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                <title>स्वास्थ्य - Yugantar Pravah </title>
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                <title>Asha Bhosle News: सुरों की मलिका आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती, PM मोदी ने की स्वस्थ होने की कामना</title>
                                    <description><![CDATA[प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 92 वर्षीय सिंगर की हालत को लेकर देशभर में चिंता है. उनका इलाज इमरजेंसी यूनिट में चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/entertainment/asha-bhosle-cardiac-arrest-hospitalized-breach-candy/article-8854"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2026-04/asha-bhosle-health-update.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Asha Bhosle News: </strong>भारतीय संगीत की अमर आवाज और सुरों की मलिका आशा भोसले की अचानक बिगड़ी तबीयत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. कार्डियक अरेस्ट के चलते 11 अप्रैल को उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में उनका इलाज जारी है. 92 वर्ष की उम्र में भी सक्रिय रहीं आशा भोसले की हालत को लेकर फैंस, कलाकार और राजनीतिक हस्तियां लगातार चिंता जता रहे हैं.</p>
<h3><strong>कार्डियक अरेस्ट से बिगड़ी तबीयत, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज</strong></h3>
<p>जानकारी के मुताबिक, आशा भोसले को 11 अप्रैल को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई. तत्काल उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. उम्र के लिहाज से यह स्थिति बेहद संवेदनशील मानी जा रही है, फिलहाल अस्पताल की ओर से कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्टर हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि उनकी स्थिति स्थिर बनी रहे.</p>
<h4><strong>92 की उम्र में भी सुरों की साधना, बेमिसाल हैं आशा</strong></h4>
<p>आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की जीवित विरासत हैं. उन्होंने अपने करियर में हजारों गाने गाए और हर शैली में खुद को साबित किया. 92 साल की उम्र में भी वह सक्रिय नज़र आतीं थीं उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी समेत कई भाषाओं में अपनी आवाज दी. उनकी आवाज में जो विविधता और भावनात्मक गहराई है, उसने उन्हें पीढ़ियों का पसंदीदा बना दिया. उनकी तबीयत खराब होने की खबर ने लोगों को झकझोर दिया है.</p>
<h5><strong>फैंस से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक दुआओं का दौर</strong></h5>
<p>जैसे ही आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर दुआओं की बाढ़ आ गई. फैंस लगातार उनकी सेहत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों ने भी चिंता जताते हुए उनके जल्द ठीक होने की कामना की है. अस्पताल के बाहर भी लोगों की नजरें हर अपडेट पर टिकी हुई हैं. हर कोई बस यही चाहता है कि सुरों की यह अमूल्य आवाज जल्द स्वस्थ होकर फिर से मुस्कुराती नजर आए.</p>
<h6><strong>पीएम नरेंद्र मोदी ने जताया दुःख, की स्वस्थ होने की प्रार्थना</strong></h6>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आशा भोसले की सेहत को लेकर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आशा भोसले जी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से उन्हें दुःख हुआ है. उन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रार्थना की.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 11:04:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
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                <title>Cough Syrup Ban: यूपी में इस कफ़ सिरप पर लगा बैन ! सभी कंपनियों की होगी जांच, जानिए क्या है आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि पूरे देश में मौतों का आंकड़ा 14 तक पहुंच गया है. इसको गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने संदिग्ध सिरप की बिक्री पर रोक लगाई और सभी ब्रांड के सिरप की जांच कराने का आदेश जारी किया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/cough-syrup-deaths-up-govt-orders-sample-checking/article-8394"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2025-10/cough_syrup_ban_in_up_news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Cough Syrup Ban:</strong> दूषित कफ सिरप से मासूमों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा. मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 बच्चों की मौत और देशभर में 14 मौतों के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध कोल्ड्रिफ सिरप (Coldrif Syrup) की बिक्री तत्काल रोकने और पूरे प्रदेश में सभी ब्रांड के सिरप की जांच कराने के आदेश दिए हैं.</p>
<h3><strong>मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 मौतें, देशभर में 14</strong></h3>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कफ सिरप ने अब तक 14 मासूमों की जान ले ली है. इनमें से 11 मौतें सिर्फ मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई हैं, जबकि केरल और अन्य राज्यों से भी घटनाएं सामने आई हैं. लैब रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक जहरीला रसायन मौजूद है. यह केमिकल बच्चों की किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है और सेवन करने पर मौत तक का कारण बन सकता है.</p>
<h4><strong>तमिलनाडु की कंपनी पर गिरी जिम्मेदारी</strong></h4>
<p>जांच में साफ हुआ है कि यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्री सन फार्मास्युटिकल कंपनी (Sresan Pharmaceutical Company) द्वारा तैयार किया गया था. रिपोर्ट में जहरीले रसायन की पुष्टि के बाद इस कंपनी की दवाओं पर कई राज्यों ने रोक लगा दी है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और केरल में इसी कंपनी के सिरप से बच्चों की किडनी फेल होने और मौत के केस दर्ज किए गए हैं.</p>
<h5><strong>यूपी सरकार ने दिए सख्त निर्देश</strong></h5>
<p>लखनऊ स्थित औषधि प्रशासन मुख्यालय ने सभी जिलों को आदेश भेजे हैं. इसमें कहा गया है कि सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों, मेडिकल स्टोरों और दवा गोदामों से सभी ब्रांड के कफ सिरप के नमूने एकत्र कर जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला में भेजे जाएं. आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कहीं कोल्ड्रिफ सिरप या श्री सन फार्मास्युटिकल कंपनी का कोई अन्य उत्पाद मिलता है तो उसे अभिरक्षा में लेकर बिक्री तत्काल रोक दी जाए.</p>
<h6><strong>प्रोपाइलिन ग्लाइकॉल की भी होगी जांच</strong></h6>
<p>सरकार ने केवल सिरप ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण में प्रयुक्त होने वाले प्रोपाइलिन ग्लाइकॉल के नमूनों की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं. माना जा रहा है कि निर्माण प्रक्रिया में दूषित केमिकल के प्रयोग से ही मासूमों की मौतें हो रही हैं. यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि आगे किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.</p>
<h6><strong>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का अलर्ट</strong></h6>
<p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क करते हुए कहा है कि दो साल से छोटे बच्चों को किसी भी प्रकार का कफ सिरप न दिया जाए, जबकि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दी जाए. विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सामान्य खांसी घरेलू उपायों और तरल पदार्थों से ठीक हो सकती है, इसलिए दवा का इस्तेमाल तभी करें जब चिकित्सक सलाह दें.</p>
<h6><strong>यूपी सरकार ने की जनता से अपील</strong></h6>
<p>तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान और केरल सरकार पहले ही कोल्ड्रिफ सिरप पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं. अब उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में भी जांच अभियान शुरू हो गया है. यूपी सरकार ने जनता से अपील की है कि किसी भी कफ सिरप का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें और बच्चों में कोई भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 00:02:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Cough Syrup News: दो राज्यों में बच्चों की मौत के बाद सख्त हुई केंद्र सरकार ! इस दवा के लिए जारी की एडवाइजरी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से प्रतिबंधित कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए साफ किया है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और जुकाम की दवाएं बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/cough-syrup-children-deaths-mp-rajasthan-centre-advisory/article-8389"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2025-10/cough_syrup_news_in_hindi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Cough Syrup News: </strong>मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है. कथित रूप से प्रतिबंधित कफ सिरप पीने से बच्चों की जान जाने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने अब बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने एडवाइजरी जारी कर डॉक्टरों और अभिभावकों को सावधान करते हुए कहा है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और जुकाम की सिरप नहीं दी जानी चाहिए.</p><h3><strong>कफ सिरप से जुड़ा मध्य प्रदेश का बड़ा मामला</strong></h3><p>मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हाल ही में बच्चों की संदिग्ध मौतों का मामला सामने आया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक जिले में नौ बच्चों की मौत हो चुकी है. वहीं राजस्थान में भी ऐसे ही मामलों में दो बच्चों की जान गई है. इस तरह कुल मृतकों की संख्या 11 तक पहुंच गई है. मरने वाले बच्चों के परिजनों का आरोप है कि मौतें प्रतिबंधित कफ सिरप के सेवन से हुई हैं.</p><h4><strong>शुरुआती जांच में नहीं मिला डीईजी या ईजी का अंश</strong></h4><p>स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा से जुटाए गए कफ सिरप के सैंपल की जांच की गई. इसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकॉल (EG) जैसे घातक रसायनों का कोई अंश नहीं मिला. ये वही तत्व हैं, जो किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं. बावजूद इसके, सरकार ने एहतियात के तौर पर 'कोल्ड्रिफ' और 'नेस्टो डीएस' नामक कफ सिरप की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है.</p><h5><strong>विशेषज्ञों की राय क्या कहा डॉक्टर ने?</strong></h5><p>छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पवन नंदुरकर ने कहा कि शुरुआत में सात बच्चों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन अब यह संख्या नौ हो चुकी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौतों और किडनी डैमेज का सीधा कारण सिर्फ कफ सिरप ही है, यह अभी निश्चित नहीं है. जांच में अन्य संभावनाओं को भी खंगाला जा रहा है, क्योंकि बच्चों में अचानक हुई किडनी की समस्या किसी और वजह से भी हो सकती है.</p><h6><strong>केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजरी</strong></h6><p>डीजीएचएस ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों को भेजी एडवाइजरी में कहा है कि:</p><ul><li>दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बिल्कुल न दी जाए.</li><li>आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी इनकी अनुशंसा नहीं की जाती.</li><li>दवाओं का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की निगरानी और सावधानीपूर्वक क्लिनिकल मूल्यांकन के बाद ही किया जाए.</li><li>न्यूनतम प्रभावी खुराक और अवधि का पालन किया जाए और कई दवाओं का संयोजन न किया जाए.</li><li>अभिभावकों और जनता को भी जागरूक किया जाए ताकि वे डॉक्टर की पर्ची के बिना दवा का उपयोग न करें.</li></ul><h6><strong>जांच के लिए बहु-विषयक टीम गठित</strong></h6><p>स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि मौतों के सही कारण का पता लगाने के लिए एक बहु-विषयक विशेषज्ञ दल गठित किया गया है. इस टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV), केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं. टीम ने मौके पर जाकर विभिन्न सैंपल इकट्ठे किए हैं, जिनमें पानी, मच्छर जनित रोगों से जुड़े नमूने और श्वसन संबंधी सैंपल शामिल हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 00:51:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Kidney Failure Symptoms: पैरों की सूजन और सांस फूलना किडनी फेलियर का संकेत ! जानें शुरुआती लक्षण और बचाव</title>
                                    <description><![CDATA[किडनी शरीर को जहर से बचाने का काम करती है. लेकिन जब ये काम करना बंद कर देती है, तो शरीर में खतरनाक बदलाव दिखने लगते हैं. पैरों की सूजन, थकान, पेशाब में बदलाव और सांस फूलना इसके गंभीर लक्षण हैं. इन्हें नजरअंदाज करना आपकी जिंदगी को खतरे में डाल सकता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि समय रहते जांच और जीवनशैली में सुधार से किडनी फेलियर से बचा जा सकता है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/kidney-failure-symptoms-first-signs-home-test/article-8268"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2025-08/kidney_failure_symptoms_first_signs.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Kidney Failure Symptoms: </strong>क्या आपके पैरों में अक्सर सूजन रहती है या चलते समय सांस फूल जाती है? अगर हां, तो इसे हल्के में न लें. ये गुर्दे यानी किडनी फेलियर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. किडनी हमारे शरीर की सबसे अहम मशीन है, जो खून को साफ करती है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है. लेकिन जब ये फेल होने लगती है, तो धीरे-धीरे पूरा शरीर जहर से भर जाता है. यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं – किडनी खराब होने का पहला संकेत पैरों और टखनों में सूजन होना है.</p>
<h3><strong>पैरों और टखनों में सूजन: किडनी खराब होने का पहला संकेत</strong></h3>
<p>जब किडनी अपना काम सही से नहीं करती, तो शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता. यही पानी पैरों और टखनों में जमा होकर सूजन पैदा करता है. शुरुआत में यह सूजन हल्की लगती है, लेकिन धीरे-धीरे पैरों में दर्द, भारीपन और चलने में तकलीफ देने लगती है. यही वजह है कि डॉक्टर इसे किडनी खराब होने का पहला संकेत मानते हैं और इस पर तुरंत ध्यान देने की सलाह देते हैं.</p>
<h4><strong>बार-बार थकान और कमजोरी रहना</strong></h4>
<p>किडनी के खराब होने का एक बड़ा लक्षण है लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना. दरअसल, खराब किडनी एरीथ्रोपोइटिन नामक हार्मोन बनाना बंद कर देती है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के लिए जरूरी है. इसकी कमी से एनीमिया हो जाता है और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. यही वजह है कि मरीज हमेशा थका हुआ और कमजोर महसूस करता है, चाहे उसने आराम ही क्यों न किया हो.</p>
<h5><strong>पेशाब की आदतों में अचानक बदलाव</strong></h5>
<p>अगर आपकी पेशाब की आदतें अचानक बदल जाएं, तो इसे इग्नोर न करें. किडनी फेलियर में पेशाब बार-बार आना, पेशाब की मात्रा कम होना, झाग आना या पेशाब का रंग गहरा होना आम लक्षण हैं. कई बार इसमें खून भी आ सकता है. यह साफ संकेत है कि किडनी खून को सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पा रही है और तुरंत मेडिकल जांच की जरूरत है. अगर आप घर पर खुद टेस्ट करना चाहते हैं तो शुरुआती लेवल पर डिपस्टिक यूरिन टेस्ट किट का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे प्रोटीन और शुगर जैसी समस्याओं की जांच होती है. हालांकि, सही रिपोर्ट के लिए ब्लड और यूरिन टेस्ट ही जरूरी है.</p>
<h6><strong>त्वचा पर खुजली और रंग में बदलाव</strong></h6>
<p>खराब किडनी शरीर से टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकाल पाती, जिसकी वजह से ये खून में जमा हो जाते हैं. यही टॉक्सिन्स धीरे-धीरे त्वचा पर असर डालते हैं. मरीज को लगातार खुजली, रूखापन और रंग में बदलाव दिखने लगता है. अक्सर त्वचा पीली या भूरी नजर आती है. यह लक्षण हल्के में लेने लायक नहीं है, बल्कि यह किडनी के बिगड़ते स्वास्थ्य का बड़ा संकेत है.</p>
<h6><strong>सांस फूलना और सीने में भारीपन</strong></h6>
<p>किडनी जब अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह फेफड़ों में जमा हो जाता है. इसके कारण मरीज को सांस लेने में दिक्कत और सीने में भारीपन महसूस होता है. वहीं, एनीमिया की वजह से भी शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे थोड़ी सी मेहनत पर भी सांस फूलने लगती है. यह स्थिति जानलेवा हो सकती है और तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.</p>
<h6><strong>डॉक्टर की सलाह: इन लक्षणों को हल्के में न लें</strong></h6>
<p>AIIMS के डॉक्टरों का कहना है कि किडनी फेलियर का खतरा उन लोगों में ज्यादा होता है, जिन्हें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है. ऐसे मरीजों को हर 6 महीने में किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए. अगर शुरुआती स्टेज पर ही बीमारी पकड़ ली जाए, तो दवाओं और सही डाइट से इसे कंट्रोल किया जा सकता है और डायलिसिस तक जाने की नौबत टाली जा सकती है.</p>
<h6><strong>बचाव के उपाय: लाइफस्टाइल में बदलाव से बच सकती है किडनी</strong></h6>
<ul>
<li> संतुलित आहार लें – नमक और तैलीय भोजन कम करें, ताजे फल और सब्जियां ज्यादा खाएं.</li>
<li>पर्याप्त पानी पिएं – रोजाना 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं, ताकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलें.</li>
<li>ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें – डायबिटीज और हाई BP किडनी के सबसे बड़े दुश्मन हैं.</li>
<li>स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाएं – ये किडनी पर सीधा दबाव डालते हैं.</li>
<li>नियमित जांच कराएं – अगर फैमिली हिस्ट्री है तो हर 6 महीने में किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर कराएं.</li>
</ul>
<h6><strong>FAQ सेक्शन</strong></h6>
<h2><strong>किडनी खराब होने का पहला संकेत क्या होता है?</strong></h2>
<p><strong>Ans: </strong>किडनी खराब होने का पहला और सबसे आम संकेत है पैरों और टखनों में सूजन. यह सूजन इसलिए होती है क्योंकि खराब किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकाल पाती. धीरे-धीरे यह सूजन दर्द और भारीपन का रूप ले लेती है.</p>
<h2><strong>मैं घर पर अपनी किडनी का परीक्षण कैसे कर सकता हूं?</strong></h2>
<p><strong>Ans: </strong>घर पर शुरुआती लेवल पर डिपस्टिक यूरिन टेस्ट किट का इस्तेमाल करके आप पेशाब में प्रोटीन, शुगर और अन्य बदलावों की जांच कर सकते हैं. हालांकि, यह केवल प्राथमिक जानकारी देता है. किडनी की सही जांच के लिए ब्लड टेस्ट (क्रिएटिनिन, यूरिया) और यूरिन टेस्ट ही जरूरी हैं, जो डॉक्टर की देखरेख में कराए जाने चाहिए.</p>
<p><strong>ये ख़बर डॉक्टरों की सलाह और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है किसी समस्या के लिए डॉक्टरों से संपर्क करें. किसी प्रकार के उत्तरदायित्व के लिए युगान्तर प्रवाह जिम्मेदार नहीं है.</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 14:48:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weight Loss Tips Natural In Hindi: वजन कम करने के 10 असरदार टिप्स जिनके प्रयोग से ऐसे पिघल जाएगा आपका फैट</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा तो अब समय है स्मार्ट तरीकों को अपनाने का. यहां हम बता रहे हैं वजन घटाने के 10 ऐसे असरदार टिप्स, जिनके नियमित इस्तेमाल से फैट तेजी से कम होगा और शरीर को फिट, हेल्दी और एक्टिव रखा जा सकता है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/weight-loss-male-female-natural-tips-in-hindi/article-8054"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2025-06/weight_loss_male_female_tips_in_hindi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Weight Loss Tips Male Female In Hindi: </strong>वजन घटाना अब सिर्फ फिटनेस का मामला नहीं बल्कि ज़रूरी स्वास्थ्य प्राथमिकता बन चुका है. गलत लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड फूड और तनाव से बढ़ता मोटापा कई बीमारियों की जड़ है. लेकिन कुछ असरदार आदतें और घरेलू उपाय ऐसे हैं जो फैट को नेचुरल तरीके से पिघलाने में मदद करते हैं. यहां हम बता रहे हैं ऐसे 10 वैज्ञानिक और असरदार उपाय जो बिना किसी दवाई के वजन कम कर सकते हैं.</p>
<h3><strong>1. सुबह गुनगुना पानी पीकर करें दिन की शुरुआत</strong></h3>
<p>सुबह खाली पेट एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीना मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालता है. आप चाहें तो इसमें नींबू और शहद भी मिला सकते हैं, जो फैट बर्निंग को और तेज करता है.</p>
<p>यह आदत पेट की सूजन घटाती है और कब्ज जैसी समस्याओं को भी दूर करती है. रोजाना इस आसान आदत को अपनाकर आप हफ्तेभर में ही फर्क महसूस करेंगे. इसे सुबह उठते ही पहला काम बनाएं और फिर नाश्ता करने में 30 मिनट का गैप रखें.</p>
<h4><strong>2. मीठा कम करें और रिफाइंड शुगर से दूरी बनाएं</strong></h4>
<p>वजन बढ़ने की सबसे बड़ी वजह रिफाइंड शुगर और प्रोसेस्ड फूड होते हैं. कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयां, बिस्किट, ब्रेड और केक जैसे चीजों में छुपी शुगर तेजी से फैट बनाती है. इनका सेवन न सिर्फ मोटापा बढ़ाता है बल्कि डायबिटीज और हार्ट की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. इसलिए सबसे पहले इन चीजों से दूरी बनाएं. मीठा खाने का मन हो तो शहद, गुड़ या फल खाएं. धीरे-धीरे आपकी मीठे की लत भी कम होगी और शरीर हल्का महसूस होगा.</p>
<h5><strong>3. हाई प्रोटीन डाइट लें, कार्ब कम करें</strong></h5>
<p>प्रोटीन वजन घटाने का सबसे जरूरी पोषक तत्व है. यह पेट भरे होने का एहसास देता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती. अंडा, पनीर, दालें, चिकन और सोया जैसे प्रोटीन स्रोत रोज के खाने में शामिल करें.</p>
<p>वहीं रोटी, चावल और आलू जैसे हाई कार्ब फूड्स की मात्रा सीमित रखें. प्रोटीन से मसल्स भी मजबूत होते हैं और फैट तेजी से घटता है. अगर आप वेजिटेरियन हैं तो स्प्राउट्स, टोफू और दही से भी प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं.</p>
<h6><strong>4. हर दिन कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज</strong></h6>
<p>अगर आप जिम नहीं जा सकते तो घर पर ही चलना शुरू करें. रोजाना 30 मिनट की वॉक, योगा, स्किपिंग या डांस जैसे एक्टिविटी से कैलोरी बर्न होती है और फैट धीरे-धीरे कम होता है. शरीर को एक्टिव रखना वजन घटाने की कुंजी है.</p>
<p>चाहें तो सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, लंबी कॉल्स पर वॉक करें या घर के छोटे काम भी खुद करें. शरीर जितना एक्टिव रहेगा, वजन उतनी तेजी से घटेगा. दिनभर की थकान भी कम होगी और नींद बेहतर आएगी.</p>
<h6><strong>5. दिन में पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन सही तरीके से</strong></h6>
<p>पानी सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि वजन कम करने के लिए भी बेहद ज़रूरी है. दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की आदत डालें. लेकिन खाना खाते समय ज्यादा पानी न पिएं, इससे डाइजेशन स्लो होता है. खाने के 30 मिनट पहले और 1 घंटे बाद पानी पीना ज्यादा फायदेमंद होता है. नारियल पानी, नींबू पानी और हर्बल ड्रिंक्स भी अच्छे विकल्प हैं. पानी शरीर को डिटॉक्स करता है और स्किन को भी हेल्दी बनाता है.</p>
<h6><strong>6. नींद पूरी लें, देर रात खाने से बचें</strong></h6>
<p>कम नींद वजन बढ़ने की एक छुपी हुई वजह है. अगर आप रोज 6 घंटे से कम सोते हैं तो शरीर का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और भूख बढ़ती है. इससे अनहेल्दी स्नैक्स की लत लगती है.</p>
<p>इसलिए रोज 7-8 घंटे की नींद ज़रूरी है. साथ ही रात को 8 बजे के बाद खाना न खाएं. देर रात खाना न पचने की वजह से फैट में बदलता है. हल्का डिनर और समय पर सोना वजन कम करने की दिशा में बड़ा कदम है.</p>
<h6><strong>7. हरी सब्जियों और फलों को डाइट में शामिल करें</strong></h6>
<p>फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं. पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खीरा, टमाटर, सेब, पपीता और संतरा जैसे फलों को रोज खाएं. ये न सिर्फ वजन घटाने में मदद करते हैं बल्कि त्वचा और इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाते हैं. कोशिश करें कि हर मील में एक फल या सब्जी जरूर शामिल हो. जूस की बजाय पूरा फल खाएं ताकि फाइबर का फायदा भी मिले.</p>
<h6><strong>8. खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाएं</strong></h6>
<p>तेजी से खाने की आदत ओवरईटिंग की सबसे बड़ी वजह है. जब हम धीरे-धीरे खाते हैं तो दिमाग को यह संकेत मिलता है कि पेट भर चुका है. इससे कम खाना खाते हैं और जल्दी तृप्ति मिलती है. हर निवाला कम से कम 20-30 बार चबाने की कोशिश करें. इससे डाइजेशन बेहतर होता है और पेट साफ रहता है. साथ ही टीवी या मोबाइल देखते हुए न खाएं, इससे ध्यान भटकता है और हम जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं.</p>
<h6><strong>9. डाइटिंग नहीं, बैलेंस्ड डाइट अपनाएं</strong></h6>
<p>लोग अक्सर वजन घटाने के लिए खाना छोड़ देते हैं, जो खतरनाक है. भूखे रहने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और शरीर फैट स्टोर करने लगता है. सही तरीका है बैलेंस्ड डाइट लेना, जिसमें सभी न्यूट्रिएंट्स हों—प्रोटीन, कार्ब, फाइबर और हेल्दी फैट. दिन में 5-6 छोटे मील लें ताकि शरीर को लगातार एनर्जी मिलती रहे. जूस की बजाय सूप, सलाद और स्मूदी जैसे हेल्दी विकल्प चुनें.</p>
<h6><strong>10. स्ट्रेस कम करें और मेडिटेशन करें</strong></h6>
<p>तनाव भी मोटापे की एक बड़ी वजह है. जब आप स्ट्रेस में होते हैं तो शरीर Cortisol हार्मोन रिलीज करता है जो फैट जमा करता है. स्ट्रेस ईटिंग भी एक आदत बन जाती है जिससे वजन बढ़ता है. मेडिटेशन, ब्रेथिंग एक्सरसाइज और थोड़ी देर शांत म्यूज़िक सुनना रोजाना की आदत बनाएं. इससे मानसिक शांति मिलेगी और वजन घटाने में भी मदद होगी. मानसिक संतुलन के बिना फिजिकल फिटनेस अधूरी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jun 2025 00:29:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayushman Vay Vandana Yojana: आयुष्मान वय वंदना योजना क्या है? बुजुर्ग कैसे उठा सकते हैं लाभ, प्रदेश में योगी ने की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[आयुष्मान वय वंदना योजना (Ayushman Vay Vandna Yojana) के तहत जारी किए गए कार्ड से 70 साल या अधिक के बुजुर्ग सरकारी और निजी अस्पतालों में 5 लाख तक का इलाज निःशुल्क करा सकते हैं. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर (Gorakhpur) में बुजुर्गों को कार्ड देकर शुरुवात की है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/ayushman-vay-vandana-yojana-what-is-ayushman-vay-vandana-yojana/article-7425"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2024-12/ayushman_vay_vandana_yojana_kya_hai.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Ayushman Vay Vandna Yojana kya Hai:</strong> केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी <a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/up-news-potato-will-be-exported-abroad-cip-will-open-in-agra/article-7419">योजनाओं</a> में शामिल एबी पीएम-जेएवाई के तहत आयुष्मान वय वंदना योजना है जिसके लिए पूरे भारत में 70 वर्ष या उससे अधिक के बुजुर्गों को 5 लाख तक का <a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/fatehpur/up-news-brajesh-pathak-on-action-cmo-and-fatehpur-dr-suspend/article-7429">मुफ्त</a> <a href="https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/fatehpur/up-news-brajesh-pathak-on-action-cmo-and-fatehpur-dr-suspend/article-7429">इलाज</a> किया जाएगा. इसके लिए रजिस्ट्रेशन जारी हैं.</p>
<p>बताया जा रहा है कि इतने कम समय में अब तक 25 लाख से वरिष्ठ नागरिकों ने अपना पंजीयन करा लिया है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में इसका खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. सोमवार को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर (Gorakhpur) से इसका शुभारंभ किया है. </p>
<h3><strong>क्या है आयुष्मान वय वंदना योजना </strong></h3>
<p>भारत सरकार की एबी पीएम-जेएवाई के आयुष्मान वय वंदना योजना (Ayushman Vay Vandna Yojana) में 70 साल या उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को अलग से एक कार्ड जारी किया जाएगा.</p>
<p>बताया जा रहा है कि इस योजना से जुड़ने के बाद बुजुर्ग सरकारी या निजी अस्पतालों में एक वर्ष के अंदर 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं. जानकारी के मुताबिक इसका पंजीयन कोई भी गरीब-अमीर करा सकता है. सरकार की इस योजना में हड्डियों, हृदयरोग, और कैंसर के मरीजों को भी लाभ मिलेगा. </p>
<h4><strong>कैसे और कहां होगा आयुष्मान वय वंदना का रजिस्ट्रेशन</strong></h4>
<p>70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग अपने घर से ही इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए उनके पास आधार कार्ड होना आवश्यक है और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर जिसमें OTP आएगा.</p>
<p>बताया जा रहा है कि जिन बुजुर्गों के आधार में पूरी जन्मतिथि नहीं लिखी है उनको भी घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे में उनकी आयु उसी वर्ष की 1जनवरी से ही मानी जाएगी. इसके अलावा यदि कोई खुद से या पारिवारिक व्यक्ति से कार्ड का पंजीयन नहीं करा सकता तो इसके लिए जिला अस्पताल में भी सुविधा दी गई.</p>
<p>इसके अतिरिक्त प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा पंजीकृत निजी चिकित्सालयों और केंद्रों में भी आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया जाएगा. सरकार लगातार इसके लिए कैंप भी लगवा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर-प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 16:30:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Dehydration or Diarrhea: घरेलू उपायों से पाएं समस्या का समाधान, जाने कब करें डॉक्टर से संपर्क </title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी में Dehydration और डायरिया (Diarrhea) से अक्सर लोग परेशान हो जाते हैं. गर्मी में अधिक पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है. Dehydration और Diarrhea से बचने के लिए घर पर ही कुछ असरदार घरेलू उपाय अपना सकते हैं. लेकिन अगर स्थित असमान्य लगे तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/dehydration-home-remedies-and-doctors-advice/article-7144"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2024-05/screenshot_22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Dehydration or Diarrhea</strong>: भीषण गर्मी पड़ रही है. पहाड़ों से लेकर मैदानों तक सब कुछ गर्म है और इस गर्मी से लोगों की सेहत बहुत तेजी से बिगड़ रही है. गर्मी के मौसम में अधिक पसीना आने के कारण शरीर जल्दी ही <a href="https://www.yugantarpravah.com/">Dehydration </a>का शिकार हो जाता है. इसके अलावा इस मौसम में Diarrhea भी जल्दी हो जाता है। Diarrhea के कारण उल्टी और दस्त होने लगते हैं, जिससे शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है.</p>
<p style="text-align:justify;">अत्यधिक गर्मी, बासी भोजन, बैक्टीरिया युक्त भोजन या मसालेदार भोजन के कारण उल्टी और दस्त होने लगते हैं और शरीर पहले से ज्यादा कमजोर हो जाता है. ऐसे में आप चाहें तो Dehydration और Diarrhea के लिए घर पर ही कुछ असरदार घरेलू उपाय अपना सकते हैं. आइए जानते हैं कि अगर गर्मी के कारण शरीर Diarrhea और Dehydration का शिकार हो गया है तो क्या उपाय करने चाहिए. यह भी जानें कि किस स्थिति में डॉक्टर के पास जाना सही विकल्प है.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/2024-05/screenshot_21.jpg" alt="Dehydration or Diarrhea:" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>Dehydration और Diarrhea से बचने के लिए क्या करें?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">Dehydration होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है और इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए. सादे पानी की जगह नींबू पानी, नारियल पानी, शिकंजी का सेवन करें. मरीज को ओआरएस का घोल दें. इससे उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी हो जाएगी. ऐसे फल खाएं जिनमें पानी अधिक हो. रोजाना दही, छाछ खाएं और समय-समय पर इलेक्ट्रोलाइट का सेवन करते रहें. रोगी को केले और दही को मिलाकर सेवन करना चाहिए, इससे दस्त और दस्त में बहुत राहत मिलती है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन टिप्स की मदद से मिलेगी राहत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आयुर्वेद में सौंफ को सेहत के लिए अच्छा बताया गया है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है. इससे Diarrhea में भी राहत मिलती है और Dehydration भी दूर होता है. चार गिलास पानी में आधा चम्मच सौंफ उबालें. अब उस पानी को ठंडा करके चाय की तरह दिन में तीन से चार बार पिएं. इससे दस्त में आराम मिलेगा. Diarrhea और Dehydration के लिए भी तुलसी काफी असरदार मानी जाती है.</p>
<p style="text-align:justify;">यह दस्त के कारण होने वाले पेट दर्द से राहत देता है और दस्त के बैक्टीरिया को भी मारता है. बाजार में तुलसी का अर्क मिल जाएगा, इसे पानी में घोलकर दिन में तीन से चार बार सेवन करें.</p>
<p style="text-align:justify;">गुड़हल के फूल की चाय पीने से शरीर में पानी की कमी दूर हो जाती है. इसकी चाय बनाकर इसे ठंडा करके दिन में दो बार पीने से दस्त से भी राहत मिलेगी और शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी दूर होगी. इसके साथ ही गिलोय का रस दस्त के लक्षणों को भी कम करता है. यह पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है.</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>डॉक्टर को दिखाना कब आवश्यक है?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि सामान्य तौर पर Dehydration और Diarrhea में घरेलू उपाय अपनाकर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है. लेकिन अगर Diarrhea ज्यादा गंभीर हो गया है या शरीर में पानी की बहुत कमी हो गई है तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए. यदि रोगी को बार-बार दस्त हो रहा हो, बहुत उल्टी हो रही हो तो उसे डॉक्टरी उपचार की आवश्यकता होती है.</p>
<p style="text-align:justify;">जब शरीर में पानी की बहुत अधिक कमी हो जाती है तो रोगी को मतली, सिरदर्द, चक्कर आने के साथ-साथ उल्टी दस्त की भी शिकायत हो जाती है. इसका मतलब है कि <a href="https://www.yugantarpravah.com/health/category-11">Diarrhea </a>गंभीर स्थिति में है और ऐसे में घरेलू उपचार की बजाय डॉक्टर के पास जाना जरूरी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/health/dehydration-home-remedies-and-doctors-advice/article-7144</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 02:13:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Watermelon Adulteration: क्या आप भी खा रहे हैं इंजेक्टेड तरबूज? ऐसे पहचानें</title>
                                    <description><![CDATA[लाल रंग के दिखने वाले तरबूज को खाने से पहले हो जाएं सावधान. कई बार तरबूज के अंदर एरिथ्रोसिन नाम का रसायन इंजेक्शन के माध्यम से अंदर डाल दिया जाता है जिससे तरबूज काटने पर लाल दिखने लगता है. जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं कैसे इसे पहचाने.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/watermelon-adulteration-are-you-also-eating-injected-watermelon-how-to/article-7149"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2024-05/watermelon-adulteration-क्या-आप-भी-खा-रहे-हैं-इंजेक्टेड-तरबूज-ऐसे-पहचानें.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Watermelon Adulteration: </strong>गर्मी का <a href="https://www.yugantarpravah.com/">मौसम </a>है और इस दौरान लोग तरबूज बड़े चाव से खाते हैं. तरबूज स्वाद में भी अच्छा होता है और शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तरबूज को लाल बनाने के लिए उसमें केमिकल मिलाया जाता है? यह रसायन तरबूज को अंदर से लाल बना देता है. इसकी पहचान भी आसानी से नहीं हो पाती है.</p>
<p style="text-align:justify;">तरबूज को लाल बनाने के लिए जो रसायन मिलाया जाता है उसे एरिथ्रोसिन कहते हैं. एरिथ्रोसिन एक प्रकार का रासायनिक यौगिक है. यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) के अनुसार, एरिथ्रोसिन को ई127 कहा जाता है. इसका उपयोग केवल कुछ कॉकटेल और सिरप में ही किया जाना चाहिए. लेकिन भारत में तरबूज को लाल रंग देने के लिए इसमें एरिथ्रोसिन मिलाया जाता है. एरिथ्रोसिन शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है. आइए विशेषज्ञों से इसके बारे में जानते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/2024-05/watermelon-adulteration-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%AA-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%A1-%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A5%82%E0%A4%9C-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82.jpg" alt="Watermelon Adulteration क्या आप भी खा रहे हैं इंजेक्टेड तरबूज ऐसे पहचानें" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>एरिथ्रोसिन शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली के RML अस्पताल के <a href="https://www.tv9hindi.com/health/how-to-check-for-adulteration-in-watermelon-know-from-experts-2623146.html">Dr. Ankit Kumar</a> ने इस बारे में बताया है. डॉ. कुमार के मुताबिक, एरिथ्रोसिन एक रसायन है जो गुलाबी रंग का होता है और इसका इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है. इसका उपयोग कुछ सिरपों को रंग देने के लिए किया जाता है. लेकिन देखा गया है कि इसका उपयोग तरबूज को लाल बनाए रखने के लिए भी किया जाता है. इसे तरबूज़ में इंजेक्ट किया जाता है. बताया जा रहा है कि इंजेक्शन लगने के बाद कच्चा तरबूज अंदर से रंग का दिखने लगता है. जिससे लोग इसकी तरफ खिंचे चले आते हैं.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>किन बीमारियों का खतरा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अगर एरिथ्रोसिन अधिक मात्रा में शरीर में प्रवेश कर जाए तो यह शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. चूहों पर किए गए कुछ शोधों से यह भी पता चला है कि एरिथ्रोसिन में कैंसरकारी घटक होते हैं. यानी इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि इंसानों में कैंसर पर इसके प्रभाव पर कोई शोध नहीं हुआ है. फिर भी इससे बचना जरूरी है. क्योंकि ऐसे मिलावटी तरबूज से पेट खराब और उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है.</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मिलावटी तरबूज जल्दी खराब हो जाते हैं</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">केमिकल युक्त तरबूज जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे उनमें फंगस पनपने का खतरा रहता है. लेकिन लोग इस बात को नहीं समझते और ऐसे तरबूज खा लेते हैं. इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इससे उल्टी, दस्त, कब्ज और पेट में संक्रमण हो सकता है.</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>कैसे पता करें कि तरबूज में रंग की मिलावट है</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">जब आप तरबूज खरीदने जाएं तो सबसे पहले उसका एक टुकड़ा काट लें और उसके ऊपर रुई रगड़ लें. अगर रुई लाल या गुलाबी हो जाए तो इसका मतलब है कि इसमें केमिकल मिला हुआ है, लेकिन अगर रंग नहीं निकलता है तो तरबूज <a href="https://newsagency.srninfosoft.com/">मिलावटी </a>नहीं है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2024 21:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishwa Deepak Awasthi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tips To Manage Sugar Level : मधुमेह रोगियों को नुकसान पहुंचा सकती है ये गर्मी ! ऐसे करें कंट्रोल और बचाव</title>
                                    <description><![CDATA[इन दिनों उत्तर भारत मे भीषण गर्मी (Heat Wave) पड़ रही है, ऐसे में ये गर्मी सबसे ज्यादा मधुमेह रोगियों (Diabetic Patients) को नुकसान पहुंचा सकती है, क्योंकि गर्मी में शुगर लेवल (Sugar Level) बहुत ही ज्यादा बढ़ (Increased) जाता है. ऐसे में इसे कंट्रोल (Control) रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी है. आइए आज के इस आर्टिकल के जरिये जानने की कोशिश करेंगे कि आखिरकार शुगर लेवल को कैसे मेंटेन किया जा सकता है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/sugar-level-in-summer-rising-heat-can-cause-harm-to-diabetic-patients-follow-these-tips/article-7138"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2024-05/summer_increase_sugar_control_.jpg" alt=""></a><br /><h3><strong>गर्मी के समय शुगर रोगियों को होती हैं ये समस्याएं</strong></h3>
<p>इस भीषण गर्मी के बीच शुगर रोगियों को काफी समस्या हो सकती है, क्योकि गर्मी के समय शुगर लेवल एकदम से बढ़ने का खतरा बना रहता है. ऐसे में आम लोगो की अपेक्षा शुगर रोगियों को गर्मी से बचाने की अत्यधिक आवश्यता है जिसे लेकर एक्सपर्ट की राय मानने की आवश्यकता है डॉक्टरों की माने तो गर्मी के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से घटने लगती है जिस वजह से शरीर मे शुगर लेवल भी बढ़ने लगता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्मी की वजह से शरीर से जरूरत से ज्यादा पसीना निकलता है और सही से खानपान पर ध्यान न देना भी एक बड़ा कारण बनकर सामने आता है, इसलिए शुगर रोगियों को खुद का विशेष तौर पर ध्यान रखने की जरूरत है.</p>
<img src="https://www.yugantarpravah.com/media/2024-05/tips_to_manage_sugar_level.jpg" alt="tips_to_manage_sugar_level" width="1280" height="720"></img>
शुगर लेवल कंट्रोल गर्मी में, image credit original source

<h4><strong>इस तरह से करें बचाव</strong></h4>
<p>डॉक्टरों की माने तो गर्मी के मौसम में शुगर रोगियों को पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए इससे शुगर रोगी डिहाइड्रेशन से बच सकेगा जिस वजह से शुगर लेवल भी कंट्रोल रहेगा. इसके लिए मरीज को ज्यादा से ज्यादा दही का सेवन करना चाहिए लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि उसमें चीनी का प्रयोग न करें इसके साथ ही डाइबटीज पेसेंट को अपनी डाइट में फलों को शामिल करना चाहिए जिसमे पपीता, तरबूज और आम जैसे मौसमी फलों को शामिल करना चाहिए, क्योकि ये सभी फल शरीर में पानी की कमी को काफी हद तक पूरा करने के साथ-साथ काफी हद तक पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते है.</p>
<h5><strong>शुगर रोगी इन बातों का रखे ध्यान</strong></h5>
<p>शुगर रोगियों को शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए तम्बाकू, शराब और निकोटिन व कैफीन युक्त चीजो से दूरी बनाने की आवश्यकता है क्योकि इनके सेवन से शरीर में पानी की कमी होती है जिससे शुगर लेवल बढ़ सकता है शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए सबसे जरूरी है रोजाना एक्सरसाइज करें और समय-समय पर शुगर लेवल को भी चेक कराने की जरूरत होती है इसके बाद भी यदि किसी भी प्रकार की कोई समस्या होती है तो तुरंत ही अपने डॉक्टर से परामर्श कर लें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 May 2024 12:25:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Benefits Of Watermelon: आ गया तरबूज का मौसम ! गर्मियों में तरबूज का करें सेवन, मिलेंगे इस तरह के फायदे</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी (Summer) की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में गर्मी में रसीले फलों की मिठास इर्द गिर्द घूमने लगती है. गर्मी में शरीर को हाइड्रेट (Hydrate) करने के लिए पानी का सेवन अत्यधिक करने को कहा जाता है. इस मौसम में तरबूज (Watermelon) का सेवन करना काफी लाभकारी है. क्योंकि एंटी ऑक्सीडेंट (Anti-Oxident) से भरपूर तरबूज में कई लाभकारी गुण छिपे हैं, इसके सेवन से आप अपने शरीर को हाइड्रेट रख सकते हैं. कई बीमारियों से छुटकारा भी पा सकते हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/amazing-benefits-of-eating-watermelon-in-summer-eat-it-like-this/article-7081"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2024-05/benefits_of_watermelon.jpg" alt=""></a><br /><h3><strong>गर्मी आते ही तरबूज की आ जाती है याद</strong></h3>
<p>गर्मियों के मौसम में ताजे रसीले फलों की याद आने लगती है मतलब ऐसे फल जिसमें रस भरा हो जो शरीर को हॉड्रेट (Hydrate) रख सकता हो. मतलब ऐसा रसीला फल जो पानी की कमी न होने दे, सबसे पहले आपको तरबूज (Watermelon) की याद आएगी. तरबूज के काफी लाभकारी गुण बताये गए हैं. क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट होता जो शरीर का ध्यान रखता है. तरबूज का सेवन किस तरह से करना है, कितना करना है, क्या फायदे हैं ये सब आपको हम इस आर्टिकल के जरिये आपको बताएंगे..</p>
<img src="https://www.yugantarpravah.com/media/2024-05/watermelon_benefits_health_news.jpg" alt="watermelon_benefits_health_news"></img>
तरबूज का मौसम, image credit original source

<h4><strong>तरबूज का सेवन करने से शरीर में नहीं होती पानी की कमी</strong></h4>
<p>तरबूज (Watermelon) का मौसम (Weather) शुरू हो चुका है. बाजारों में तरबूज आना शुरू हो गया है. तरबूज के अंदर का लाल रस शरीर के लिए बेहद लाभकारी है. गर्मियों में तरबूज का सेवन कई बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है. एक तो इसके सेवन से शरीर हॉड्रेट बना रहता है जिसकी गर्मी में सबसे ज्यादा जरूरत होती है. मतलब ये पानी की कमी नहीं होने देगा. बाजारों में तरबूज आ गए है लोगों की भीड़ भी तरबूज खरीदने को लेकर जुटने लगी है.</p>
<h5><strong>ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल</strong></h5>
<p>इसके साथी तरबूज के अनगिनत फायदे सामने आए हैं तरबूज को खाने का तरीका नाश्ते के समय या फिर दोपहर के समय खाया जा सकता है. रात में तरबूज खाने से बचना चाहिए. तरबूज शरीर के लिए बेहद लाभकारी है, क्योंकि तरबूज का सेवन करने से पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है. तरबूज में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में है इसके साथ ही यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. इस कारण तरबूज के सेवन करने से वायरल इन्फेक्शन का भी खतरा कम होता है साथ ही तरबूज का सेवन करने से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है क्योंकि इसमें एमीनो एसिड होता है जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर आपका ठीक बना रहेगा.</p>
<h6><strong>तरबूज़ के सेवन के कई लाभकारी गुण</strong></h6>
<p>इसके साथ ही हृदय भी दुरुस्त रहता है तो वही आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है. शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ इसमें इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है तो यह कहा जा सकता है कि तरबूज के अनगिनत फायदे हैं जैसे अगर समयनुसार इसका सेवन किया जाए तो इसके परिणाम सकारात्मक देखे जा सकते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 May 2024 13:14:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mumps Disease Outbreak News: बच्चों में पाई जाने वाली ये बीमारी है बेहद खतरनाक ! समय रहते नहीं करवाया इलाज तो बढ़ सकती है मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[देश भर में मम्प्स बीमारी (Mumps Disease) के कई केस सामने आए हैं. यह इस तरह की वायरस वाली बीमारी है जो एक दूसरे से बड़े ही आसानी से फैलती (Spread) है. ऐसे में इस बीमारी से बचाव के लिए लक्षण (Symptoms) और इलाज (Treatment) को जानना बहुत जरूरी है. आमतौर पर यह बीमारी बच्चों में पाई जाती है, लेकिन सभी के मन में ये सवाल उठ रहा है क्या यह बीमारी बच्चों से बड़ों और बुजुर्गों में भी फैल सकती है आईए जानते हैं इस बीमारी का इलाज और रोकथाम कैसे करें..]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/mumps-disease-is-spreading-rapidly-what-are-the-symptoms/article-7071"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2024-05/mumps_disease_symptoms_news.jpg" alt=""></a><br /><h3><strong>तेजी से बढ़ रहे मम्प्स बीमारी के मामले</strong></h3>
<p>बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्होंने इस बीमारी का अभी तक नाम भी नहीं सुना था, लेकिन बीते कई समय से इस बीमारी से जुड़े कई मरीज देखने को मिले हैं मम्प्स एक तरह की वायरस (Mumps Virus) वाली बीमारी है जिसे गलसुआ (Galsua) भी कहा जाता है आमतौर पर इसका शिकार 5 से 6 साल तक के बच्चे होते हैं इस बीमारी की शुरुआत में बच्चों को तेज बुखार आता है जिसमें अधिकांश मामलों में बच्चों को होस्पिटलाइज तक कराना पड़ता है. यह बीमारी पैरामायोक्सो वायरस के कारण होती है.</p>
<p>ये वायरस पैरोटिड ग्लैंड पर अटैक करता है जब मानव शरीर में पैरामायोक्सो वायरस का प्रवेश होता है तो चहरे और गालों में सूजन आ जाती है जिस वजह से चेहरा सामान्य से ज्यादा फूला हुआ दिखायी देने लगता है जिसका असर कानो तक पहुँच जाता है और अधिकांश केसो में सुनाई तक कम देने लगता है सबसे बड़ी और अहम जानकारी बीमार व्यक्ति के छींकने और खांसने से दुसरो में बहुत ही तेजी से फैलता है.</p>
<img src="https://www.yugantarpravah.com/media/2024-05/mumps_disease_harmful_health.jpg" alt="mumps_disease_harmful_health"></img>
मम्प्स बीमारी, image credit original source

<h4><strong>मम्प्स बीमारी के लक्षण</strong></h4>
<p>जिस किसी को भी मम्प्स की बीमारी हो तो इसे नजरअंदाज नही करना चाहिए, नही तो ये शरीर के बाकी हिस्सों में भी अपना असर दिखाने लगता है जिससे कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती है बात करें यदि इस बीमारी के लक्षणों की तो सबसे पहले शरीर का तापमान बहुत ही तेजी से बढ़ने लगता है जिसके फलस्वरूप शरीर में दर्द, वीकनेस, चेहरे पर सूजन, सर में दर्द और भूख न लगना जैसे लक्षण दिखाई देते है ये सभी लक्षण 15 से 16 दिनों में दिखाई देने लगते है यदि समय रहते इसका इलाज नही करवाया तो इसका परिणाम काफी घातक हो सकता है.</p>
<h5><strong>क्या वयस्क और बुजुर्ग हो सकते है शिकार?</strong></h5>
<p>एक रिसर्च के मुताबिक मम्प्स बीमारी से जुड़े मामले बच्चों के ही आते है लेकिन दुर्भाग्य से अब इस बीमारी से जुड़े काफी मामले देखे जा रहे है. कोरोना काल के दौरान इस बीमारी से रोकथाम के टीको की कमी हो गयी थी. इसलिए अब बच्चों में एक बार फिर से इन केसों में बढ़ोतरी देखी जा रही है हालांकि अभी तक इसका असर वयस्को और बुजुर्गों में नही देखा गया है लेकिन फिर भी ऐसे मरीजों से दूरी बनाना बेहद आवश्यक है ऐसे में इसका इलाज यही है कि, मम्प्स से संक्रमित मरीज को कम से कम 7 दिनों से आइसुलेट रखे साथ ही बार-बार चेहरे को न छुए इसके साथ ही मम्प्स के लक्षण दिखने पर इलाज के साथ साथ टीका आवश्य लगवाए.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/health/mumps-disease-is-spreading-rapidly-what-are-the-symptoms/article-7071</link>
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                <pubDate>Mon, 06 May 2024 15:14:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Shukla]]></dc:creator>
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                <title>Healthy Hair Tips: गर्मियों में बालों की करें ऐसे देखभाल ! स्वस्थ बाल बनाए रखने के लिए लगाएं बालों में तेल</title>
                                    <description><![CDATA[शरीर के हर पार्ट को स्वस्थ (Health) रखना हमारा परम कर्तव्य होना चाहिए. अक्सर हम लोग बालों को लेकर लापरवाह दिखाई देते हैं. गर्मियों (Summer) में खास तौर पर बालों (Hairs) का विशेष ध्यान रखना चाहिए. गर्मी के चलते लोग बालों में तेल (Hair oil) नहीं डाला करते हैं, इसकी वजह से सिर की त्वचा में सूखापन और नमी की कमी होने लगती है. ह्यूमिडिटी (Humidity) के समय बाल उलझते हैं. ऐसे में बालों में तेल लगाने से एक तो सिर की त्वचा में नमी बनी रहती है और बाल भी नहीं उलझते हैं और आप हमेशा स्वस्थ महसूस भी कर सकते हैं.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.yugantarpravah.com/health/take-care-of-hair-in-summer-keep-applying-oil-to-hair-from-time-to-time/article-7067"><img src="https://www.yugantarpravah.com/media/400/2024-05/apply_oil_on_hairs.jpg" alt=""></a><br /><h3><strong>बालों में लगाते रहें तेल, बाल बनेंगे मजबूत</strong></h3>
<p>बालों (Hairs) व सिर की त्वचा की मालिश (Massage) यदि आप तेल से सप्ताह में एक दफा करते हैं तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए काफी बेहतर होता है. एक तो इससे आपका दिमाग संतुलित रहेगा और सिर भी गर्मियों में ठंडा रहेगा. अक्सर देखा जाता है कि भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग गर्मी को देखते हुए बालों में तेल नहीं लगाते हैं जिसके गंभीर परिणाम भी सामने आते हैं.</p>
<p>एक तो बालों का सही समय पर ध्यान न रखने से बाल टूटने लगते हैं, यही नहीं सिर की त्वचा सूखने लगती है और जब उमस बढ़ती है तो बाल एक दूसरे चिपक जाते हैं. फिर बाल खींचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में गर्मियों में बालों में तेल जरूर डालें. खास तौर पर सप्ताह में एक बार सिर्फ बालों में तेल डालकर उसकी हल्की-हल्के हाथों से मालिश करें. सिर की त्वचा तक धीरे-धीरे तेल पहुंचता रहे जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती जाए.</p>
<img src="https://www.yugantarpravah.com/media/2024-05/healthy_hair_tips_news.jpg" alt="healthy_hair_tips_news"></img>
स्वस्थ बाल के लिए लगाएं तेल, image credit original source

<h4><strong>गर्मियों में तेल न लगाने से खोती है त्वचा की नमी</strong></h4>
<p>गर्मियों में देखा जाता है कि गर्मी की वजह से अक्सर बालों में नमी और हाइड्रेशन (Hydration) और क्लोरीन (Chlorine) के सम्पर्क में आने की वजह से नमी छिन जाती है. विशेषज्ञों की माने तो बालों में तेल लगाने से बालों को हाइड्रेशन (Hydration) मिलता है लगातार तेल लगाने से खोई हुई नमी को आप प्राप्त कर सकते हैं. बालों की सुरक्षा और उनकी देखभाल के लिए समय-समय पर बालों में तेल लगाते रहे जिससे बाल टूटने की समस्या ना हो और आपके बाल स्वस्थ दिखाई पड़े. बाल जल्द सफेद होने से बचें रहें.</p>
<h5><strong>बादाम के तेल में होता है फैटी एसिड, सरसों के तेल से करें मालिश</strong></h5>
<p>बादाम के तेल में फैटी एसिड (Fatty Acid) होता है जो uv किरणों से होने वाली हानि बचाने में सहायक है. कोई भी कार्य करते हैं तो सबसे पहले दिमाग और सिर पर प्रेशर बढ़ता है. इसलिए बालों में तेल सिर की त्वचा पर पहले लगाएं जिससे आपके सिर में होने वाली जलन से राहत मिलेगी और आपको ठंडक महसूस होगा. बालों में तेल लगाने का सही तरीका यह है कि अपने बालों को बीच की मांग निकाल कर दो भागों में बांट लें, फिर जड़ों तक सिर की त्वचा पर तेल से मालिश करें फिर बालों में तेल लगाए कुछ घंटे बाद आप शैंपू से बालों को धो सकते हैं इससे आपके बाल स्वस्थ और सुंदर दिखाई देंगे.</p>
<p>सरसों का तेल तो बेहद गुणों से भरपूर है सरसों के तेल में एंटी डैंड्रफ गुण भी पाए जाते हैं, समय-समय पर सरसों के तेल से बालों में मालिश करते है तो एक तो रूसी की समस्या से निजात मिलती हैं. इसके अलावा, स्कैल्प की खुजली और इन्फेक्शन से भी बचाते हैं. आपको अपने बालों को धोने से पहले अपने सिर में सरसों का तेल लगाना है. फिर इसे कुछ देर के लिए छोड़कर सिर धो लेना है. सरसों के तेल लगाने से बाल धोने के बाद काफी मुलायम लगते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.yugantarpravah.com/health/take-care-of-hair-in-summer-keep-applying-oil-to-hair-from-time-to-time/article-7067</link>
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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 12:15:28 +0530</pubDate>
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