासक बैठाए जा चुके हैं, इसलिए यह विकल्प पूरी तरह व्यवहारिक माना जा रहा है.</p>
<p>हालांकि, कार्यकाल बढ़ाने का फैसला कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है. सरकार इस पर सावधानीपूर्वक विचार कर रही है ताकि कोई भी निर्णय बाद में न्यायालय में अटक न जाए. फिलहाल दोनों विकल्पों पर समानांतर मंथन जारी है.</p>
<h6><strong>हाईकोर्ट में मामला, आयोग ने दाखिल किया एफिडेविट</strong></h6>
<p>पंचायत चुनाव में देरी को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है. याचिका में कहा गया है कि मतदाता सूची अप्रैल के मध्य में तैयार होगी, जिससे आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा.</p>
<p>अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से इस पर एफिडेविट मांगा था. सूत्रों के अनुसार आयोग ने अपना पक्ष कोर्ट में रख दिया है और अपनी तैयारियों की स्थिति स्पष्ट की है. अब सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर है, जो तय करेगा कि चुनाव कब और कैसे कराए जाएंगे या फिर वैकल्पिक व्यवस्था लागू होगी.</p>
<h6><strong>आरक्षण प्रक्रिया बनी सबसे बड़ी बाधा</strong></h6>
<p>त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया सबसे जटिल और समय लेने वाली होती है. इसके लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन जरूरी है, जो अभी तक नहीं हुआ है. यह आयोग जिलों में जाकर ओबीसी आबादी का आंकड़ा जुटाता है और उसी आधार पर आरक्षण तय करता है.</p>
<p>नियम के अनुसार किसी भी ब्लॉक में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता. हालांकि, यदि आबादी कम है तो उसी अनुपात में आरक्षण तय होता है. राज्य स्तर पर कुल आरक्षण 27 प्रतिशत रखना अनिवार्य है. यही पूरी प्रक्रिया चुनाव में देरी की मुख्य वजह बन रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 10:55:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश में मौसम का कहर: 50 जिलों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की फसल बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है. 6 अप्रैल को भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी हुआ है. कई जिलों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई हैं. सरकार ने नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-weather-alert-heavy-rain-thunderstorm/article-8832"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/up-rain-alert-news-imd.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP Rain Alert News: </strong>उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है. 6 अप्रैल को लेकर मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, बिजली गिरने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है. इससे पहले भी कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. हालात को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.</p>
<h3><strong>मौसम विभाग का अलर्ट, 6 अप्रैल को रहेगा भारी दिन</strong></h3>
<p>प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय सिस्टम के कारण 6 अप्रैल का दिन काफी संवेदनशील माना जा रहा है. मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होगी.</p>
<p>इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं. अचानक मौसम में आए इस बदलाव ने तापमान को भी प्रभावित किया है. दिन के समय जहां उमस बढ़ी है, वहीं शाम होते-होते मौसम खतरनाक रूप ले सकता है.</p>
<h4><strong>इन 50 जिलों में वज्रपात और बारिश का खतरा</strong></h4>
<p>मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनमें अलीगढ़, अंबेडकर नगर, अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, जौनपुर, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद</p>
<p>मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, शामली, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती और वाराणसी शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे जानमाल का खतरा बना हुआ है. ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.</p>
<h5><strong>तेज आंधी के साथ चलेंगी 50 किमी/घंटा की हवाएं</strong></h5>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, केवल बारिश ही नहीं बल्कि तेज झोंकेदार हवाएं भी बड़ी चुनौती बन सकती हैं. कई जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. यह तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं.</p>
<p>खासकर खुले खेतों और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है. प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.</p>
<h6><strong>ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की फसल बर्बाद</strong></h6>
<p>4 और 5 अप्रैल को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने पहले ही किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. फतेहपुर समेत कई जिलों में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं और कई जगह पूरी तरह नष्ट हो गई हैं.</p>
<p>किसानों का कहना है कि यह मौसम उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर गया है. मंडियों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जहां फसल की आवक प्रभावित होगी. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है.</p>
<h6><strong>सरकार सख्त, मुआवजा देने के निर्देश जारी </strong></h6>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम के बिगड़े हालात को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल नुकसान का आकलन करें. जहां-जहां फसलों को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए. इसके साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिजली गिरने या अन्य हादसों में घायल लोगों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 21:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कानपुर रेल पुल पर चला ‘ट्रैफिक लॉकडाउन’! डेढ़ महीने तक लखनऊ से कटेंगी ट्रेनें, सफर से पहले ये खबर पढ़ना जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[कानपुर में रेलवे ब्रिज मरम्मत के चलते 13 मई तक लखनऊ-कानपुर रेल सेवा बुरी तरह प्रभावित रहेगी. 16 ट्रेनें लखनऊ नहीं आएंगी और 27 ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं. यात्रियों को बसों और वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/rail-bridge-mega-block-lucknow-kanpur-train-diverted/article-8828"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/kanpur-lucknow-train-update.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Kanpur Lucknow Train News:</strong> अगर आप लखनऊ से कानपुर या कानपुर से लखनऊ रोजाना सफर करते हैं तो आने वाले डेढ़ महीने आपकी यात्रा को पूरी तरह बदल सकते हैं. कानपुर सेंट्रल के पास रेलवे ब्रिज पर शुरू हुए बड़े मरम्मत कार्य ने रेल यातायात की रफ्तार थाम दी है. 13 मई तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा, जिससे हजारों यात्रियों की दिनचर्या पर असर पड़ना तय है.</p>
<h3><strong>रेलवे ब्रिज पर शुरू हुआ बड़ा काम, बंद हुआ यातायात</strong></h3>
<p>कानपुर सेंट्रल से पुल बायां किनारा के बीच स्थित रेलवे पुल पर इंजीनियरिंग कार्य गुरुवार से शुरू हो गया है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह पुल काफी पुराना हो चुका है और इसकी मरम्मत लंबे समय से जरूरी थी.</p>
<p>किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने और ट्रैक की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए यह मेगा ब्लॉक लिया गया है. इस काम के चलते ट्रैक पर आवाजाही सीमित कर दी गई है, जिससे ट्रेनों का संचालन सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है. रेलवे का कहना है कि यह असुविधा अस्थायी है लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम है.</p>
<h4><strong>16 ट्रेनें लखनऊ नहीं पहुंचेंगी, इंटरसिटी सेवाएं थमीं</strong></h4>
<p>इस ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर उन ट्रेनों पर पड़ा है जो लखनऊ और कानपुर के बीच चलती हैं. आगरा फोर्ट-लखनऊ इंटरसिटी अब केवल कानपुर सेंट्रल तक ही आएगी और वापसी में भी यहीं से शाम 5:25 बजे रवाना होगी. झांसी इंटरसिटी को भी कानपुर तक सीमित कर दिया गया है.</p>
<p>पुणे एक्सप्रेस अब लखनऊ के बजाय कानपुर से ही शाम 6:00 बजे वापस चलेगी. कासगंज-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन भी अब कानपुर अनवरगंज तक ही संचालित होगी. कुल मिलाकर 16 ट्रेनें ऐसी हैं जो अब लखनऊ तक नहीं पहुंचेंगी, जिससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है.</p>
<h5><strong>27 ट्रेनों के बदले रास्ते, शताब्दी भी बदले रूट से दौड़ेगी</strong></h5>
<p>रेलवे ने 27 ट्रेनों के रूट में बड़ा बदलाव किया है. नई दिल्ली से चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस अब 13 मई तक गाजियाबाद-मुरादाबाद के रास्ते चलेगी. इस दौरान यह अलीगढ़, टूंडला और कानपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर नहीं रुकेगी. बरौनी और दरभंगा जाने वाली स्पेशल ट्रेनें अब बुढ़वल, सीतापुर सिटी, बरेली और मुरादाबाद होकर चलाई जाएंगी.</p>
<p>बांद्रा टर्मिनस से आने वाली ट्रेन को कासगंज, शाहजहांपुर और आलमनगर के रास्ते लखनऊ लाया जाएगा. इन बदलावों से यात्रियों को लंबा सफर तय करना पड़ेगा और समय भी अधिक लगेगा.</p>
<h6><strong>लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी असर, कई रुटों पर असर</strong></h6>
<p>इस मेगा ब्लॉक का असर केवल स्थानीय ट्रेनों तक सीमित नहीं है बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ा है. नई दिल्ली-बरौनी, नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल, उदयपुर सिटी-कामाख्या, सूरत-मुजफ्फरपुर और साबरमती-मुजफ्फरपुर जैसी ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं.</p>
<p>इसके अलावा यशवंतपुर-गोरखपुर, पनवेल-गोरखपुर और ओखा-गोरखपुर जैसी ट्रेनें भी इस बदलाव की चपेट में हैं. इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से आने-जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है. लखनऊ का रेल नेटवर्क इस दौरान काफी हद तक प्रभावित रहेगा.</p>
<h6><strong>UPSRTC ने संभला मोर्चा, बढ़ सकती है भीड़</strong></h6>
<p>रेलवे की इस बड़ी बाधा के बीच रोडवेज ने यात्रियों के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की हैं. आलमबाग से मथुरा के लिए सुबह 8:30 बजे बस रवाना होकर शाम 4:00 बजे पहुंचेगी. शाहजहांपुर के लिए भी सुबह 8:30 बजे बस चलेगी जो दोपहर 1:30 बजे पहुंचेगी.</p>
<p>कैसरबाग से पीलीभीत के लिए सुबह 9:00 बजे बस रवाना होकर शाम 4:30 बजे पहुंचेगी. हालांकि गर्मी की छुट्टियों के चलते यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे इन बसों में भीड़ अधिक हो सकती है. ऐसे में यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करने जैसी स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है.</p>
<h6><strong>रेलवे ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, यात्रा से पहले करें कॉल</strong></h6>
<p>रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ट्रेनों की स्थिति जरूर जांच लें. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 139 और NTES का उपयोग करने की सलाह दी गई है. बिना जानकारी के स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को निराशा हाथ लग सकती है. यह मेगा ब्लॉक भले ही कुछ समय के लिए हो लेकिन इसका असर लाखों यात्रियों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. ऐसे में सही योजना और अपडेट जानकारी ही इस दौरान यात्रा को आसान बना सकती है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:17:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPPSC PCS Result 2024: नेहा पांचाल ने किया टॉप, बेटियों का दबदबा, 932 अभ्यर्थी सफल</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. नेहा पांचाल ने टॉप किया, जबकि टॉप 10 में 6 महिलाएं शामिल रहीं. कुल 947 पदों में से 932 अभ्यर्थी सफल हुए, 15 पद खाली रह गए.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/uppcs-result-2024-final-result-topper-list/article-8823"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-03/uppcs-final-result-2024.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UPPSC PCS Final Result 2024: </strong>लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया. रविवार देर रात जारी हुए इस रिजल्ट ने हजारों अभ्यर्थियों के सपनों को नई दिशा दी है. इस बार का परिणाम कई मायनों में खास रहा, जहां एक ओर नेहा पांचाल ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, वहीं दूसरी ओर टॉप सूची में बेटियों का दबदबा साफ नजर आया.</p>
<h3><strong>नेहा पांचाल बनीं टॉपर, अनन्या और अभय ने भी बनाई जगह</strong></h3>
<p>पीसीएस 2024 के परिणाम में नेहा पांचाल ने पहला स्थान हासिल कर प्रदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. दूसरे स्थान पर अनन्या त्रिवेदी रहीं, जबकि तीसरा स्थान अभय प्रताप सिंह को मिला. टॉपर्स की इस सूची ने यह भी साबित किया कि लगातार मेहनत और रणनीति से किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है.</p>
<p>खास बात यह रही कि इस बार की टॉप 10 सूची में 6 महिलाएं शामिल हैं, जो बदलते सामाजिक परिदृश्य और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है. पिछले साल की तुलना में यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है.</p>
<h4><strong>947 पदों के सापेक्ष 932 अभ्यर्थी सफल, 15 पद खाली</strong></h4>
<p>इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 947 पदों पर चयन होना था, लेकिन अंतिम रूप से 932 अभ्यर्थी ही सफल घोषित किए गए. आयोग के अनुसार 15 पद ऐसे रहे जिन पर उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिल सके. इनमें व्यवस्थाधिकारी का एक पद और व्यवस्थापक के 14 पद शामिल हैं. यह स्थिति बताती है कि चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया. </p>
<h5><strong>टॉप 20 में भी महिलाओं का दबदबा, बदला ट्रेंड</strong></h5>
<p>इस बार के परिणाम में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति देखने को मिली. टॉप 20 अभ्यर्थियों में 13 महिलाएं और केवल 7 पुरुष शामिल हैं. यह पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा बदलाव है, जब टॉप 10 में 8 पुरुष और केवल 2 महिलाएं थीं. इस बदलाव को प्रतियोगी परीक्षाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. यह न सिर्फ सामाजिक बदलाव का प्रतीक है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बन सकता है.</p>
<h6><strong>परीक्षा से परिणाम तक का लंबा सफर</strong></h6>
<p>पीसीएस 2024 की प्रारंभिक परीक्षा 22 दिसंबर 2024 को आयोजित की गई थी. यह परीक्षा प्रदेश के 75 जिलों में बने 1331 केंद्रों पर हुई, जिसमें 5.76 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया था. इसके बाद मुख्य परीक्षा का परिणाम 4 फरवरी 2026 को घोषित किया गया. साक्षात्कार प्रक्रिया 26 फरवरी से 23 मार्च 2026 तक चली, जिसमें 2719 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था. इनमें से 21 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. साक्षात्कार समाप्त होने के मात्र 9 दिन बाद ही आयोग ने 29 मार्च को अंतिम परिणाम जारी कर दिया.</p>
<h6><strong>किन पदों पर हुआ सबसे ज्यादा चयन</strong></h6>
<p>इस भर्ती के तहत सबसे ज्यादा चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, जहां 258 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है. इसके अलावा असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्यिक कर) के 196, वाणिज्य कर अधिकारी के 142 और खंड विकास अधिकारी के 72 पदों पर चयन हुआ है. डिप्टी जेलर के 60, सब रजिस्ट्रार के 40 और अन्य विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं. इसके अलावा जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सांख्यिकीय अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर चयन हुआ है.</p>
<h6><strong>जल्द जारी होंगे कटऑफ और अंक</strong></h6>
<p>आयोग के सचिव अशोक कुमार ने जानकारी दी है कि चयनित अभ्यर्थियों की संस्तुतियां जल्द ही शासन को भेजी जाएंगी. इसके बाद अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और पदवार व श्रेणीवार कटऑफ अंक भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे. इससे उन अभ्यर्थियों को भी मदद मिलेगी जो इस बार सफल नहीं हो सके और अगली बार बेहतर तैयारी करना चाहते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/uppcs-result-2024-final-result-topper-list/article-8823</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 03:02:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>LPG Crisis In India: गैस किल्लत की आहट ! योगी सरकार बांटेगी लकड़ी, एक माह में इतनी मिलेगी, जानिए क्या है तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में तनाव के चलते LPG आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. संभावित गैस संकट से निपटने के लिए वन निगम के जरिए सस्ती जलावन लकड़ी उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है. हर व्यक्ति को एक माह में अधिकतम 10 क्विंटल लकड़ी मिलेगी.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/lpg-crisis-up-wood-plan-yogi-government/article-8819"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-03/lpg-crisis-in-uttar-pradesh-yogi-govt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>LPG Crisis In UP: </strong>रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बीच अब उत्तर प्रदेश में एक नई तैयारी शुरू हो गई है. पश्चिम एशिया के हालातों ने LPG सप्लाई पर संकट की आशंका बढ़ा दी है. ऐसे में योगी सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए वैकल्पिक ईंधन के तौर पर जलावन लकड़ी की व्यवस्था को सक्रिय करने का फैसला लिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रसोई की आग बुझने न पाए.</p>
<h3><strong>वैश्विक संकट का असर, यूपी में पहले से अलर्ट सिस्टम तैयार</strong></h3>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसे हालातों का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने की आशंका के रूप में सामने आ रहा है. भारत बड़ी मात्रा में LPG आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में किसी भी तरह की बाधा सीधे आम लोगों को प्रभावित कर सकती है.</p>
<p>इसी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh LPG) सरकार ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. सरकार का फोकस इस बात पर है कि अगर गैस की किल्लत होती है या कीमतें अचानक बढ़ती हैं, तो लोगों के पास तुरंत वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध हो. यही वजह है कि जलावन लकड़ी को एक बैकअप प्लान के रूप में तैयार किया गया है.</p>
<h4><strong>62 डिपो में 12 हजार घन मीटर लकड़ी का स्टॉक</strong></h4>
<p>उत्तर प्रदेश वन निगम ने इस योजना के तहत राज्यभर में अपने संसाधनों को सक्रिय कर दिया है. प्रदेश के 62 डिपो में करीब 12 हजार घन मीटर जलावन लकड़ी का स्टॉक पहले से मौजूद है. ये डिपो पूर्वांचल, पश्चिमी यूपी, तराई, बुंदेलखंड और अवध के प्रमुख इलाकों में फैले हुए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर हर क्षेत्र तक आसानी से आपूर्ति पहुंचाई जा सके. अधिकारियों का कहना है कि यह स्टॉक शुरुआती जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और अगर हालात बिगड़ते हैं तो इसे और बढ़ाया जाएगा. इस पूरी व्यवस्था को आपदा प्रबंधन की तरह तैयार किया गया है.</p>
<h5><strong>6-7 रुपये किलो में मिलेगी लकड़ी, आम लोगों को राहत</strong></h5>
<p>सरकार ने जलावन लकड़ी की कीमत भी आम लोगों की जेब को ध्यान में रखते हुए तय की है. योजना के मुताबिक यह लकड़ी छह से सात रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जाएगी. बढ़ती LPG कीमतों के मुकाबले यह विकल्प काफी सस्ता और सुलभ माना जा रहा है.</p>
<p>खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह राहत भरा कदम साबित हो सकता है. ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पहले से ही लकड़ी का उपयोग होता है, वहां इस योजना का सीधा फायदा मिलेगा. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में खाना बनाने जैसी मूल जरूरत प्रभावित न हो.</p>
<h6><strong>एक व्यक्ति को एक माह में अधिकतम 10 क्विंटल लकड़ी</strong></h6>
<p>जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं. हर व्यक्ति को एक महीने में अधिकतम 10 क्विंटल लकड़ी ही दी जाएगी. इसके लिए आधार कार्ड की प्रति और मोबाइल नंबर अनिवार्य किया गया है, ताकि वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी रहे.</p>
<p>इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा लकड़ी न खरीद सके और असली जरूरतमंदों तक ही इसका लाभ पहुंचे. प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को मॉनिटर करेगा ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता न हो.</p>
<h6><strong>जरूरत पड़ने पर क्लास-3 और क्लास-4 लकड़ी भी बनेगी ईंधन</strong></h6>
<p>वन निगम के अधिकारियों के अनुसार यह कदम पूरी तरह एहतियातन उठाया गया है, लेकिन हर स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है. यदि जलावन लकड़ी का मौजूदा स्टॉक कम पड़ता है, तो क्लास-3 और क्लास-4 की लकड़ी को भी ईंधन के रूप में उपयोग में लाया जाएगा.</p>
<p>इसके लिए पहले से योजना तैयार कर ली गई है. सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी हालात में लोगों को ईंधन संकट का सामना न करना पड़े. यह रणनीति साफ दिखाती है कि प्रशासन संभावित खतरे को लेकर गंभीर है और हर स्तर पर तैयारी कर रहा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 21:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कौशांबी में दर्दनाक हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे फतेहपुर के परिवार की पिकअप ट्रेलर से भिड़ी, 8 की मौत, 20 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[कौशांबी के सैनी क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा हुआ, जहां प्रयागराज से मुंडन संस्कार कर लौट रहे फतेहपुर के परिवार की पिकअप खड़े ट्राला से टकरा गई. हादसे में 8 लोगों की मौत और करीब 20 लोग घायल हुए. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/fatehpur/kaushambi-accident-fatehpur-family-mundan-road-accident/article-8816"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-03/kaushambi-accident-fatehpur-up.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Kaushambi Accident Fatehpur: </strong>एक खुशहाल पारिवारिक समारोह मातम में बदल गया, जब मुंडन संस्कार से लौट रही पिकअप कौशांबी में हादसे का शिकार हो गई. फतेहपुर के कुरौली गांव से निकला परिवार खुशी-खुशी प्रयागराज गया था, लेकिन वापसी के दौरान एक झपकी ने सबकुछ छीन लिया. इस हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/i/status/2037505106611142832">https://twitter.com/i/status/2037505106611142832</a></blockquote>
<p>

</p>
<h3><strong>मुंडन संस्कार की खुशियां कैसे बदलीं मातम में</strong></h3>
<p>फतेहपुर जिले के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कुरौली गांव निवासी दो वर्षीय शुभम का मुंडन संस्कार शुक्रवार को होना था. परिवार के लोग इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए प्रयागराज संगम पहुंचे थे. वहां धार्मिक विधि-विधान के साथ मुंडन संस्कार संपन्न हुआ.</p>
<p>स्नान और पूजा के बाद सभी लोग संतुष्ट और प्रसन्न मन से घर लौट रहे थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर बन जाएगा. पिकअप में सवार महिलाएं, बच्चे और पुरुष एक साथ बैठे थे और घर पहुंचने की जल्दी में थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.</p>
<h4><strong>झपकी बनी मौत की वजह, ट्राला से भिड़ी पिकअप</strong></h4>
<p>हादसा कौशांबी के सैनी थाना क्षेत्र में डोरमा पेट्रोल पंप के पास हुआ. बताया जा रहा है कि पिकअप चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खड़े ट्राला में पीछे से जा भिड़ा. टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए. अंदर बैठे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा.</p>
<h5><strong>बच्चों और महिलाओं की गई जान, कई की पहचान बाकी</strong></h5>
<p>इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं. मृतकों में धैरीकेड़ा गांव की गुड़िया, कुरौली की कल्लो, बारा की सुखरनिया, कुर्बल की दरशनिया और राजकुमारी के नाम की पुष्टि हुई है. वहीं बच्चों में सात वर्षीय ध्रुव, दस वर्षीय मयंक और एक आठ वर्षीय अनुज बच्चे की मौत की जानकारी सामने आई है.</p>
<h6><strong>हादसे में 20 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती</strong></h6>
<p>हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सड़क पर घायल लोग दर्द से कराह रहे थे और मदद के लिए पुकार रहे थे. स्थानीय लोगों ने तुरंत मानवता दिखाते हुए घायलों को बाहर निकालना शुरू किया और पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. चार एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया. बताया जा रहा है कि कई घायलों की हालत गंभीर है, जिनका इलाज जारी है. हादसे के चलते हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी रही. लेकिन बाद में सब सामान्य हो गया.</p>
<h6><strong>सीएम योगी ने की आर्थिक मदद की घोषणा</strong></h6>
<p>घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया. एसपी राजेश कुमार ने बताया कि पिकअप में करीब 28 लोग सवार थे, जिनमें 5 महिलाओं और 3 बच्चों की मौत हो गई है.</p>
<p>वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए और राहत कार्य में कोई कमी न रहे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>फतेहपुर</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 20:50:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: यूपी की इस मस्जिद को हटाने के लिए कैबिनेट मंत्री धरने पर बैठे, हाईवे हुआ जाम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज के श्रृंगवेरपुरधाम में मस्जिद हटाने की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद समर्थकों संग जीटी रोड पर धरने पर बैठ गए. इससे प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर लंबा जाम लग गया और प्रशासन के सामने हालात संभालना चुनौती बन गया.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/prayagraj-sanjay-nishad-dharna-masjid-controversy/article-8810"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-03/sanjay-nishad-dharna-masjid-prayagraj.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Prayagraj Sanjay Nishad: </strong>उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से बड़ी खबर सामने आई है, जहां योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद मस्जिद हटाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं. श्रृंगवेरपुरधाम में जीटी रोड पर उनके धरने से हाईवे पूरी तरह जाम हो गया है और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.</p>
<h3><strong>श्रृंगवेरपुरधाम में मंत्री के धरने से बढ़ा तनाव</strong></h3>
<p>प्रयागराज के श्रृंगवेरपुरधाम में सोमवार को उस समय माहौल अचानक गरमा गया जब कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद अपने समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ जीटी रोड पर धरने पर बैठ गए. देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई, जिससे स्थिति संवेदनशील हो गई. क्षेत्र धार्मिक महत्व का होने के कारण प्रशासन पहले से सतर्क था, लेकिन मंत्री के इस कदम ने पूरे इलाके में हलचल बढ़ा दी. धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी गई.</p>
<h4><strong>मस्जिद हटाने की मांग और अवैध कब्जे के आरोप</strong></h4>
<p>धरने की मुख्य वजह मंदिर के पास बनी मस्जिद को बताया जा रहा है. डॉ. संजय निषाद का आरोप है कि यह मस्जिद अवैध रूप से बनाई गई है और इससे धार्मिक स्थल की पवित्रता प्रभावित हो रही है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल इसे हटाने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने इलाके में अवैध कब्जों की भी बात उठाई और कहा कि लंबे समय से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. निषाद ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा.</p>
<h5><strong>हाईवे जाम से आम जनता बेहाल</strong></h5>
<p>धरने का सीधा असर प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर देखने को मिला, जहां दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. यात्रियों को घंटों तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा, जिससे नाराजगी भी देखने को मिली. कई लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश में भटकते नजर आए. ट्रैफिक पुलिस को यातायात डायवर्ट करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन भीड़ और जाम के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई.</p>
<h6><strong>अवैध खनन और निषादराज किले पर खतरे का मुद्दा</strong></h6>
<p>डॉ. संजय निषाद ने धरने के दौरान एक और गंभीर मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि श्रृंगवेरपुरधाम में हो रहे अवैध खनन और अतिक्रमण के कारण निषादराज के ऐतिहासिक किले का अस्तित्व खतरे में है. उनका आरोप है कि प्रशासन इन गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहा है. उन्होंने मांग की कि न केवल मस्जिद हटाई जाए, बल्कि पूरे क्षेत्र में चल रहे अवैध कार्यों पर तत्काल सख्ती की जाए. इस बयान ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:49:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPPCL News: उत्तर प्रदेश में अब ट्रांसफार्मर जला तो अभियंताओं की जेब से भरना होगा नुकसान, जानिए क्या है आदेश?</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में ट्रांसफार्मर जलने पर अब सीधे अभियंताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई है. UPPCL ने आदेश जारी कर साफ किया है कि लापरवाही से ट्रांसफार्मर खराब होने पर मरम्मत का खर्च संबंधित अधिकारियों से वसूला जाएगा. इससे बिजली व्यवस्था सुधारने और लापरवाही रोकने की कोशिश की जा रही है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/uppcl-news-transformer-burn-recovery-rule/article-8806"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-03/uppcl-news-transformer-recovery-rule.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UPPCL News: </strong>उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए UPPCL ने सख्त रुख अपनाया है. अब ट्रांसफार्मर जलने या खराब होने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अभियंताओं से ही मरम्मत का खर्च वसूला जाएगा. पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने सभी डिस्कॉम को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे विभाग में जवाबदेही बढ़ेगी.</p>
<h3><strong>ट्रांसफार्मर जलने पर अब सीधे तय होगी जवाबदेही</strong></h3>
<p>UPPCL के नए आदेश के बाद ट्रांसफार्मर खराब होना अब एक सामान्य तकनीकी समस्या नहीं माना जाएगा. यदि जांच में यह सामने आता है कि ट्रांसफार्मर लापरवाही, ओवरलोडिंग या समय पर देखभाल न होने के कारण जला है, तो संबंधित अभियंताओं को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा.</p>
<p>यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि पहले ऐसे मामलों में स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं हो पाती थी. अब हर स्तर के अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र में ट्रांसफार्मर की स्थिति पर नजर रखनी होगी. इससे न सिर्फ विभागीय अनुशासन मजबूत होगा बल्कि उपभोक्ताओं को भी बार-बार बिजली कटौती की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है.</p>
<h4><strong>क्षमता के अनुसार तय की गई रिकवरी की पूरी व्यवस्था</strong></h4>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर की क्षमता के हिसाब से रिकवरी का स्पष्ट फार्मूला तय किया है. 10 kVA से 63 kVA तक के ट्रांसफार्मर जलने पर जूनियर इंजीनियर से 50 प्रतिशत, एसडीओ से 30 प्रतिशत और एक्सईएन से 20 प्रतिशत राशि वसूली जाएगी.</p>
<p>100 kVA से 250 kVA तक के ट्रांसफार्मर के मामले में जेई और एसडीओ से 40-40 प्रतिशत तथा एक्सईएन से 20 प्रतिशत रिकवरी होगी. वहीं 400 kVA से 1000 kVA तक के बड़े ट्रांसफार्मर के लिए जेई, एसडीओ और एक्सईएन से 30-30 प्रतिशत और एसई से 10 प्रतिशत वसूली का प्रावधान किया गया है. इस स्पष्ट व्यवस्था से जिम्मेदारी तय करना आसान होगा.</p>
<h5><strong>नोटिस और जांच के बाद ही होगी सख्त कार्रवाई</strong></h5>
<p>विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी अभियंता पर सीधे कार्रवाई न हो. नियम-10 के तहत पहले संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा, जिसमें उसे अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा. इसके बाद विस्तृत जांच की जाएगी और दोष तय होने पर ही रिकवरी की प्रक्रिया शुरू होगी. यदि अभियंता दोषी पाया जाता है, तो मरम्मत की राशि उसकी सैलरी से काटी जा सकती है या अन्य माध्यम से वसूली की जाएगी. यह प्रक्रिया पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ विभागीय न्याय सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है.</p>
<h6><strong>तकनीकी सुधार पर जोर, फ्यूज सेट लगाना अनिवार्य</strong></h6>
<p>सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के लिए तकनीकी सुधार पर भी जोर दिया गया है. सभी डिस्कॉम को निर्देश दिया गया है कि हर ट्रांसफार्मर पर 100 प्रतिशत फ्यूज सेट या टेललेस यूनिट अनिवार्य रूप से लगाए जाएं.</p>
<p>ये उपकरण ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट से ट्रांसफार्मर को बचाने में मदद करते हैं. इसके अलावा नियमित निरीक्षण, तेल की जांच और लोड मैनेजमेंट को भी सख्ती से लागू करने को कहा गया है. इन उपायों से ट्रांसफार्मर के खराब होने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है.</p>
<h6><strong>जीरो टॉलरेंस नीति से उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा</strong></h6>
<p>पिछले कुछ समय से ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से जनजीवन प्रभावित होता था. इसी को ध्यान में रखते हुए UPPCL ने अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है. इस फैसले से अभियंताओं में सतर्कता बढ़ेगी और वे समय रहते जरूरी मेंटेनेंस करेंगे. इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा, जिन्हें अब बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी. साथ ही सरकारी खर्च में भी कमी आएगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 15:30:50 +0530</pubDate>
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