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                <title>लखनऊ - Yugantar Pravah </title>
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                <description>लखनऊ RSS Feed</description>
                
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                <title>IAS Apurva Dubey: कौन हैं आईएएस अपूर्वा दुबे? जिन्हें केंद्र सरकार में उप सचिव बनाया गया, पति हैं लखनऊ के डीएम</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी अपूर्वा दुबे को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है. फतेहपुर और उन्नाव की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं अपूर्वा दुबे प्रशासनिक दक्षता, जनहित के कार्यों और प्रभावी नेतृत्व के लिए जानी जाती हैं. उनके पति विशाख अय्यर वर्तमान में लखनऊ के जिलाधिकारी हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/ias-apurva-dubey-biography-deputy-secretary-central-government/article-9007"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/who-is-ias-apurva-dubey-dm-husband.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Who Is IAS Apurva Dubey: </strong>उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी अपूर्वा दुबे को केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. केंद्र ने उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में उप सचिव नियुक्त किया है. फतेहपुर और उन्नाव की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं अपूर्वा दुबे ने अपने प्रशासनिक कार्यों से अलग पहचान बनाई है. आइए जानते हैं उनके करियर, शिक्षा और निजी जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें.</p>
<h3><strong>केंद्र सरकार में उप सचिव बनीं आईएएस अपूर्वा दुबे</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी अपूर्वा दुबे को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेश के तहत उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (Department of Drinking Water and Sanitation) में उप सचिव (Deputy Secretary) नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.</p>
<h4><strong>वर्तमान में SUDA की निदेशक हैं अपूर्वा दुबे</strong></h4>
<p>अपूर्वा दुबे इस समय राज्य नगरीय विकास अभिकरण (SUDA), लखनऊ में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. विभिन्न विभागों में कार्य करते हुए उन्होंने प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित के मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया.</p>
<h5><strong>फतेहपुर और उन्नाव की रह चुकी हैं जिलाधिकारी</strong></h5>
<p>अपूर्वा दुबे फतेहपुर और उन्नाव जिले की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं को तेजी से लागू कराने, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया. उनके कार्यों की प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर सराहना भी हुई.</p>
<h6><strong>यूपीएससी में शानदार सफलता के बाद बनीं आईएएस</strong></h6>
<p>मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली अपूर्वा दुबे ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया. प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने ग्रामीण विकास, शहरी विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाया. उनकी कार्यशैली पारदर्शी प्रशासन और जनकेंद्रित निर्णयों के लिए जानी जाती है.</p>
<h6><strong>पति हैं लखनऊ के डीएम विशाख अय्यर</strong></h6>
<p>अपूर्वा दुबे के पति विशाख अय्यर भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. वह वर्तमान में लखनऊ के जिलाधिकारी (DM Lucknow) के पद पर कार्यरत हैं. दोनों अधिकारियों का विवाह वर्ष 2019 में केरल में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था. प्रशासनिक सेवा में दोनों की पहचान एक प्रभावशाली और समर्पित अधिकारी के रूप में है.</p>
<h6><strong>प्रेरणादायक प्रशासनिक जोड़ी के रूप में पहचान</strong></h6>
<p>विशाख अय्यर और अपूर्वा दुबे को प्रशासनिक सेवा की प्रेरणादायक जोड़ी माना जाता है. दोनों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. अब केंद्र सरकार में उप सचिव के रूप में अपूर्वा दुबे की नई पारी को उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 22:00:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>One Nation One Election: एक देश-एक चुनाव पर गरमाई सियासत, JPC की बैठक में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी राय</title>
                                    <description><![CDATA[एक देश-एक चुनाव' को लेकर रायशुमारी कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने मंगलवार को लखनऊ में राजनीतिक दलों, विधानसभा के पदाधिकारियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की. भाजपा ने इस व्यवस्था को विकास और संसाधनों की बचत के लिए जरूरी बताया, जबकि विपक्ष ने क्षेत्रीय मुद्दों, लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/one-nation-one-election-jpc-lucknow-meeting/article-9003"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/one-nation-one-election-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lucknow News:</strong> 'एक देश-एक चुनाव' को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) मंगलवार को लखनऊ पहुंची, जहां सत्ता पक्ष, विपक्ष, विधानसभा एवं विधान परिषद के पदाधिकारियों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए. बैठक में प्रस्ताव के संभावित लाभ और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. सत्ता पक्ष ने इसे देशहित में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने कई अहम आपत्तियां दर्ज कराईं.</p>
<h3><strong>लखनऊ में JPC ने शुरू की रायशुमारी, कई पक्षों से हुई चर्चा</strong></h3>
<p>'एक देश-एक चुनाव' के प्रस्ताव पर देशभर में रायशुमारी कर रही संयुक्त संसदीय समिति ने लखनऊ में विभिन्न राजनीतिक दलों, सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग संगठनों के साथ बैठक की. समिति का उद्देश्य सभी हितधारकों की राय लेकर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करना है, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा.</p>
<h4><strong>केशव प्रसाद मौर्य बोले-1951 से 1967 तक साथ हुए थे चुनाव</strong></h4>
<p>बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री सुरेश खन्ना, एके शर्मा, धर्मपाल सिंह, सूर्य प्रताप शाही और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा.</p>
<p>केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विकास परियोजनाओं में बार-बार रुकावट नहीं आएगी. उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ सफलतापूर्वक कराए जाते रहे हैं, इसलिए यह भारत की पुरानी लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है.</p>
<h5><strong>बार-बार चुनाव से समय, धन और संसाधनों पर बढ़ता है बोझ</strong></h5>
<p>वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव का समर्थन करती है. उनके अनुसार अलग-अलग समय पर चुनाव होने से समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों पर भारी खर्च होता है. यदि चुनाव एक साथ होंगे तो प्रशासनिक मशीनरी विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगी और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी.</p>
<h6><strong>एक वोटर लिस्ट की भी उठी मांग</strong></h6>
<p>मंत्री एके शर्मा ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के साथ 'वन वोटर लिस्ट' लागू करने का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से अब तक लोकसभा, विधानसभा, पंचायत और नगर निकाय समेत कई चुनाव हो चुके हैं. वर्ष 2027 और 2029 में भी चुनाव प्रस्तावित हैं. इस तरह केवल आठ वर्षों में आठ चुनाव जैसी स्थिति बन जाती है, जिसका असर प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों पर पड़ता है.</p>
<h6><strong>विधानसभा अध्यक्ष बोले-जनता के लिए भी फायदेमंद होगी व्यवस्था</strong></h6>
<p>संयुक्त संसदीय समिति ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह से भी चर्चा की. सतीश महाना ने कहा कि एक देश-एक चुनाव केवल नेताओं के लिए नहीं बल्कि आम जनता के लिए भी लाभकारी होगा. बार-बार चुनाव होने से शासन व्यवस्था प्रभावित होती है और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती है. यदि चुनाव एक साथ होंगे तो प्रशासन अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा.</p>
<h6><strong>सपा ने कहा-क्षेत्रीय मुद्दे होंगे कमजोर, कांग्रेस ने संविधान का हवाला दिया</strong></h6>
<p>बैठक में समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने पार्टी का पक्ष रखा. सपा ने कहा कि यदि सभी चुनाव एक साथ होंगे तो राष्ट्रीय मुद्दे चुनावी विमर्श पर हावी हो जाएंगे और स्थानीय तथा क्षेत्रीय समस्याएं पीछे छूट जाएंगी. साथ ही चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ सकते हैं.</p>
<p>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस प्रस्ताव को संविधान की मूल भावना के विपरीत बताया. इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल (RLD), आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), माकपा (CPI-M) और अपना दल (एस) के प्रतिनिधियों ने भी समिति के समक्ष अपने सुझाव और आपत्तियां रखीं.</p>
<h6><strong>उद्योग संगठनों ने बताया-आचार संहिता से प्रभावित होता है विकास</strong></h6>
<p>बैठक में एक्जिम बैंक, राष्ट्रीय अवसंरचना वित्त एवं विकास बैंक (NaBFID), MSME मंत्रालय, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), एसोचैम (ASSOCHAM), इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, दलित चैंबर ऑफ कॉमर्स और आदर्श व्यापार मंडल सहित कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/one-nation-one-election-jpc-lucknow-meeting/article-9003</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 17:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के 250 से अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने की तैयारी ! जानिए क्या है योगी सरकार का प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है और डीपीआर तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/pmgsy-4-yogi-government-road-plan-for-250-population-villages/article-9002"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/250-population-village-up-plan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Uttar Pradesh News: </strong>उत्तर प्रदेश के हजारों ग्रामीण परिवारों को जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है. योगी सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत ऐसे गांवों तक पक्की सड़क पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है, जो अब तक मुख्य मार्गों से नहीं जुड़ पाए हैं. ग्राम्य विकास विभाग ने जिलों को सर्वे कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं.</p>
<h3><strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत होगा काम</strong></h3>
<p>ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा. योजना के अंतर्गत प्रदेश के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकास खंडों में स्थित 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी.</p>
<h4><strong>डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू</strong></h4>
<p>ग्राम्य विकास विभाग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) ने सड़क निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सभी जिलों से ऐसे गांवों की सूची मांगी गई है, जहां सड़क निर्माण की जरूरत है. जिलेवार रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना की लागत तय की जाएगी और केंद्र सरकार को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा.</p>
<h5><strong>250 और 500 आबादी वाले गांवों को मिलेगा लाभ</strong></h5>
<p>केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया है. इसके तहत आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में 250 या उससे अधिक आबादी वाले बसावटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा. वहीं 500 या उससे अधिक आबादी वाले बसावटों के लिए भी संपर्क मार्ग विकसित किए जाएंगे.</p>
<h6><strong>कच्चे रास्ते बनेंगे पक्की सड़क</strong></h6>
<p>योजना के तहत 500 मीटर या उससे अधिक लंबाई वाले कच्चे मार्गों को पक्की सड़क में बदला जाएगा. इसके लिए जिलेवार सर्वे कराया जा रहा है ताकि ऐसे सभी गांवों और बसावटों की पहचान की जा सके. सर्वे पूरा होने के बाद केंद्र सरकार से बजट की मांग की जाएगी और स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू होगा.</p>
<h6><strong>ग्रामीणों को मिलेंगे कई बड़े फायदे</strong></h6>
<p>सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी. किसानों को कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और गांवों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क ग्रामीण विकास की रफ्तार को तेज करेगा.</p>
<h6><strong>यूपी में पहले से चल रहा है बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण</strong></h6>
<p>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 25,369.674 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. वहीं PMGSY-3 के तहत फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (Full Depth Reclamation) तकनीक से 5,992.51 करोड़ रुपये की लागत से 5,820 किलोमीटर सड़कें विकसित की जा रही हैं. इसके अलावा 5,160 किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट सड़कें पहले ही बनाई जा चुकी हैं. अब PMGSY-4 के जरिए ग्रामीण सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya Ram Mandir CEO Vacancy 2026: राम मंदिर में CEO बनने का मौका, 18 जुलाई तक करें आवेदन, जानिए योग्यता, उम्र सीमा, वेतन और पूरी प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस प्रतिष्ठित पद के लिए न्यूनतम स्नातक, 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव, 50 से 70 वर्ष की आयु तथा हिन्दू, वैष्णव और श्रीराम भक्त होना अनिवार्य है. आवेदन 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक ई-मेल के माध्यम से किए जा सकते हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/ayodhya-ram-mandir-ceo-vacancy-eligibility/article-9000"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/ram-mandir-trust-ceo-bharti.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Ayodhya Ram Mandir CEO Vacancy 2026:</strong> अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ट्रस्ट ने आवेदन प्रारूप, सेवा शर्तें और पात्रता संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. इस पद के लिए धार्मिक आस्था के साथ मजबूत प्रशासनिक अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है. इच्छुक अभ्यर्थी 18 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.</p>
<h3><strong>राम मंदिर ट्रस्ट ने जारी किया CEO पद का आवेदन</strong></h3>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन पत्र और सेवा शर्तें जारी की हैं. ट्रस्ट के अनुसार चयनित उम्मीदवार की नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी. कार्य संतोषजनक पाए जाने पर सेवा अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है. चयनित CEO ट्रस्ट के महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा और उनके निर्देशन में संस्था के प्रशासनिक, वित्तीय और विकास संबंधी कार्यों का संचालन करेगा.</p>
<h4><strong>कौन कर सकता है आवेदन?</strong></h4>
<p>ट्रस्ट ने इस पद के लिए स्पष्ट पात्रता निर्धारित की है.</p>
<ul>
<li>आवेदक का हिन्दू, वैष्णव और भगवान श्रीराम का भक्त होना अनिवार्य है.</li>
<li>किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) होना चाहिए.</li>
<li>किसी बड़े संस्थान, संगठन, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना आवश्यक है.</li>
<li>प्रशासन, वित्त, लेखा, कार्मिक, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सुरक्षा और विधिक कार्यों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.</li>
<li>हिन्दू धार्मिक संस्था या मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वालों को वरीयता दी जाएगी.</li>
<li>अनुभवी और सक्षम सेवानिवृत्त अधिकारी भी आवेदन करने के पात्र होंगे.</li>
<li>उम्मीदवार को हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना चाहिए.</li>
</ul>
<h5><strong>आयु सीमा क्या है?</strong></h5>
<p>इस पद के लिए 50 वर्ष से 70 वर्ष आयु वर्ग के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.</p>
<h6><strong>वेतन और सुविधाएं कैसे तय होंगी?</strong></h6>
<p>ट्रस्ट ने वेतनमान निर्धारित नहीं किया है. चयनित उम्मीदवार के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं आपसी सहमति से तय की जाएंगी.</p>
<h6><strong>आवेदन की अंतिम तिथि और ई-मेल</strong></h6>
<p>इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक निम्न ई-मेल आईडी पर भेज सकते हैं.</p>
<p>ई-मेल: searchcommittee.srjbt@gmail.com</p>
<p>निर्धारित समय के बाद भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे.</p>
<h6><strong>CEO की प्रमुख जिम्मेदारियां क्या होंगी?</strong></h6>
<p>ट्रस्ट ने CEO के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां तय की हैं.</p>
<ol>
<li>संस्था के स्वरूप और आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित करना.</li>
<li>अधिकारियों, सेवकों और कर्मचारियों का शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व करना.</li>
<li>मंदिर की वर्तमान व्यवस्थाओं और भविष्य के विकास कार्यों का संचालन करना.</li>
<li>ट्रस्ट डीड और सभी नियामकीय प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना.</li>
<li>वित्तीय लेन-देन, लेखा व्यवस्था और प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखना.</li>
<li>स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार के साथ सुरक्षा समन्वय स्थापित करना.</li>
<li>धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और उत्सवों का नियमित संचालन सुनिश्चित करना.</li>
<li>श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और विशिष्ट अतिथियों के आगमन की व्यवस्थाएं संभालना.</li>
<li>मंदिर की प्रतिष्ठा, सनातन परंपराओं के संरक्षण और संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े कार्य करना.</li>
<li>ट्रस्ट डीड के उद्देश्यों के अनुरूप योजनाएं बनाकर ट्रस्टी मंडल एवं महासचिव के निर्देशन में उनका क्रियान्वयन करना.</li>
</ol>
<h6><strong>एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी</strong></h6>
<ul>
<li>पद: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)</li>
<li>संस्था: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या</li>
<li>आवेदन की अंतिम तिथि: 18 जुलाई 2026, शाम 4 बजे</li>
<li>आवेदन माध्यम: ई-मेल</li>
<li>न्यूनतम योग्यता: स्नातक</li>
<li>अनुभव: 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव</li>
<li>आयु सीमा: 50 से 70 वर्ष</li>
<li>नियुक्ति अवधि: 3 वर्ष (कार्य संतोषजनक होने पर विस्तार संभव)</li>
<li>ई-मेल: <strong>searchcommittee.srjbt@gmail.com</strong></li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/ayodhya-ram-mandir-ceo-vacancy-eligibility/article-9000</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 10:11:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP PCS Transfer 2026: यूपी में 182 PCS अधिकारियों के तबादले, फतेहपुर सहित कई जिलों के बदले SDM</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 182 PCS अधिकारियों का तबादला कर दिया. कई जिलों के एसडीएम और उपजिलाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. फतेहपुर में भी तीन एसडीएम बदले गए हैं, जबकि एक नए अधिकारी की तैनाती की गई है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-pcs-transfer-2026-182-pcs-officers-transferred/article-8996"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/up-182-pcs-transfer-list.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP PCS Transfer 2026: </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर PCS अधिकारियों के तबादले किए हैं. रविवार देर रात जारी आदेश में 182 PCS अधिकारियों को नई तैनाती दी गई. कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं.</p>
<h3><strong>यूपी में 182 PCS अधिकारियों के तबादले</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 182 PCS अधिकारियों का तबादला कर दिया. इससे पहले 18 अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए गए थे, जिसके बाद देर रात 182 अधिकारियों की दूसरी सूची जारी की गई. तबादला सूची में कई जिलों के उपजिलाधिकारी (SDM), विशेष कार्याधिकारी (OSD), सहायक नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.</p>
<p>कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती वाले स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रमुख सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति एम. देवराज ने स्थानांतरण आदेश जारी होने की जानकारी दी है, जबकि विशेष सचिव अवनीश सक्सेना की ओर से अधिकारियों को अलग-अलग आदेश भेजे गए हैं.</p>
<h4><strong>इन प्रमुख अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी</strong></h4>
<p>जारी सूची के अनुसार सुरभि शर्मा को कानपुर देहात से उपजिलाधिकारी बागपत, पुष्पेंद्र पटेल को गाजीपुर से अंबेडकरनगर, शुभम यादव को उन्नाव से बुलंदशहर, प्रतिभा मिश्रा को वाराणसी से कानपुर देहात, गोपाल शर्मा को मैनपुरी से बरेली, मिथलेश कुमार तिवारी को रायबरेली से मैनपुरी, लवलीत कौर को हाथरस से OSD ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, पुष्पनाथ चौधरी को अमरोहा से उन्नाव, देवेंद्र प्रताप सिंह को यूपीडा से झांसी, प्रज्ञा पाण्डेय को उन्नाव से बाराबंकी, अजेंद्र सिंह को कौशाम्बी से उन्नाव, अभिनव यादव को सीतापुर से जालौन, आकांक्षा गौतम को सीतापुर से सोनभद्र तथा शिखा शुक्ला को सीतापुर से कानपुर नगर भेजा गया है.</p>
<h5><strong>फतेहपुर में भी बदले कई SDM</strong></h5>
<p>182 PCS अधिकारियों के तबादले की सूची में फतेहपुर जनपद भी शामिल है. जिले के तीन उपजिलाधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि एक नए अधिकारी की तैनाती की गई है.</p>
<p>जारी आदेश के अनुसार प्रदीप कुमार रमन, जो फतेहपुर में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थे, उनका तबादला उपजिलाधिकारी जौनपुर के पद पर किया गया है. अजय कुमार पांडेय, उपजिलाधिकारी फतेहपुर को एसडीएम फर्रुखाबाद बनाया गया है. वहीं अभिनीत कुमार, जो फतेहपुर में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण एसडीएम अमेठी के रूप में किया गया है.</p>
<p>इन अधिकारियों के स्थान पर अश्विनी पांडेय, जो पहले एसडीएम बहराइच के पद पर तैनात थे, उन्हें उपजिलाधिकारी फतेहपुर के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस फेरबदल के बाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-pcs-transfer-2026-182-pcs-officers-transferred/article-8996</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 09:54:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में 20 IAS अधिकारियों के तबादले, चिकित्सा शिक्षा से ऊर्जा तक कई अहम विभागों में बड़ा फेरबदल</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात जारी आदेश में 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है. चिकित्सा शिक्षा, राजस्व, संस्कृति, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास और ग्रामीण विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) के भी तबादले किए गए हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-ias-transfer-20-officers-major-administrative-reshuffle/article-8989"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/up-ias-transfer-news-today.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP IAS Transfer: </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. देर रात जारी तबादला सूची में चिकित्सा शिक्षा, निबंधन, संस्कृति, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, राजस्व और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई तैनातियां की गई हैं. इसके अलावा कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.</p><h3><strong>चिकित्सा शिक्षा और निबंधन विभाग में बड़ा बदलाव</strong></h3><p>महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. सारिका मोहन को महानिरीक्षक निबंधन बनाया गया है. वहीं इस पद पर कार्यरत नेहा शर्मा को डीजीएमई और सचिव चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस बदलाव को चिकित्सा शिक्षा और निबंधन विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पुनर्गठन माना जा रहा है.</p><h4><strong>सूचना और संस्कृति विभाग में बदली जिम्मेदारियां</strong></h4><p>सूचना निदेशक विशाल सिंह से विशेष सचिव संस्कृति और निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है. वहीं संजय कुमार सिंह प्रथम से विशेष सचिव संस्कृति का कार्यभार हटाकर उन्हें निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. संस्कृति विभाग में नई जिम्मेदारियों के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को पुनर्गठित किया गया है.</p><h5><strong>ग्रामीण विकास और खनिकर्म विभाग में नई तैनातियां</strong></h5><p>अपर निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म अरुण कुमार को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का निदेशक नियुक्त किया गया है. भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की विशेष सचिव जे. रीभा को वर्तमान दायित्वों के साथ अपर निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है. वहीं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की निदेशक दीपा रंजन को संस्कृति विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है.</p><h6><strong>ऊर्जा और महिला एवं बाल विकास विभाग में बदलाव</strong></h6><p>मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक (एमडी) रिया केरजीवाल को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है. गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अपर आयुक्त राज्यकर का कार्यभार संभाल रहे संदीप भागिया अब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के नए एमडी होंगे.</p><p>विशेष सचिव महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार और सचिव राज्य महिला आयोग का अतिरिक्त कार्यभार देख रही रेणु तिवारी से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का विशेष सचिव का प्रभार वापस ले लिया गया है.</p><h6><strong>कई जिलों के सीडीओ बदले गए</strong></h6><p>प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं.</p><ul><li>आजमगढ़ के सीडीओ परीक्षित खटाना को अपर आयुक्त राज्यकर, गौतमबुद्ध नगर बनाया गया है.</li><li>लखनऊ मंडल के अपर आयुक्त राकेश कुमार पटेल को आजमगढ़ का नया सीडीओ नियुक्त किया गया है.</li><li>बलिया के सीडीओ ओजस्वी राज को मथुरा-वृंदावन नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है.</li><li>गोंडा के एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार को बलिया का नया सीडीओ बनाया गया है.</li><li>इटावा के सीडीओ अजय कुमार गौतम को अपर राज्य आयुक्त राज्यकर, गाजियाबाद प्रथम के पद पर भेजा गया है.</li><li>मुजफ्फरनगर के एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह को इटावा का नया सीडीओ नियुक्त किया गया है.</li></ul><h6><strong>अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां</strong></h6><ul><li>मथुरा-वृंदावन नगर निगम के नगर आयुक्त जग प्रवेश को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है.</li><li>मनिकन्दन ए को प्रतीक्षारत सूची से हटाकर राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त नियुक्त किया गया है.</li><li>चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की संयुक्त प्रबंध निदेशक डॉ. वंदना वर्मा को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड का संयुक्त प्रबंध निदेशक बनाया गया है.</li></ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-ias-transfer-20-officers-major-administrative-reshuffle/article-8989</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 09:57:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lucknow News: पूर्व एआरटीओ के घर विजिलेंस का छापा ! 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी सहित करोड़ों का कैश बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर बड़ी छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान 1.62 करोड़ रुपये नकद, करीब 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, हीरे के आभूषण और कई करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/former-arto-lalit-kumar-vigilance-raid/article-8985"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/lucknow-ex-arto-lalit-kumar-arrested.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lucknow News: </strong>उत्तर प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी, भारी मात्रा में सोना-चांदी, हीरे के आभूषण और कई जिलों में फैली चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं. बरामद संपत्तियों को जांच में शामिल करते हुए सतर्कता अधिष्ठान ने आगे की विधिक कार्रवाई तेज कर दी है.</p>
<h3><strong>आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर छापा मारा. न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद 7 और 8 जुलाई 2026 को चली इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य संपत्तियां सामने आईं.</p>
<h4><strong>घर के अलग-अलग हिस्सों से मिली करोड़ों की नकदी</strong></h4>
<p>जांच टीम के मुताबिक तलाशी के दौरान करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. यह रकम अलग-अलग पैकेटों में घर के विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखी गई थी. अधिकारियों ने पूरी नकदी को जब्त कर उसकी गिनती और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की.</p>
<h5><strong>13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और हीरे के आभूषण बरामद</strong></h5>
<p>विजिलेंस की कार्रवाई में लगभग 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी, हीरे के आभूषण और अन्य कीमती जेवर भी बरामद हुए. अधिकारियों के अनुसार बरामद सोना, चांदी और आभूषणों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये है. बरामद सामग्री का मूल्यांकन और सत्यापन भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.</p>
<h6><strong>कई जिलों में संपत्तियों के दस्तावेज मिले</strong></h6>
<p>छापेमारी के दौरान लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में स्थित आवासीय भूखंड, फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. इसके अलावा दो लग्जरी कारों के रिकॉर्ड तथा बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए.</p>
<h6><strong>2024 में दर्ज हुआ था मामला</strong></h6>
<p>सतर्कता अधिष्ठान के अनुसार ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2024 में मामला दर्ज किया गया था. शासन के निर्देश पर इस प्रकरण की विवेचना जारी है. जांच के क्रम में न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त होने के बाद यह छापेमारी की गई.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/former-arto-lalit-kumar-vigilance-raid/article-8985</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:22:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPPCL News: यूपी में बिजली विभाग का नया खेल! मैसेज आते ही दोगुना हो रहा बिजली कनेक्शन का लोड, प्रदेशभर में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर अचानक बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने के मैसेज पहुंचने से हड़कंप मच गया है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना और सहमति के विभाग ने उनके कनेक्शन का भार बढ़ा दिया है. कई लोगों का कहना है कि एक या दो बार अधिक बिजली की डिमांड आने पर ही यह कार्रवाई की गई है, जबकि नियम कुछ और कहते हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/uppcl-electricity-load-increased-without-notice/article-8973"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/uppcl-extra-lode-msg-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UPPCL News: </strong>उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रीपेड मीटर को लेकर पहले से नाराज उपभोक्ताओं के सामने अब बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड बिना पूर्व सूचना बढ़ाए जाने का मामला सामने आया है. प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को मोबाइल पर ऐसे मैसेज मिले हैं, जिनमें उनके कनेक्शन का भार बढ़ाने की जानकारी दी गई है. इस कार्रवाई के बाद लोगों में नाराजगी है और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.</p>
<h3><strong>शुक्रवार रात आए मैसेज से मच गई खलबली</strong></h3>
<p>शुक्रवार रात करीब आठ बजे हजारों बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर यूपीपीसीएल की ओर से मैसेज पहुंचे. इन मैसेजों में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली की मांग दर्ज होने के कारण उनके कनेक्शन का स्वीकृत लोड बढ़ा दिया गया है. मैसेज मिलते ही उपभोक्ताओं ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई.</p>
<h4><strong>उपभोक्ताओं का आरोप, बिना सूचना बढ़ाया गया लोड</strong></h4>
<p>प्रदेश के अलग-अलग जिलों से उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि विभाग ने न तो पहले कोई नोटिस दिया और न ही उनकी सहमति ली. कई लोगों का कहना है कि उनके कनेक्शन का भार सीधे एक से दो किलोवाट या चार से पांच किलोवाट कर दिया गया. उनका कहना है कि यदि विभाग को लोड बढ़ाना था तो पहले कारण बताते हुए नोटिस जारी किया जाना चाहिए था.</p>
<h5><strong>एक महीने की अधिक डिमांड पर ही कार्रवाई का आरोप</strong></h5>
<p>उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले यदि किसी उपभोक्ता की बिजली की अधिकतम मांग लगातार कई बार स्वीकृत सीमा से अधिक जाती थी, तभी विभाग कार्रवाई करता था. लेकिन इस बार केवल एक या दो बिलिंग अवधि में अधिक डिमांड दर्ज होने के आधार पर ही कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया गया. इससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं.</p>
<h6><strong>महिला उपभोक्ता ने उठाए सवाल</strong></h6>
<p>लखनऊ की एक उपभोक्ता शकुंतला ने बताया कि उनका पांच किलोवाट का बिजली कनेक्शन है. उनके अनुसार कई महीनों तक उनकी अधिकतम डिमांड पांच किलोवाट से कम रही. केवल हाल की एक बिलिंग अवधि में डिमांड 6.55 किलोवाट पहुंची, जिसके बाद विभाग ने बिना किसी सूचना के उनका लोड एक किलोवाट बढ़ा दिया. उनका सवाल है कि यदि नियम तीन बार अधिकतम मांग सीमा पार होने की बात कहते हैं, तो एक बार की अधिक डिमांड पर कार्रवाई क्यों की गई.</p>
<h6><strong>छोटे घरेलू उपभोक्ता भी आए प्रभावित</strong></h6>
<p>कानपुर के काकादेव निवासी रामलखन ने बताया कि उनके घर में केवल एक पंखा और दो बल्ब हैं, फिर भी उनका एक किलोवाट का कनेक्शन बढ़ाकर दो किलोवाट कर दिया गया. वहीं कल्याणपुर निवासी डॉ. भक्ति विजय शुक्ल का कहना है कि उनका चार किलोवाट का कनेक्शन था और कभी भी निर्धारित सीमा से अधिक लोड नहीं गया, इसके बावजूद उनका स्वीकृत भार बढ़ाकर पांच किलोवाट कर दिया गया.</p>
<h6><strong>फतेहपुर समेत कई जिलों में पहुंचे ऐसे मैसेज</strong></h6>
<p>फतेहपुर निवासी अमित शुक्ला ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पिता के मोबाइल पर भी ऐसा ही मैसेज आया, जिसमें बिजली कनेक्शन का भार अचानक दो गुना बढ़ाए जाने की सूचना दी गई. इसी कई और उपभोक्ताओं ने भार बढ़ने पर नाराजगी जताई. पूरे प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बिजली कनेक्शन लोड से लोगों मे नाराजगी है.</p>
<h6><strong>क्या कहते हैं यूपीपीसीएल के नियम?</strong></h6>
<p>बिजली विभाग की नियमावली के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता की दर्ज अधिकतम मांग एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन बार स्वीकृत भार सीमा से अधिक हो जाती है, तो अगले वित्तीय वर्ष के बिलिंग चक्र से उसका स्वीकृत भार संशोधित किया जा सकता है. नियमों में यह भी उल्लेख है कि उपभोक्ता को इस संशोधन की सूचना दी जानी चाहिए और बढ़े हुए लोड का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए. साथ ही बढ़े हुए लोड के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा धनराशि जमा कराने का भी प्रावधान है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 00:42:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में इस तारीख से मानसून देगा दस्तक: 30 जून से शुरू होगी झमाझम बारिश, भीषण गर्मी और लू से मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार रविवार रात से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून प्रवेश करने की संभावना है. इसके बाद 30 जून से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश का दौर शुरू हो सकता है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-monsoon-entry-june-rain-alert-weather-update/article-8966"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-06/up-me-barish-kab-hogi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP Weather Alert News: </strong>मौसम विभाग के अनुसार मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं. अनुमान है कि रविवार रात से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून दस्तक देगा. इसके बाद धीरे-धीरे इसकी सक्रियता पूरे प्रदेश में बढ़ेगी. जुलाई के पहले सप्ताह तक लगभग सभी जिलों में मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है.</p>
<h3><strong>30 जून से तीन-चार दिन तक होगी व्यापक बारिश</strong></h3>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 30 जून से अगले तीन से चार दिनों तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होगी. पूर्वांचल के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है. लगातार बारिश से मौसम सुहावना होगा और किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में भी राहत मिलेगी.</p>
<h4><strong>तापमान में 6 से 8 डिग्री तक आएगी गिरावट</strong></h4>
<p>वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल हैं. बारिश शुरू होने के बाद प्रदेश के अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है. इससे भीषण गर्मी और लू का असर काफी हद तक खत्म हो जाएगा.</p>
<h5><strong>फिलहाल 35 जिलों में लू और उमस का अलर्ट</strong></h5>
<p>मानसून आने से पहले शनिवार को प्रदेश के करीब 35 जिलों में तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं का असर बना रहेगा. मौसम विभाग ने कई जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है. लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.</p>
<h6><strong>लखीमपुर खीरी सबसे गर्म, लखनऊ में भी चढ़ा पारा</strong></h6>
<p>शुक्रवार को लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बांदा 43 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है.</p>
<h6><strong>तीन दिन बाद लू से मिलेगी राहत</strong></h6>
<p>मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लू का प्रभाव समाप्त होने लगेगा. मानसून के सक्रिय होने के साथ नियमित बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल जाएगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:53:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: यूपी में बिना फायर NOC नहीं मिलेगा बिजली कनेक्शन और व्यापार लाइसेंस, योगी सरकार का बड़ा फैसला, शासनादेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार ने अग्नि सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब बिना फायर NOC के किसी भी बड़े भवन को बिजली कनेक्शन या व्यापार लाइसेंस नहीं मिलेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों में फायर सेफ्टी ऑडिट, टास्क फोर्स का गठन और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए शासनादेश जारी किया गया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/fire-noc-mandatory-for-electricity-connection-and-trade-license-yogi-government-order/article-8963"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-06/up-noc-yogi-uppcl-connection.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP News: </strong>उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा को लेकर योगी सरकार ने सख्त कदम उठाया है. अब बिना फायर NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) के बड़े भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों को न तो नया बिजली कनेक्शन मिलेगा और न ही व्यापार लाइसेंस जारी किया जाएगा. इस संबंध में आवास एवं नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव गुरुप्रसाद ने शासनादेश जारी कर सभी विकास प्राधिकरणों और उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को तत्काल प्रभाव से निर्देश लागू करने के आदेश दिए हैं.</p>
<h3><strong>अलीगंज अग्निकांड के बाद सरकार हुई सख्त</strong></h3>
<p>लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर कड़े निर्देश दिए थे. इसी के तहत अब सभी बड़े भवनों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.</p>
<h4><strong>इन संस्थानों की होगी अनिवार्य जांच</strong></h4>
<p>शासनादेश के अनुसार प्रदेशभर में निम्न संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा.</p>
<ul>
<li>कोचिंग संस्थान</li>
<li>शॉपिंग मॉल</li>
<li>सरकारी भवन</li>
<li>नर्सिंग होम</li>
<li>मेडिकल कॉलेज</li>
<li>अस्पताल</li>
<li>होटल</li>
<li>औद्योगिक इकाइयां</li>
<li>अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान</li>
</ul>
<p>इन सभी स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.</p>
<h5><strong>बिना फायर NOC नहीं मिलेगा बिजली कनेक्शन और लाइसेंस</strong></h5>
<p>सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन भवनों के पास वैध फायर NOC नहीं होगी, उन्हें बिजली का नया कनेक्शन या व्यापार संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा. संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से दस्तावेजों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं.</p>
<h6><strong>हर जिले में बनेगी टास्क फोर्स</strong></h6>
<p>आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी जिलों में विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी. इसमें अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे. यह टीम भवनों के दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्था की संयुक्त जांच करेगी.</p>
<h6><strong>लापरवाही पर अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी</strong></h6>
<p>शासनादेश में कहा गया है कि यदि किसी भवन में अवैध गतिविधियां या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है तो प्रवर्तन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. वहीं, नियमों के विपरीत फायर NOC जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.</p>
<h6><strong>बेसमेंट में कोचिंग और लाइब्रेरी पर लगेगी रोक</strong></h6>
<p>सरकार ने बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था लागू की जाएगी.</p>
<h6><strong>हर तहसील में बनेगा अग्निशमन केंद्र</strong></h6>
<p>प्रदेश में आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रत्येक तहसील में नए अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. साथ ही भवनों में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.</p>
<h6><strong>अस्पतालों का भी होगा फायर ऑडिट</strong></h6>
<p>शासनादेश के अनुसार सभी सरकारी और निजी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा. साथ ही किसी भी अग्निकांड की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, विभागों का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और घायलों के उपचार के लिए अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/fire-noc-mandatory-for-electricity-connection-and-trade-license-yogi-government-order/article-8963</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 00:08:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: यूपी में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने पर रोक, पंचायत चुनाव को लेकर सरकार और आयोग से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें प्रशासक बनाए जाने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है. साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव की समयसीमा और सरकार से ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मांगी है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-panchayat-election-2026-allahabad-high-court-stay-on-making-gram-pradhans-administrators/article-8962"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-06/allahabad-highcourt-gram-pradhan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP Panchayat News: </strong>उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक संचालन और आगामी पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अहम टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और मामले में सरकार से जवाब तलब किया है.</p>
<p>अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी. यह आदेश अरविंद राठौर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया. याचिका में कहा गया था कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक बनाना संविधान और पंचायत राज व्यवस्था की मूल भावना के अनुरूप नहीं है.</p>
<h3><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश की 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो गया था. समय पर पंचायत चुनाव नहीं होने के कारण राज्य सरकार ने प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति दी थी.</p>
<p>सरकार के इसी निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फिलहाल इस व्यवस्था पर रोक लगा दी है. कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश में ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक संचालन को लेकर नई कानूनी स्थिति बन गई है.</p>
<h4><strong>राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा- पंचायत चुनाव कब होंगे?</strong></h4>
<p>सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा कि पंचायत चुनाव कराने की संभावित समयसीमा क्या है. इसके अलावा राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई में ओबीसी आयोग की प्रगति रिपोर्ट और आरक्षण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए.</p>
<h5><strong>OBC रिपोर्ट के बाद तय होगा पंचायत चुनाव का रास्ता</strong></h5>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए आयोग का गठन किया है. आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों का सर्वे कर पिछड़े वर्गों की वास्तविक आबादी और सामाजिक स्थिति का अध्ययन करेगा. इसी रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में आरक्षण का नया प्रारूप तैयार किया जाएगा.</p>
<h6><strong>यूपी पंचायत चुनाव में 12.58 करोड़ से अधिक मतदाता</strong></h6>
<p>राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए 12 करोड़ 58 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं. इस बार लगभग 1.81 करोड़ नए मतदाताओं के नाम भी सूची में जोड़े गए हैं.</p>
<h6><strong>हाईकोर्ट के फैसले का क्या पड़ेगा असर?</strong></h6>
<p>हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद सरकार द्वारा बनाई गई प्रशासक व्यवस्था पर फिलहाल रोक लग गई है. अब सरकार को अदालत में अपने फैसले का कानूनी आधार स्पष्ट करना होगा. दूसरी ओर, पंचायत चुनाव की तारीख, ओबीसी आरक्षण और ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक संचालन जैसे मुद्दों पर भी सभी की नजर 13 जुलाई की सुनवाई पर रहेगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 17:12:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी भाजपा की नई टीम का ऐलान: ओबीसी पर बड़ा दांव, राजनाथ सिंह के बेटे बने उपाध्यक्ष, सुरेश राणा-पूजा पाल समेत कई नेताओं को मिली जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी है. नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए ओबीसी वर्ग को प्रमुखता दी गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा पूर्व मंत्री सुरेश राणा, पूजा पाल समेत कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. पार्टी ने क्षेत्रीय अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की भी घोषणा कर दी है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-bjp-new-state-executive-announced-neeraj-singh-suresh-rana-pooja-pal/article-8961"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-06/up-bjp-new-team-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP BJP News:</strong> उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी सूची में संगठन के विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं. भाजपा ने इस बार सामाजिक समीकरणों को साधने पर विशेष जोर दिया है और ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं तथा युवाओं को संगठन में व्यापक प्रतिनिधित्व दिया है. नई टीम में कुल 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री, 19 प्रदेश मंत्री, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष और विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं.</p>
<h3><strong>नीरज सिंह, सुरेश राणा और पूजा पाल बने प्रदेश उपाध्यक्ष</strong></h3>
<p>नई कार्यकारिणी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. पूर्व मंत्री सुरेश राणा और पूर्व विधायक पूजा पाल को भी प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इनके अलावा कुल 19 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है.</p>
<h4><strong>प्रदेश उपाध्यक्ष</strong></h4>
<ul>
<li><strong>सुरेश राणा</strong></li>
<li><strong>सत्यपाल सैनी</strong></li>
<li><strong>ब्रज बहादुर</strong></li>
<li><strong>डॉ. धर्मेंद्र सिंह</strong></li>
<li><strong>मोहित बेनीवाल</strong></li>
<li><strong>देवेश कोरी</strong></li>
<li><strong>प्रियंका रावत</strong></li>
<li><strong>दुर्विजय शाक्य</strong></li>
<li><strong>रमेश सिंह</strong></li>
<li><strong>नीरज सिंह</strong></li>
<li><strong>अर्चना मिश्रा</strong></li>
<li><strong>पूजा पाल</strong></li>
<li><strong>शंकर गिरी</strong></li>
<li><strong>कामेश्वर सिंह</strong></li>
<li><strong>कृतिका अग्रवाल</strong></li>
<li><strong>सुरेश मौर्य</strong></li>
<li><strong>राजेश यादव</strong></li>
<li><strong>कृष्ण बिहारी राय</strong></li>
<li><strong>आलोक गुप्ता</strong></li>
</ul>
<h5><strong>8 नेताओं को बनाया गया प्रदेश महामंत्री</strong></h5>
<p>प्रदेश संगठन को मजबूत करने के लिए भाजपा ने आठ नेताओं को महामंत्री की जिम्मेदारी दी है.</p>
<ol>
<li>रामप्रताप सिंह चौहान</li>
<li>गीता शाक्य</li>
<li>अभिजात मिश्रा</li>
<li>उपेंद्र रावत</li>
<li>संजय राय</li>
<li>शंकर लोधी</li>
<li>दिलीप पटेल</li>
<li>राजेश चौधरी</li>
</ol>
<h6><strong>19 नेताओं को मिली प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी</strong></h6>
<p>प्रदेश मंत्री बनाए गए नेताओं में विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विनय राजभर, प्रमेंद्र जांगड़ा विश्वकर्मा, किरण लोधी निषाद, एकेश बिंद, सचिता सिंह चौहान (लूनिया), रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महामेधा नागर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेन्द्र शर्मा और आकांक्षा सोनकर शामिल हैं.</p>
<h6><strong>छह क्षेत्रों के नए अध्यक्ष घोषित</strong></h6>
<p>प्रदेश संगठन के क्षेत्रीय ढांचे को मजबूत करने के लिए भाजपा ने छह नए क्षेत्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा की है.</p>
<ul>
<li>नवाब सिंह नागर – पश्चिम क्षेत्र</li>
<li>पूरन लाल लोधी – ब्रज क्षेत्र</li>
<li>राम किशोर साहू – कानपुर क्षेत्र</li>
<li>अवधेश द्विवेदी – अवध क्षेत्र</li>
<li>अशोक चौरसिया – काशी क्षेत्र</li>
<li>विनोद राय – गोरखपुर क्षेत्र</li>
</ul>
<h6><strong>मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की भी हुई घोषणा</strong></h6>
<p>भाजपा ने अपने विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों के नाम भी घोषित कर दिए हैं.</p>
<ol>
<li>रोहित मिश्रा – प्रदेश अध्यक्ष, युवा मोर्चा</li>
<li>प्रकाश पाल – प्रदेश अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग मोर्चा</li>
<li>देवेंद्र सिंह – प्रदेश अध्यक्ष, किसान मोर्चा</li>
<li>अशोक रावत – प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित मोर्चा</li>
<li>सरोज कुशवाहा – प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा</li>
<li>विद्याभूषण गोंड – प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति मोर्चा</li>
</ol>
<h6><strong>मीडिया और कार्यालय पदाधिकारियों को भी मिली जिम्मेदारी</strong></h6>
<p>भाजपा ने संगठन के मीडिया और कार्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की हैं.</p>
<p><strong>कार्यालय पदाधिकारी</strong></p>
<ul>
<li>भारत दीक्षित – कार्यालय मंत्री</li>
<li>अतुल अवस्थी – कार्यालय सह-मंत्री</li>
<li>लक्ष्मण सिंह – कार्यालय सह-मंत्री</li>
</ul>
<p><strong>मीडिया एवं सोशल मीडिया</strong></p>
<ol>
<li>दिनेश प्रताप सिंह – मुख्य प्रवक्ता</li>
<li>मनीष दीक्षित – प्रदेश मीडिया संयोजक</li>
<li>हिमांशु राज पंडित – प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक</li>
</ol>
<h6><strong>चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही नई टीम</strong></h6>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी आगामी विधानसभा चुनाव को साधने में लग गई है. संगठन में ओबीसी, दलित, महिलाओं और युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 18:34:15 +0530</pubDate>
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