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                <title>लखनऊ - Yugantar Pravah </title>
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                <title>UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-वज्रपात की आशंका पर सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में 1 से 6 सितंबर तक मौसम बिगड़ने की संभावना को देखते हुए योगी सरकार ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. भारत मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में भारी से मूसलाधार बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका है. वहीं सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज समेत कुछ जिलों में आकस्मिक बाढ़ का खतरा भी जताया गया है. राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को लगातार निगरानी और जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-rain-alert-heavy-rainfall-flood-lightning-warning/article-9083"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-09/up-heavy-rain-alert-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>UP Rain Alert: </strong>उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है और आने वाले दिनों में कई जिलों में तेज से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के 1 से 6 सितंबर तक के पूर्वानुमान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया है. सरकार ने संभावित बाढ़, जलभराव, मेघगर्जन और वज्रपात से निपटने के लिए पहले से तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.</p>
<h3><strong>6 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना</strong></h3>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 सितंबर से 6 सितंबर तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है. कई जिलों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है.पूर्वानुमान को देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.</p>
<h4><strong>इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</strong></h4>
<p>भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली और संत रविदास नगर (भदोही) शामिल हैं.</p>
<p>इसके अलावा कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वांचल के जौनपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया में भी मौसम खराब रहने और भारी बारिश होने की आशंका है.</p>
<p>वहीं अवध और तराई क्षेत्र के बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकरनगर भी अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं.</p>
<p>पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के एटा, कासगंज, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है.</p>
<h5><strong>इन 10 जिलों में आकस्मिक बाढ़ का खतरा</strong></h5>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कुछ जिलों के लिए आकस्मिक बाढ़ को लेकर भी चेतावनी दी गई है. सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है.</p>
<p>इन जिलों के प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. नदियों के जलस्तर, नालों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव की व्यवस्था तत्काल पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश हैं.</p>
<h6><strong>मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी</strong></h6>
<p>प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना है. यह खतरा केवल पूर्वांचल तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य यूपी, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर से जुड़े जिलों में भी सतर्कता की जरूरत बताई गई है.</p>
<p>प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, लखनऊ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, झांसी और मथुरा समेत कई जिलों में वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.</p>
<p>पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र के मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों में भी मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है.</p>
<h6><strong>सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश</strong></h6>
<p>योगी सरकार ने संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों को प्राथमिकता दी है. राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से संबंधित जिलों को निर्देश दिया गया है कि मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखी जाए.</p>
<p>प्रशासन को स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव की व्यवस्थाएं तैयार रखने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 22:43:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में 17 IAS अफसरों का तबादला: आंजनेय कुमार सिंह को नहीं मिला एक्सटेंशन ! योगी थे नाराज़, जानिए क्या रहीं चर्चाएं</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 IAS अफसरों के तबादले किए हैं. मुरादाबाद के मंडलायुक्त रहे आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद उन्हें वापस सिक्किम भेज दिया गया है. उनकी सेवा अवधि बढ़ने की चर्चा थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी के साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-17-ias-transfer-anjaney-kumar-singh/article-9076"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-08/17-ias-transfer-up-aunjaneya-singh.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>IAS Transfer In UP:</strong> यूपी में एक बार फिर देर रात तबादला एक्सप्रेस चली है. योगी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए 17 IAS अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले हैं. सबसे ज्यादा चर्चा मुरादाबाद के मंडलायुक्त रहे आंजनेय कुमार सिंह को लेकर है. उनकी प्रतिनियुक्ति 14 अगस्त को खत्म हो गई थी और अब उन्हें वापस सिक्किम भेज दिया गया है. वहीं, कई अधिकारियों को मंडलायुक्त, सचिव और प्रबंध निदेशक जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी दी गई है.</p>
<h3><strong>आंजनेय कुमार सिंह को नहीं मिला एक्सटेंशन</strong></h3>
<p>2005 बैच के IAS अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को 15 फरवरी 2015 को उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती मिली थी. इसके बाद उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि लगातार बढ़ती रही. वह मुरादाबाद के मंडलायुक्त के पद पर तैनात थे. उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त 2026 को समाप्त हो गई.</p>
<p>प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद वह लंबी छुट्टी पर चले गए थे. माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनकी प्रतिनियुक्ति को एक बार फिर बढ़ाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब उन्हें वापस सिक्किम भेज दिया गया है.</p>
<h4><strong>क्या जौहर विश्वविद्यालय के मामले से जुड़ी है नाराजगी की चर्चा?</strong></h4>
<p>आंजनेय कुमार सिंह को एक्सटेंशन नहीं मिलने के पीछे कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं. जानकारों के मुताबिक, मुरादाबाद मंडलायुक्त रहते हुए उन्होंने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े एक मामले में रामपुर विकास प्राधिकरण के 38 इमारतों को गिराने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी.</p>
<p>इसी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा रही कि सरकार उनसे नाराज थी. गौर करने वाली बात यह भी है कि मोहम्मद आजम खां के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई उस समय हुई थी, जब आंजनेय कुमार सिंह रामपुर के जिलाधिकारी और बाद में मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त के पद पर तैनात थे.</p>
<h5><strong>संगीता सिंह बनीं मुरादाबाद की कमिश्नर</strong></h5>
<p>तबादला सूची में अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह को मुरादाबाद का मंडलायुक्त बनाया गया है. वहीं प्रयागराज में राजस्व परिषद के सदस्य रहे ओम प्रकाश आर्य को अलीगढ़ का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है.</p>
<p>इसके अलावा आयुक्त ग्राम्य विकास और सचिव के पद पर तैनात गौरी शंकर प्रियदर्शी को महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय आयुष मिशन की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक रहीं चैत्रा वी को राजस्व परिषद में सदस्य प्रशासनिक बनाया गया है.</p>
<h6><strong>इन IAS अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी</strong></h6>
<p>तबादला सूची के अनुसार सचिव समाज कल्याण विभाग रहे प्रमोद कुमार उपाध्याय को आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश बनाया गया है. सचिव नगर विकास विभाग रहे रवींद्र कुमार को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय की जिम्मेदारी दी गई है.</p>
<p>उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे मासूम अली सरवर को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय एवं राज्य मिशन निदेशक बनाया गया है.</p>
<p>जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक डॉ. राज शेखर को सचिव नियोजन विभाग की जिम्मेदारी मिली है. वहीं आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता रहे योगेश कुमार को प्रबंध निदेशक जल निगम ग्रामीण बनाया गया है.</p>
<p>सचिव उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग रहे कुमार प्रशांत को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता बनाया गया है. सचिवालय प्रशासन विभाग में सचिव रहे गुर्राला श्रीनिवासुलु को सचिव उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है.</p>
<h6><strong>प्रतीक्षारत IAS अमृत पाल कौर को भी मिली तैनाती</strong></h6>
<p>तबादला सूची में प्रतीक्षारत IAS अमृत पाल कौर को भी नई जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें संयुक्त प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड बनाया गया है.</p>
<p>विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा रहे देवेंद्र कुमार पांडेय को विशेष सचिव उपभोक्ता मामले बनाया गया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव रहे विवेक श्रीवास्तव को विशेष सचिव पशुधन विभाग की जिम्मेदारी मिली है.</p>
<p>उच्च शिक्षा विभाग के सचिव रहे अमृत त्रिपाठी को सदस्य न्यायिक, राजस्व परिषद प्रयागराज बनाया गया है. वहीं राजस्व परिषद के सदस्य न्यायिक रहे ओम प्रकाश राय को विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.</p>
<h6><strong>नवीनीत सेहारा को फिलहाल नई जिम्मेदारी नहीं</strong></h6>
<p>उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ के संयुक्त प्रबंध निदेशक रहे नवीनीत सेहारा को फिलहाल कोई नया पद नहीं दिया गया है. उन्हें संयुक्त प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड के पद से अवमुक्त किया जाना है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 07:52:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या, बहन को भी उतारा मौत के घाट, फिर खुद दी जान</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ के गोमती नगर इलाके में बैंक कर्मचारी ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद वह हुसड़िया चौराहे के पास अपने किराए के घर पहुंचा, जहां बहन को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली. मृतका दिव्या मिश्रा आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं. पति-पत्नी के बीच तलाक का मामला चल रहा था.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/husband-killed-wife-sister-suicide-divya-mishra/article-9068"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-08/lucknow-divya-manas-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lucknow Murder Case:</strong> उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया. गोमती नगर में बैंक के बाहर एक बैंककर्मी ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी अपने घर पहुंचा, जहां उसने बहन को गोली मारने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली. मृतका दिव्या मिश्रा आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.</p>
<h3><strong>गोमती नगर में बैंक के बाहर पत्नी की हत्या</strong></h3>
<p>लखनऊ के गोमती नगर इलाके में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आईसीआईसीआई बैंक के पास दिनदहाड़े फायरिंग की घटना सामने आई. बताया जा रहा है कि दिव्या मिश्रा किसी क्लाइंट से मुलाकात के बाद बैंक के बाहर से वापस लौटी थीं. इसी दौरान उनके पति मानस बाजपेयी वहां पहले से घात लगाए मौजूद थे.</p>
<p>स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई. इसके बाद मानस ने दिव्या पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गोली लगने से दिव्या गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर गईं. फायरिंग के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया.</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दिव्या को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.</p>
<h4><strong>आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं दिव्या</strong></h4>
<p>दिव्या मिश्रा आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर काम करती थीं. उनके पति मानस बाजपेयी के एसबीआई में कार्यरत होने की जानकारी सामने आई है.</p>
<p>बताया जा रहा है कि दोनों के बीच आपस में विवाद चल रहा था और दिव्या ने करीब एक साल पहले पति से तलाक के लिए अदालत में मामला दायर किया था. हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से हत्या की निश्चित वजह का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है.</p>
<h5><strong>पत्नी की हत्या के बाद घर पहुंचा मानस</strong></h5>
<p>पत्नी की हत्या करने के बाद मानस बाजपेयी करीब एक किलोमीटर दूर हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने किराए के मकान पर पहुंचा.</p>
<p>पुलिस के अनुसार, मानस अपनी बहन शीबा बाजपेयी के साथ इस मकान में रहता था. स्थानीय लोगों ने बताया कि घर पहुंचने के समय मानस काफी घबराया हुआ और पसीने से भीगा हुआ दिखाई दे रहा था.</p>
<p>वह घर के अंदर गया और कमरे का दरवाजा बंद कर लिया. कुछ देर बाद अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी. इसके बाद लोगों को जानकारी हुई कि मानस ने अपनी बहन शीबा को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मार ली. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों की मौत हो चुकी थी.</p>
<h6><strong>स्थानीय दुकानदार ने बताया क्या हुआ</strong></h6>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के बाद पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की. स्थानीय फास्ट फूड दुकानदार लवकुश ने मीडिया को बताया कि करीब 12:30 बजे मानस अचानक वहां पहुंचा था.</p>
<p>लवकुश के मुताबिक, मानस काफी पसीने में था और तेजी से कमरे के अंदर चला गया. अंदर जाने के बाद उसने दरवाजा बंद कर लिया. कुछ देर बाद कमरे के अंदर से आवाज सुनाई दी. बाद में पता चला कि मानस ने अपनी बहन को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली है.</p>
<p>स्थानीय लोगों के मुताबिक, मानस और उसकी बहन इसी किराए के मकान में रहते थे. बताया जा रहा है कि उनके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी.</p>
<h6><strong>सुसाइड से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस लगाने का दावा</strong></h6>
<p>इस सनसनीखेज घटना के बीच मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस की बात भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले उसने व्हाट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया था.</p>
<p>स्टेटस में उसने पत्नी की हत्या करने की बात लिखी और आरोप लगाया कि पत्नी ने उसे धोखा दिया था. इसके साथ ही उसने अपनी बहन और खुद को भी मारने की बात लिखी.. धोखे का जिक्र करते हुए उसने लिखा कि पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव को पूरी जानकारी है.</p>
<h6><strong>पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं दिव्या</strong></h6>
<p>मृतका दिव्या मिश्रा पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार और परिचितों में भी शोक का माहौल है.</p>
<p>पत्नी की हत्या, बहन की हत्या और इसके बाद आरोपी की आत्महत्या ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अब हर पहलू से इस प्रकरण की जान कर रही है.</p>
<h6><strong>फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य</strong></h6>
<p>दोनों घटनास्थलों पर फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच की है. टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस हथियार, गोलीबारी से जुड़े साक्ष्य और अन्य सामग्री की भी जांच कर रही है.</p>
<p>पुलिस परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद और घटना से पहले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके.</p>
<h6><strong>तीन मौतों से राजधानी में सनसनी</strong></h6>
<p>लखनऊ जैसे पॉश इलाके में दिनदहाड़े पत्नी की हत्या और इसके बाद घर में बहन की हत्या कर खुदकुशी किए जाने की घटना से राजधानी में सनसनी फैल गई है.</p>
<p>फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और हत्या की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है. पति-पत्नी के बीच चल रहा तलाक का मामला, व्हाट्सऐप स्टेटस, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्य जांच के अहम हिस्से हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की पूरी कहानी स्पष्ट हो सकेगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 16:36:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPPCL News: फतेहपुर के अधिशासी अभियंता निलंबित, बरेली के अफसर को प्रतिकूल प्रविष्टि, बिजली कनेक्शन में देरी पर बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही और अनावश्यक देरी पर UPPCL ने सख्त रुख अपनाया है. फतेहपुर के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया, जबकि बरेली के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है. कई अन्य अभियंताओं को भी चेतावनी मिली है. ऊर्जा विभाग ने साफ किया कि कनेक्शन के आवेदन लंबित रखने पर अब जिम्मेदारी तय होगी.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/fatehpur-executive-engineer-suspended/article-9064"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-08/fatehpur-uppcl-uttar-pradesh-suspend.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lucknow News: </strong>उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है. लखनऊ स्थित शक्ति भवन में हुई समीक्षा बैठक के दौरान फतेहपुर के अधिशासी अभियंता पर निलंबन की कार्रवाई की गई, जबकि बरेली के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ऊर्जा विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि नए कनेक्शन के मामलों को बेवजह रोकना भारी पड़ सकता है.</p>
<h3><strong>फतेहपुर के अधिशासी अभियंता पर गिरी गाज</strong></h3>
<p>लखनऊ के शक्ति भवन में मंगलवार को नए बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई. इस दौरान सामने आए मामलों और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए फतेहपुर के अधिशासी अभियंता को निलंबित करने की कार्रवाई की गई.</p>
<p>वहीं, बरेली के अधिशासी अभियंता के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की गई है. बिजली कनेक्शन देने में देरी और अनावश्यक आपत्तियां लगाकर मामलों को लंबा खींचने की शिकायतों को कार्रवाई की मुख्य वजह बताया गया है.</p>
<p>इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक अन्य अभियंताओं को भी चेतावनी दी गई है. अधिकारियों को साफ तौर पर कहा गया है कि उपभोक्ताओं और कारोबारियों से जुड़े कनेक्शन के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखे जाएं.</p>
<h4><strong>निवेश मित्र और झटपट पोर्टल के आवेदनों पर खास नजर</strong></h4>
<p>ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेश मित्र और झटपट पोर्टल के माध्यम से आने वाले बिजली कनेक्शन के आवेदनों का समय से निस्तारण किया जाए.</p>
<p>उन्होंने कहा कि उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया आसान और तेज होनी चाहिए. खासतौर पर उद्योगों से जुड़े कनेक्शन के आवेदन किसी भी स्तर पर बेवजह नहीं रोके जाने चाहिए.</p>
<p>यदि किसी मामले में अनावश्यक देरी की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी.</p>
<h5><strong>कनेक्शन में आनाकानी हुई तो विजिलेंस जांच</strong></h5>
<p>समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई कि बिजली कनेक्शन देने में जानबूझकर आनाकानी या देरी की शिकायत मिलने पर सिर्फ विभागीय कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रहेगा.</p>
<p>जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस जांच भी कराई जा सकती है. वहीं, बिजली व्यवस्था से जुड़ी किसी दुर्घटना में अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी.</p>
<p>ऊर्जा विभाग का फोकस सिर्फ नए कनेक्शन जारी करने तक सीमित नहीं है. राजस्व बढ़ाने, लाइन लॉस कम करने, बिलिंग व्यवस्था बेहतर करने, स्मार्ट मीटर की निगरानी और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए भी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं.</p>
<h6><strong>3.73 लाख नए बिजली कनेक्शन का मामला भी अहम</strong></h6>
<p>इस पूरी कार्रवाई के बीच प्रदेश में जारी किए गए नए बिजली कनेक्शनों से जुड़ा एक बड़ा मामला भी सामने है.</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, 10 सितंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच प्रदेश में कुल 3,73,509 नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए. इन सभी कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का दावा किया गया है.</p>
<p>स्मार्ट मीटर की दर को लेकर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने निर्धारित दर से अधिक वसूली होने पर अतिरिक्त रकम उपभोक्ताओं को वापस करने का निर्देश दिया है. लेकिन इस मामले में अब तक बिजली कंपनियां आयोग के सामने सिर्फ 93,138 कनेक्शनों का ही पूरा आंकड़ा पेश कर पाई हैं.</p>
<h6><strong>20 अगस्त को निगमों के एमडी से मांगा जाएगा हिसाब</strong></h6>
<p>नियामक आयोग ने अब सभी विद्युत निगमों के प्रबंध निदेशकों को 20 अगस्त को तलब किया है. उन्हें पूरे मामले में हलफनामा भी देना होगा.</p>
<p>कुल 3,73,509 नए कनेक्शनों में से 2,80,371 कनेक्शनों का हिसाब अभी सामने आना बाकी है. इसी वजह से बिजली निगमों में नए कनेक्शनों और स्मार्ट मीटर से जुड़ी जानकारी जुटाने को लेकर तेजी बढ़ गई है.</p>
<p>सभी निगम अपने-अपने स्तर पर रिकॉर्ड तैयार करने में जुटे हैं, ताकि आयोग के सामने कनेक्शन और स्मार्ट मीटर से जुड़ा पूरा विवरण रखा जा सके.</p>
<h6><strong>उपभोक्ता परिषद ने भी उठाए सवाल</strong></h6>
<p>राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि हर नए कनेक्शन पर लगाए गए स्मार्ट मीटर का हिसाब लिया जाएगा.</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि जब कुल 3,73,509 नए कनेक्शन जारी हुए हैं तो अभी तक सिर्फ 93,138 कनेक्शनों का ही हिसाब क्यों सामने आया है. बाकी 2,80,371 कनेक्शनों का अलग हिसाब क्यों देना पड़ रहा है, यह भी बड़ा सवाल है.</p>
<p>उपभोक्ता परिषद का कहना है कि आयोग में आपत्ति के बाद ही इस मामले की सुनवाई हुई थी. अब बाकी कनेक्शनों का विवरण सामने आने के बाद स्मार्ट मीटर की दर, वसूली और उपभोक्ताओं को वापस की जाने वाली रकम की स्थिति और साफ हो सकती है.</p>
<h6><strong>अधिकारियों की जवाबदेही पर सरकार का जोर</strong></h6>
<p>फतेहपुर के अधिशासी अभियंता का निलंबन और बरेली के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की कार्रवाई से साफ है कि बिजली कनेक्शन से जुड़े मामलों में विभाग अब लापरवाही को हल्के में लेने के मूड में नहीं है.</p>
<p>खासकर उद्योगों, व्यापारियों और नए उपभोक्ताओं से जुड़े बिजली कनेक्शन के आवेदनों को समय पर निपटाने पर जोर दिया जा रहा है. विभाग ने संकेत दिया है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ जरूरत पड़ने पर विजिलेंस कार्रवाई भी की जा सकती है.</p>
<p>आने वाले दिनों में 20 अगस्त को नियामक आयोग के सामने विद्युत निगमों के प्रबंध निदेशकों द्वारा दिए जाने वाले हलफनामे से स्मार्ट मीटर और नए बिजली कनेक्शनों के इस पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>फतेहपुर</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 00:18:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttar Pradesh: यूपी में कोटेदारों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, कमीशन बढ़ाकर बदला नाम, अब कहलाएंगे अन्नपूर्णा भवन संचालक</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े कोटेदारों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने उचित मूल्य दुकानदारों का कमीशन 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. साथ ही उन्हें अब ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’ के नाम से पहचान मिलेगी. केंद्र से अतिरिक्त 25 रुपये की मांग भी की गई है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/cm-yogi-kotedar-commission-increased/article-9063"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-08/uttar-pradesh-kotedar-yogi-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Uttar Pradesh Lucknow: </strong>उत्तर प्रदेश में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर योगी सरकार ने कोटेदारों के हित में अहम कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में ई-पास आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कमीशन बढ़ाने के साथ कोटेदारों की पहचान और सम्मान से जुड़ा बड़ा ऐलान किया है.</p>
<h3><strong>कोटेदारों का बढ़ा कमीशन, अब मिलेंगे 125 रुपये प्रति क्विंटल</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उचित मूल्य दुकानदारों के कमीशन में बढ़ोतरी की घोषणा की. अब अन्नपूर्णा भवन संचालकों को 90 रुपये के बजाय 125 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलेगा.</p>
<p>इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कमीशन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी की सिफारिश करने की बात कही. यानी केंद्र की मंजूरी मिलने पर कमीशन में और इजाफा हो सकता है.</p>
<h4><strong>‘कोटेदार’ की जगह अब ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’</strong></h4>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ माने जाने वाले उचित मूल्य विक्रेताओं को अब नए नाम और नई पहचान के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले ‘कोटेदार’ शब्द को लेकर लोगों के मन में अच्छी धारणा नहीं थी. सरकार ने पारदर्शी राशन वितरण व्यवस्था लागू कर इस धारणा को बदलने का प्रयास किया है. अब उचित मूल्य दुकानदारों को ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’ के रूप में पहचान दी जाएगी.</p>
<h5><strong>ई-पास व्यवस्था से राशन वितरण में बढ़ेगी पारदर्शिता</strong></h5>
<p>मुख्यमंत्री ने लोक भवन में ई-पास आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और डिजिटल बनाना है.</p>
<p>योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों पर e-PoS मशीनें लगाना शुरू किया था. इसके पीछे मकसद राशन वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना था. सरकार ने FCI के गोदाम से उचित मूल्य की दुकान तक राशन पहुंचाने के लिए Single Doorstep और Single Delivery की व्यवस्था पर जोर दिया.</p>
<p>मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार और उचित मूल्य विक्रेता के बीच अनावश्यक बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की दिशा में काम किया गया. इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी और उचित मूल्य विक्रेताओं के प्रति लोगों की धारणा में भी बदलाव आया.</p>
<h6><strong>अन्नपूर्णा भवनों में मिलेंगी 39 तरह की खाद्य सामग्री</strong></h6>
<p>योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अन्नपूर्णा भवनों को सिर्फ राशन वितरण तक सीमित नहीं रखा जा रहा है. इन भवनों के माध्यम से 39 प्रकार की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है.</p>
<p>अन्नपूर्णा भवन संचालक कमीशन प्रणाली के तहत सरकार को अपना फीडबैक भी दे सकेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करते हुए राशन वितरण में होने वाले फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को कम किया जाए.</p>
<h6><strong>अन्नपूर्णा भवन में दुकान के साथ होगा गोदाम</strong></h6>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उचित मूल्य की दुकानों को ‘अन्नपूर्णा भवन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है.</p>
<p>उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष अन्नपूर्णा भवनों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इन भवनों में दुकान के साथ Warehouse की सुविधा भी विकसित की जाएगी.</p>
<h6><strong>कमीशन में कुल 35 रुपये की बढ़ोतरी का जिक्र</strong></h6>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले उचित मूल्य विक्रेताओं की मार्जिन मनी में 10 रुपये की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसमें अपनी ओर से 25 रुपये की वृद्धि की है.</p>
<p>इस तरह मुख्यमंत्री ने कुल 35 रुपये की बढ़ोतरी का उल्लेख किया. इसी क्रम में अब राज्य स्तर पर कमीशन को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है.</p>
<h6><strong>गरीबों को मुफ्त राशन और घर तक पहुंचाने की व्यवस्था</strong></h6>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त राशन की सुविधा का लाभ ले रहे हैं.</p>
<p>उन्होंने बताया कि ऐसे निराश्रित और दिव्यांग लोग जो राशन की दुकान तक नहीं पहुंच सकते, उनके घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. सरकार का जोर है कि पात्र लोगों को राशन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो.</p>
<h6><strong>स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील</strong></h6>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्नपूर्णा भवन संचालकों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील भी की. उन्होंने लोगों से भी स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया.</p>
<p>मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले सामान की मांग बढ़ेगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 22:50:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Unnao News: 28 साल पहले जिस बेटे की हो गई थी तेरहवीं, वह अचानक जिंदा घर लौटा, मां से मिल छलक पड़े आंसू</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. 28 साल पहले मुंबई कमाने गया युवक लापता हो गया था. परिवार ने उसे मृत मानकर उसकी तेरहवीं तक कर दी थी. अब वह अचानक जिंदा घर लौट आया है. मां-बेटे के भावुक मिलन ने पूरे गांव की आंखें नम कर दीं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/unnao-news-muneshwar-yadav-return-home-after-28-years/article-9051"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-08/unnao-news-28-year-latter-son.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Unnao News: </strong>उन्नाव जिले के सुमेरपुर ब्लॉक के हमीरपुर गांव में 28 साल बाद एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो गया. जिस युवक को परिवार और गांव वाले वर्षों पहले मृत मान चुके थे, वह अचानक सही-सलामत घर लौट आया. उसकी वापसी से पूरे गांव में खुशी का माहौल है और यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है.</p>
<h3><strong>1998 में मुंबई कमाने गया था मुनेश्वर यादव</strong></h3>
<p>जानकारी के मुताबिक, सुमेरपुर ब्लॉक के हमीरपुर गांव निवासी मुनेश्वर यादव वर्ष 1998 में रोज़गार की तलाश में मुंबई गया था. मुंबई जाने से पहले उसकी शादी हो चुकी थी और उस समय उसकी पत्नी गर्भवती थी. परिवार को उम्मीद थी कि वह कमाकर जल्द वापस लौटेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.</p>
<h4><strong>मानसिक हालत बिगड़ी और परिवार से टूट गया संपर्क</strong></h4>
<p>मुंबई पहुंचने के कुछ समय बाद तनाव के चलते मुनेश्वर की मानसिक स्थिति बिगड़ गई. इसी दौरान वह वहां रह रहे अपने रिश्तेदारों से भी अलग हो गया. परिजनों और परिचितों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. धीरे-धीरे परिवार का उससे संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया.</p>
<h5><strong>परिवार ने मृत मानकर कर दी थी तेरहवीं</strong></h5>
<p>सालों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने मुनेश्वर को मृत मान लिया. उसकी पत्नी मायके चली गई और बाद में उसने दूसरी शादी कर ली. वहीं परिजनों ने धार्मिक परंपरा निभाते हुए मुनेश्वर की तेरहवीं भी कर दी. गांव के लोगों को भी यही लगा कि अब वह इस दुनिया में नहीं रहा.</p>
<h6><strong>मुंबई में मिला सहारा, इलाज के बाद बदली जिंदगी</strong></h6>
<p>बताया जाता है कि मुंबई में एक व्यक्ति ने मुनेश्वर की मदद की. उसने इलाज करवाया और बाद में सुरक्षा गार्ड की नौकरी भी दिलवाई. इलाज के साथ उसकी मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा. इसके बाद उसने मुंबई में ही दूसरी शादी कर ली. इस शादी से उसके दो बेटे और एक बेटी हैं. उसकी बेटी डिंपल की शादी भी हो चुकी है.</p>
<h6><strong>गूगल पर खोजा गांव के प्रधान का नंबर</strong></h6>
<p>हमीरपुर गांव के पूर्व प्रधान अनिल यादव ने बताया कि याद्दाश्त लौटने के बाद मुनेश्वर ने इंटरनेट पर अपने गांव की जानकारी खोजनी शुरू की. गूगल के जरिए उसे गांव के पूर्व प्रधान का मोबाइल नंबर मिल गया. 27 जुलाई को उसने फोन कर अपना नाम मुनेश्वर यादव बताया.</p>
<h6><strong>वीडियो कॉल से हुआ पहचान का खुलासा</strong></h6>
<p>अनिल यादव ने बताया कि पहले किसी को उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ. इसके बाद मुनेश्वर से वीडियो कॉल करने के लिए कहा गया. वीडियो कॉल में गांव के लोगों ने उसे देखते ही पहचान लिया. दूसरी तरफ मुनेश्वर ने भी परिवार और गांव के कई लोगों के नाम लेकर उनके बारे में पूछा. इसके बाद सभी का शक दूर हो गया.</p>
<h6><strong>परिवार खुद मुंबई पहुंचा और गांव लेकर आया</strong></h6>
<p>संपर्क होने के बाद परिवार के सदस्य मुंबई पहुंचे और मुनेश्वर यादव को अपने साथ सुरक्षित गांव लेकर आए. जैसे ही वह गांव पहुंचा, उसे देखने के लिए रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. वर्षों बाद अपने बेटे को सामने देखकर उसकी बुजुर्ग मां की आंखों से आंसू छलक पड़े. मां-बेटे का यह मिलन वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया.</p>
<h6><strong>पूरे गांव में खुशी का माहौल, हर कोई देखना चाहता है मुनेश्वर को</strong></h6>
<p>मुनेश्वर की घर वापसी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. ग्रामीण इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं. लोग लगातार उसके घर पहुंचकर उससे मुलाकात कर रहे हैं और 28 साल बाद उसकी वापसी की कहानी सुन रहे हैं. यह घटना पूरे जिले में लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 09:23:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttar Pradesh: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन ! पूर्वांचल की राजनीति को बड़ा झटका, योगी ने जताया दुःख</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. उनके निधन से बसपा समेत पूरे प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/bsp-mla-umashankar-singh-death-ballia/article-9047"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-08/bsp-mla-umashankar-singh-died.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Umashankar Singh Ballia: </strong>उत्तर प्रदेश की राजनीति से बुधवार को एक दुखद खबर सामने आई. बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया. वह बसपा के इकलौते विधायक थे और पूर्वांचल के प्रभावशाली नेताओं में उनकी पहचान थी. उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है.</p>
<h3><strong>पूर्वांचल की राजनीति का मजबूत चेहरा थे उमाशंकर सिंह</strong></h3>
<p>उमाशंकर सिंह को पूर्वांचल के कद्दावर नेताओं में गिना जाता था. उन्होंने लगातार तीन बार बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की. विधानसभा में वह बसपा की ओर से अकेले विधायक थे और पार्टी की आवाज को मजबूती से उठाते रहे.</p>
<p>लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे उमाशंकर सिंह का इलाज जारी था. बुधवार शाम इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. उनके निधन की खबर सामने आते ही समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई.</p>
<h4><strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि</strong></h4>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की.</p>
<h5><strong>मायावती ने कहा- पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा याद रहेगी</strong></h5>
<p>बसपा प्रमुख मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन को पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया. उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह पार्टी के कर्मठ, ईमानदार और पूरी तरह वफादार नेता थे. उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा कि पार्टी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.</p>
<p>मायावती ने यह भी बताया कि उनके बेटे से लगातार संपर्क बना हुआ था और निधन की सूचना भी उन्हें परिवार की ओर से ही मिली. उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह की पार्टी के प्रति निष्ठा की जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह कम है.</p>
<h6><strong>अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य ने भी जताया दुख</strong></h6>
<p>समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उमाशंकर सिंह के निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना की और परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं.</p>
<p>वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उमाशंकर सिंह के निधन का समाचार बेहद दुखद है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिवार व समर्थकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.</p>
<h6><strong>आकाश आनंद ने बताया अपूरणीय क्षति</strong></h6>
<p>बसपा नेता आकाश आनंद ने कहा कि उमाशंकर सिंह का निधन केवल बसपा परिवार ही नहीं, बल्कि समाज के वंचित, शोषित और जरूरतमंद लोगों के लिए भी अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि बीमारी से जूझते हुए भी उमाशंकर सिंह ने जिस समर्पण और साहस के साथ जनता और पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, वह हमेशा याद रखा जाएगा.</p>
<h6><strong>राजनीतिक जगत में शोक की लहर</strong></h6>
<p>उमाशंकर सिंह के निधन के बाद प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उनके समर्थक उन्हें एक सरल, मिलनसार और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में याद कर रहे हैं. पूर्वांचल की राजनीति में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 23:27:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lucknow News: कौन हैं प्रतिभा जोशी जिनके 100 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी ने दी बधाई! अनुशासन और राष्ट्रसेवा से प्रेरित रहा जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ की प्रतिभा जोशी ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाई दी. महापौर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त उनके आवास पहुंचे तथा मुख्यमंत्री का संदेश, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और ओडीओपी स्मृति उपहार भेंट कर सम्मानित किया. शिक्षा, अनुशासन, राष्ट्रसेवा और सकारात्मक सोच से जुड़ा उनका जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा बना हुआ है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/pratibha-joshi-100th-birthday-cm-yogi-adityanath/article-9028"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/100-years-of-pratibha-joshi-cm-yogi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lucknow News:</strong> उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की निवासी प्रतिभा जोशी ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं. उनके शतायु होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई प्रेषित की. मुख्यमंत्री की ओर से महापौर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त स्वयं उनके आवास पहुंचे और उन्हें सम्मानित किया. शिक्षा, अनुशासन, सादगी और राष्ट्रसेवा से जुड़ा उनका जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है.</p>
<h3><strong>मुख्यमंत्री योगी की ओर से घर पहुंचकर किया गया सम्मान</strong></h3>
<p>इंदिरा नगर स्थित आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शुभकामनाएं पहुंचाने के लिए महापौर सुषमा खर्कवाल, जिलाधिकारी विशाख जी. और नगर आयुक्त गौरव कुमार पहुंचे. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का संदेश सौंपते हुए प्रतिभा जोशी को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ तथा 'एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)' का स्मृति उपहार भेंट कर सम्मानित किया.</p>
<p>इस दौरान अपर जिलाधिकारी (नगर पूर्वी) महेंद्र पाल सिंह, उप जिलाधिकारी सदर मनोज सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. परिवार के सदस्यों ने इसे गौरवपूर्ण और भावनात्मक पल बताया.</p>
<h4><strong>कौन हैं प्रतिभा जोशी?</strong></h4>
<p>16 जुलाई 1926 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मीं प्रतिभा जोशी का जीवन संघर्ष, अनुशासन और शिक्षा की मिसाल रहा है. सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने दीये की रोशनी में पढ़ाई की और वर्ष 1940 में एंग्लो वर्नाक्युलर मिडिल स्कूल की परीक्षा में तत्कालीन संयुक्त प्रांत, वर्तमान उत्तर प्रदेश, में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया.</p>
<p>इसके बाद वर्ष 1944 में एडम्स गर्ल्स स्कूल से हाईस्कूल परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. सामाजिक परिस्थितियों के कारण उनकी औपचारिक शिक्षा आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी प्रगति में कभी बाधा नहीं बनने दिया.</p>
<h5><strong>स्वतंत्रता आंदोलन में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका</strong></h5>
<p>वर्ष 1946 में इंजीनियर तारा चरण जोशी से विवाह के बाद उन्होंने परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने क्रांतिकारियों के लिए मफलर और बैज तैयार कर राष्ट्रसेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया.</p>
<h6><strong>अनुशासन और सकारात्मक सोच को बताया दीर्घायु का राज</strong></h6>
<p>प्रतिभा जोशी का मानना है कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही स्वस्थ एवं लंबा जीवन जीने का सबसे बड़ा आधार हैं. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोना चाहिए. शिक्षा, परिवार के संस्कार, समाज के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम ने उन्हें जीवनभर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.</p>
<p>उन्होंने युवा पीढ़ी से माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने की अपील की.</p>
<h6><strong>तीन पीढ़ियों के बीच मनाया गया 100वां जन्मदिन</strong></h6>
<p>आज प्रतिभा जोशी का परिवार तीन बेटों, दो बेटियों और कई पीढ़ियों तक विस्तृत हो चुका है. उनके 100वें जन्मदिन पर पूरा परिवार एक साथ मौजूद रहा और इस ऐतिहासिक अवसर को उत्साह, सम्मान और भावनात्मक माहौल के साथ मनाया. परिवार ने इसे गर्व और प्रेरणा का अवसर बताया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 19:26:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Apurva Dubey: कौन हैं आईएएस अपूर्वा दुबे? जिन्हें केंद्र सरकार में उप सचिव बनाया गया, पति हैं लखनऊ के डीएम</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी अपूर्वा दुबे को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है. फतेहपुर और उन्नाव की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं अपूर्वा दुबे प्रशासनिक दक्षता, जनहित के कार्यों और प्रभावी नेतृत्व के लिए जानी जाती हैं. उनके पति विशाख अय्यर वर्तमान में लखनऊ के जिलाधिकारी हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/ias-apurva-dubey-biography-deputy-secretary-central-government/article-9007"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/who-is-ias-apurva-dubey-dm-husband.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Who Is IAS Apurva Dubey: </strong>उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी अपूर्वा दुबे को केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. केंद्र ने उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में उप सचिव नियुक्त किया है. फतेहपुर और उन्नाव की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं अपूर्वा दुबे ने अपने प्रशासनिक कार्यों से अलग पहचान बनाई है. आइए जानते हैं उनके करियर, शिक्षा और निजी जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें.</p>
<h3><strong>केंद्र सरकार में उप सचिव बनीं आईएएस अपूर्वा दुबे</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी अपूर्वा दुबे को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेश के तहत उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (Department of Drinking Water and Sanitation) में उप सचिव (Deputy Secretary) नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.</p>
<h4><strong>वर्तमान में SUDA की निदेशक हैं अपूर्वा दुबे</strong></h4>
<p>अपूर्वा दुबे इस समय राज्य नगरीय विकास अभिकरण (SUDA), लखनऊ में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. विभिन्न विभागों में कार्य करते हुए उन्होंने प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित के मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया.</p>
<h5><strong>फतेहपुर और उन्नाव की रह चुकी हैं जिलाधिकारी</strong></h5>
<p>अपूर्वा दुबे फतेहपुर और उन्नाव जिले की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं को तेजी से लागू कराने, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया. उनके कार्यों की प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर सराहना भी हुई.</p>
<h6><strong>यूपीएससी में शानदार सफलता के बाद बनीं आईएएस</strong></h6>
<p>मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली अपूर्वा दुबे ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया. प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने ग्रामीण विकास, शहरी विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाया. उनकी कार्यशैली पारदर्शी प्रशासन और जनकेंद्रित निर्णयों के लिए जानी जाती है.</p>
<h6><strong>पति हैं लखनऊ के डीएम विशाख अय्यर</strong></h6>
<p>अपूर्वा दुबे के पति विशाख अय्यर भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. वह वर्तमान में लखनऊ के जिलाधिकारी (DM Lucknow) के पद पर कार्यरत हैं. दोनों अधिकारियों का विवाह वर्ष 2019 में केरल में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था. प्रशासनिक सेवा में दोनों की पहचान एक प्रभावशाली और समर्पित अधिकारी के रूप में है.</p>
<h6><strong>प्रेरणादायक प्रशासनिक जोड़ी के रूप में पहचान</strong></h6>
<p>विशाख अय्यर और अपूर्वा दुबे को प्रशासनिक सेवा की प्रेरणादायक जोड़ी माना जाता है. दोनों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. अब केंद्र सरकार में उप सचिव के रूप में अपूर्वा दुबे की नई पारी को उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 22:00:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>One Nation One Election: एक देश-एक चुनाव पर गरमाई सियासत, JPC की बैठक में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी राय</title>
                                    <description><![CDATA[एक देश-एक चुनाव' को लेकर रायशुमारी कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने मंगलवार को लखनऊ में राजनीतिक दलों, विधानसभा के पदाधिकारियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की. भाजपा ने इस व्यवस्था को विकास और संसाधनों की बचत के लिए जरूरी बताया, जबकि विपक्ष ने क्षेत्रीय मुद्दों, लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/one-nation-one-election-jpc-lucknow-meeting/article-9003"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/one-nation-one-election-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lucknow News:</strong> 'एक देश-एक चुनाव' को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) मंगलवार को लखनऊ पहुंची, जहां सत्ता पक्ष, विपक्ष, विधानसभा एवं विधान परिषद के पदाधिकारियों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए. बैठक में प्रस्ताव के संभावित लाभ और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. सत्ता पक्ष ने इसे देशहित में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने कई अहम आपत्तियां दर्ज कराईं.</p>
<h3><strong>लखनऊ में JPC ने शुरू की रायशुमारी, कई पक्षों से हुई चर्चा</strong></h3>
<p>'एक देश-एक चुनाव' के प्रस्ताव पर देशभर में रायशुमारी कर रही संयुक्त संसदीय समिति ने लखनऊ में विभिन्न राजनीतिक दलों, सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग संगठनों के साथ बैठक की. समिति का उद्देश्य सभी हितधारकों की राय लेकर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करना है, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा.</p>
<h4><strong>केशव प्रसाद मौर्य बोले-1951 से 1967 तक साथ हुए थे चुनाव</strong></h4>
<p>बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री सुरेश खन्ना, एके शर्मा, धर्मपाल सिंह, सूर्य प्रताप शाही और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा.</p>
<p>केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विकास परियोजनाओं में बार-बार रुकावट नहीं आएगी. उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ सफलतापूर्वक कराए जाते रहे हैं, इसलिए यह भारत की पुरानी लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है.</p>
<h5><strong>बार-बार चुनाव से समय, धन और संसाधनों पर बढ़ता है बोझ</strong></h5>
<p>वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव का समर्थन करती है. उनके अनुसार अलग-अलग समय पर चुनाव होने से समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों पर भारी खर्च होता है. यदि चुनाव एक साथ होंगे तो प्रशासनिक मशीनरी विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगी और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी.</p>
<h6><strong>एक वोटर लिस्ट की भी उठी मांग</strong></h6>
<p>मंत्री एके शर्मा ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के साथ 'वन वोटर लिस्ट' लागू करने का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से अब तक लोकसभा, विधानसभा, पंचायत और नगर निकाय समेत कई चुनाव हो चुके हैं. वर्ष 2027 और 2029 में भी चुनाव प्रस्तावित हैं. इस तरह केवल आठ वर्षों में आठ चुनाव जैसी स्थिति बन जाती है, जिसका असर प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों पर पड़ता है.</p>
<h6><strong>विधानसभा अध्यक्ष बोले-जनता के लिए भी फायदेमंद होगी व्यवस्था</strong></h6>
<p>संयुक्त संसदीय समिति ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह से भी चर्चा की. सतीश महाना ने कहा कि एक देश-एक चुनाव केवल नेताओं के लिए नहीं बल्कि आम जनता के लिए भी लाभकारी होगा. बार-बार चुनाव होने से शासन व्यवस्था प्रभावित होती है और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती है. यदि चुनाव एक साथ होंगे तो प्रशासन अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा.</p>
<h6><strong>सपा ने कहा-क्षेत्रीय मुद्दे होंगे कमजोर, कांग्रेस ने संविधान का हवाला दिया</strong></h6>
<p>बैठक में समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने पार्टी का पक्ष रखा. सपा ने कहा कि यदि सभी चुनाव एक साथ होंगे तो राष्ट्रीय मुद्दे चुनावी विमर्श पर हावी हो जाएंगे और स्थानीय तथा क्षेत्रीय समस्याएं पीछे छूट जाएंगी. साथ ही चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ सकते हैं.</p>
<p>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस प्रस्ताव को संविधान की मूल भावना के विपरीत बताया. इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल (RLD), आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), माकपा (CPI-M) और अपना दल (एस) के प्रतिनिधियों ने भी समिति के समक्ष अपने सुझाव और आपत्तियां रखीं.</p>
<h6><strong>उद्योग संगठनों ने बताया-आचार संहिता से प्रभावित होता है विकास</strong></h6>
<p>बैठक में एक्जिम बैंक, राष्ट्रीय अवसंरचना वित्त एवं विकास बैंक (NaBFID), MSME मंत्रालय, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), एसोचैम (ASSOCHAM), इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, दलित चैंबर ऑफ कॉमर्स और आदर्श व्यापार मंडल सहित कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/one-nation-one-election-jpc-lucknow-meeting/article-9003</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 17:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के 250 से अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने की तैयारी ! जानिए क्या है योगी सरकार का प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है और डीपीआर तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/pmgsy-4-yogi-government-road-plan-for-250-population-villages/article-9002"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/250-population-village-up-plan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Uttar Pradesh News: </strong>उत्तर प्रदेश के हजारों ग्रामीण परिवारों को जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है. योगी सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत ऐसे गांवों तक पक्की सड़क पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है, जो अब तक मुख्य मार्गों से नहीं जुड़ पाए हैं. ग्राम्य विकास विभाग ने जिलों को सर्वे कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं.</p>
<h3><strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत होगा काम</strong></h3>
<p>ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा. योजना के अंतर्गत प्रदेश के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकास खंडों में स्थित 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी.</p>
<h4><strong>डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू</strong></h4>
<p>ग्राम्य विकास विभाग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) ने सड़क निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सभी जिलों से ऐसे गांवों की सूची मांगी गई है, जहां सड़क निर्माण की जरूरत है. जिलेवार रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना की लागत तय की जाएगी और केंद्र सरकार को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा.</p>
<h5><strong>250 और 500 आबादी वाले गांवों को मिलेगा लाभ</strong></h5>
<p>केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया है. इसके तहत आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में 250 या उससे अधिक आबादी वाले बसावटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा. वहीं 500 या उससे अधिक आबादी वाले बसावटों के लिए भी संपर्क मार्ग विकसित किए जाएंगे.</p>
<h6><strong>कच्चे रास्ते बनेंगे पक्की सड़क</strong></h6>
<p>योजना के तहत 500 मीटर या उससे अधिक लंबाई वाले कच्चे मार्गों को पक्की सड़क में बदला जाएगा. इसके लिए जिलेवार सर्वे कराया जा रहा है ताकि ऐसे सभी गांवों और बसावटों की पहचान की जा सके. सर्वे पूरा होने के बाद केंद्र सरकार से बजट की मांग की जाएगी और स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू होगा.</p>
<h6><strong>ग्रामीणों को मिलेंगे कई बड़े फायदे</strong></h6>
<p>सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी. किसानों को कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और गांवों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क ग्रामीण विकास की रफ्तार को तेज करेगा.</p>
<h6><strong>यूपी में पहले से चल रहा है बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण</strong></h6>
<p>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 25,369.674 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. वहीं PMGSY-3 के तहत फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (Full Depth Reclamation) तकनीक से 5,992.51 करोड़ रुपये की लागत से 5,820 किलोमीटर सड़कें विकसित की जा रही हैं. इसके अलावा 5,160 किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट सड़कें पहले ही बनाई जा चुकी हैं. अब PMGSY-4 के जरिए ग्रामीण सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya Ram Mandir CEO Vacancy 2026: राम मंदिर में CEO बनने का मौका, 18 जुलाई तक करें आवेदन, जानिए योग्यता, उम्र सीमा, वेतन और पूरी प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस प्रतिष्ठित पद के लिए न्यूनतम स्नातक, 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव, 50 से 70 वर्ष की आयु तथा हिन्दू, वैष्णव और श्रीराम भक्त होना अनिवार्य है. आवेदन 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक ई-मेल के माध्यम से किए जा सकते हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/ayodhya-ram-mandir-ceo-vacancy-eligibility/article-9000"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-07/ram-mandir-trust-ceo-bharti.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Ayodhya Ram Mandir CEO Vacancy 2026:</strong> अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ट्रस्ट ने आवेदन प्रारूप, सेवा शर्तें और पात्रता संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. इस पद के लिए धार्मिक आस्था के साथ मजबूत प्रशासनिक अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है. इच्छुक अभ्यर्थी 18 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.</p>
<h3><strong>राम मंदिर ट्रस्ट ने जारी किया CEO पद का आवेदन</strong></h3>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन पत्र और सेवा शर्तें जारी की हैं. ट्रस्ट के अनुसार चयनित उम्मीदवार की नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी. कार्य संतोषजनक पाए जाने पर सेवा अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है. चयनित CEO ट्रस्ट के महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा और उनके निर्देशन में संस्था के प्रशासनिक, वित्तीय और विकास संबंधी कार्यों का संचालन करेगा.</p>
<h4><strong>कौन कर सकता है आवेदन?</strong></h4>
<p>ट्रस्ट ने इस पद के लिए स्पष्ट पात्रता निर्धारित की है.</p>
<ul>
<li>आवेदक का हिन्दू, वैष्णव और भगवान श्रीराम का भक्त होना अनिवार्य है.</li>
<li>किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) होना चाहिए.</li>
<li>किसी बड़े संस्थान, संगठन, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना आवश्यक है.</li>
<li>प्रशासन, वित्त, लेखा, कार्मिक, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सुरक्षा और विधिक कार्यों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.</li>
<li>हिन्दू धार्मिक संस्था या मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वालों को वरीयता दी जाएगी.</li>
<li>अनुभवी और सक्षम सेवानिवृत्त अधिकारी भी आवेदन करने के पात्र होंगे.</li>
<li>उम्मीदवार को हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना चाहिए.</li>
</ul>
<h5><strong>आयु सीमा क्या है?</strong></h5>
<p>इस पद के लिए 50 वर्ष से 70 वर्ष आयु वर्ग के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.</p>
<h6><strong>वेतन और सुविधाएं कैसे तय होंगी?</strong></h6>
<p>ट्रस्ट ने वेतनमान निर्धारित नहीं किया है. चयनित उम्मीदवार के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं आपसी सहमति से तय की जाएंगी.</p>
<h6><strong>आवेदन की अंतिम तिथि और ई-मेल</strong></h6>
<p>इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक निम्न ई-मेल आईडी पर भेज सकते हैं.</p>
<p>ई-मेल: searchcommittee.srjbt@gmail.com</p>
<p>निर्धारित समय के बाद भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे.</p>
<h6><strong>CEO की प्रमुख जिम्मेदारियां क्या होंगी?</strong></h6>
<p>ट्रस्ट ने CEO के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां तय की हैं.</p>
<ol>
<li>संस्था के स्वरूप और आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित करना.</li>
<li>अधिकारियों, सेवकों और कर्मचारियों का शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व करना.</li>
<li>मंदिर की वर्तमान व्यवस्थाओं और भविष्य के विकास कार्यों का संचालन करना.</li>
<li>ट्रस्ट डीड और सभी नियामकीय प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना.</li>
<li>वित्तीय लेन-देन, लेखा व्यवस्था और प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखना.</li>
<li>स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार के साथ सुरक्षा समन्वय स्थापित करना.</li>
<li>धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और उत्सवों का नियमित संचालन सुनिश्चित करना.</li>
<li>श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और विशिष्ट अतिथियों के आगमन की व्यवस्थाएं संभालना.</li>
<li>मंदिर की प्रतिष्ठा, सनातन परंपराओं के संरक्षण और संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े कार्य करना.</li>
<li>ट्रस्ट डीड के उद्देश्यों के अनुरूप योजनाएं बनाकर ट्रस्टी मंडल एवं महासचिव के निर्देशन में उनका क्रियान्वयन करना.</li>
</ol>
<h6><strong>एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी</strong></h6>
<ul>
<li>पद: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)</li>
<li>संस्था: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या</li>
<li>आवेदन की अंतिम तिथि: 18 जुलाई 2026, शाम 4 बजे</li>
<li>आवेदन माध्यम: ई-मेल</li>
<li>न्यूनतम योग्यता: स्नातक</li>
<li>अनुभव: 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव</li>
<li>आयु सीमा: 50 से 70 वर्ष</li>
<li>नियुक्ति अवधि: 3 वर्ष (कार्य संतोषजनक होने पर विस्तार संभव)</li>
<li>ई-मेल: <strong>searchcommittee.srjbt@gmail.com</strong></li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 10:11:56 +0530</pubDate>
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