फतेहपुर:नाग पंचमी विशेष-शिवमंदिर की एक सांप रोज रात करता है परिक्रमा..ऐसा पिछले तीन सौ वर्षों से हो रहा है!

सावन माह भगवान शिव का महीना माना जाता है।पूरे माह शिवमंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है।इसी सावन माह की पंचमी तिथि को नागपंचमी भी मनाई भी जाती है।इस दिन साँपो की पूजा कर उनको दूध पिलाया जाता है...हम आज आपको युगान्तर प्रवाह की इस रिपोर्ट में एक शिवभक्त साँप की कहानी बताने जा रहे है....

फतेहपुर:पूरे जनपद में कई शिवमंदिर और शिवालय है।जहाँ पूरे सावन माह भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।ऐसा ही एक पाताली शिव मंदिर हंसवा विकास खण्ड के टीसी मिचकी गाँव की सीमा के मध्य स्थित है।इस मंदिर को लोग सदाशिव धाम के नाम से जानते है।
बताया जाता है कि इस मन्दिर में स्थापित शिवलिंग क़रीब 300 वर्ष पहले जमीन के अंदर से प्रकट हुई थी।मन्दिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के लिए वैसे तो पूरे साल क्षेत्र भर से लोग इकट्ठा होते रहते है लेक़िन सावन माह में तो इस मंदिर में भक्तों की विशेष भीड़ देखी जाती है।

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इस मंदिर के मुख्य पुजारी प्रकाशानन्द जी महाराज की माने तो मंदिर का इतिहास क़रीब 300 वर्ष पुराना है।उन्होंने बताया कि यह इलाका पहले घनघोर जंगल हुआ करता था।और यहाँ आस पास के लोग आने से भी डरते थे।लेक़िन एक दिन अचानक एक ग्रामीण को भगवान शिव का सपना हुआ और उन्होंने इस स्थान की खुदाई करने के लिए कहा जिसके बाद गाँव वाले जब उस स्थान पर पहुंचे और खुदाई की तो परिणामस्वरूप यह शिवलिंग मिली।
प्रकाशानंद ने यह भी बताया कि पहले यह शिवलिंग जमीन से ज़्यादा ऊपर नहीं थी लेक़िन धीरे धीरे प्रतिवर्ष यह शिवलिंग ऊपर की ओर आ रही है।

तीन सौ वर्षों से सांप कर रहा है परिक्रमा...

स्थानीय लोगों और मंदिर के पुजारी ने बताया कि एक काला सांप प्रतिदिन रात को बारह बजे इस मंदिर के आस पास देखा जाता है।ग्रामीणों की माने तो यह सांप रोज रात शिवमंदिर की परिक्रमा करने के लिए आता है।

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